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सिर्फ एक थ्री-जी जैमर के सहारे सेंट्रल जेल

Wed, 08 May 2019 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 12:55 AM IST
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सिर्फ एक थ्री-जी जैमर के सहारे सेंट्रल जेल
अंबाला सिटी। सिक्योरिटी को लेकर जहां आज हर जगह 4 जी जैमर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अंबाला सेंट्रल जेल में आज भी थ्रीजी जैमर लगा है। ऐसे में जेल के अंदर मोबाइल कॉलिंग को रोकना असंभव है। हैरानी की बात तो यह है कि सेंट्रल जेल में सिर्फ एक ही जैमर है। अंबाला सेंट्रल जेल में आए दिन मोबाइल मिलते हैं। इसको लेकर जेल में 12 4जी जैमर लगाने की प्रक्रिया गत वर्ष से चल रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि अधिकारियों का कहना था कि ट्रायल पूरा हो चुका है और जल्द जैमर लगने की उम्मीद है।
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गौर हो कि जेल प्रशासन मोबाइल फोन को कैदियों के पास पहुंचने से रोक नहीं लगा पा रहा है। फिलहाल जेल में एक जैमर लगा हुआ है। यह 3 जी टेक्नोलॉजी का है। यह ओल्ड तकनीकी है। आज के दौर में 4जी पर कॉलिंग हो रही है। नतीजा यह जैमर नाकाम साबित हो रहा है। 4जी का जैमर लगने से वह पूरी तरह प्रभावी होगा और उसके स्थापित होने पर किसी तरह की कॉलिंग पर रोक लग जाएगी।
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विभाग से हरी झंडी मिलने का इंतजार
जेल में सेंट्रल जेल में 12 4-जी जैमर लगाए जाने हैं, जिसका ट्रायल भी लिया जा चुका है। हालांकि जेल में फोर-जी जैमर लगाने की प्रक्रिया गत वर्ष से चल रही थी, 2019 के फाइनेंशियल ईयर में इस योजना को अलजीलामा पहनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है। अभी बताया जा रहा है कि 4जी जैमर इंस्टाल करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके लिए दो कंपनियों को फाइनल किया जा चुका है। अब विशेषज्ञों की टीम तय करेंगी कि किसी कंपनी का ट्रायल ज्यादा कामयाब हुआ। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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यह है जेल से बात करने का नियम
सेंट्रल जेल में बंद कैदी और बंदियों के लिए फोन पर बात करने की सुविधा है। इसके लिए लैंडलाइन फोन पर बात कराई जाती है। नियम यह भी है कि जिनसे बात करनी होती है, उनके नाम व नंबर और रिश्ता पहले जेल अधिकारियों को बताना पड़ता है। उसके बाद यह सुविधा मिलती है।

2018 में अब तक मोबाइल मिलने के दर्ज हो चुके हैं 30 केस
2018 के दिसंबर से अब तक मोबाइल मिलने के 30 केस दर्ज हो चुके हैं। 2017 में 27 तो 2016 में 17 केस मोबाइल मिलने के दर्ज हुए थे। जेल में हर माह चेकिंग के दौरान करीब 4 मोबाइल मिलत हैं।


समय-समय पर जेल में चेकिंग अभियान के दौरान कैदियों के पास से मोबाइल पकड़े जाते हैं। 4-जी जैमर लगाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चकी है। इसको लेकर प्रपोजल भेजा जा चुका है। उम्मीद है जेल में जल्द जैमर लग जाएंगे। इन जैमरों को लेकर ट्रायल भी लिया जा चुका है। जैमर लगने से जेल के अंदर से मोबाइल के जरिये होने वाली कॉलिंग पूरी तौर पर बंद हो जाएगी।
- लखबीर सिंह, सुपरिंटेंडेंट, सेंट्रल जेल अंबाला।
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