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पोस्टमार्टम के इंतजार में कई घंटे तक भटकते रहे परिजन
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:00 AM IST
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पोस्टमार्टम के इंतजार में कई घंटे तक भटकते रहे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। सिविल अस्पताल में एक परिवार अपने संबंधी का शव लेने के लिए कई घंटे तक बैठा रहा। मृतक दीपक के भाई राजन ने बताया कि वह सुबह आठ बजे अस्पताल में शव लेने के लिए आया था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में अर्थी भी रख दी और कहा कि वहां शव यहीं से सीधा श्मशानघाट लेकर जाएंगे। 22 वर्षीय दीपक उर्फ गंजा आलू गोदाम के पास रहता था। गत दिनों उसकी तबीयत खराब होने पर उसे छावनी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बताते हैं कि बीती रात वह अस्पताल से गांधी ग्राउंड के पास पहुंच गया और वीरवार सुबह उसका शव गांधी ग्राउंड के पास पड़ा मिला। दीपक के अस्पताल से गायब होने से अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली पर भी प्रश्न उठने शुरू हो गए हैं। वहीं अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए की जा रही देरी से परेशान परिजनों का कहना था कि पुलिस तो उन्हें पूरा सहयोग कर रही है, लेकिन अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो रहा। हालांकि कुछ समय बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। सिविल अस्पताल में एक परिवार अपने संबंधी का शव लेने के लिए कई घंटे तक बैठा रहा। मृतक दीपक के भाई राजन ने बताया कि वह सुबह आठ बजे अस्पताल में शव लेने के लिए आया था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में अर्थी भी रख दी और कहा कि वहां शव यहीं से सीधा श्मशानघाट लेकर जाएंगे। 22 वर्षीय दीपक उर्फ गंजा आलू गोदाम के पास रहता था। गत दिनों उसकी तबीयत खराब होने पर उसे छावनी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बताते हैं कि बीती रात वह अस्पताल से गांधी ग्राउंड के पास पहुंच गया और वीरवार सुबह उसका शव गांधी ग्राउंड के पास पड़ा मिला। दीपक के अस्पताल से गायब होने से अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली पर भी प्रश्न उठने शुरू हो गए हैं। वहीं अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए की जा रही देरी से परेशान परिजनों का कहना था कि पुलिस तो उन्हें पूरा सहयोग कर रही है, लेकिन अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो रहा। हालांकि कुछ समय बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।