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मैं अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती जज साहब, मुझे पढने नहीं देते
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:48 AM IST
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जज साहब! मैं अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती, मुझे पढ़ने नहीं देते
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/नारायणगढ़। जज साहब! मैं अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती हूं। मैं पढ़ना चाहती हूं, लेकिन वह गांव का माहौल खराब बताकर मुझे स्कूल नहीं भेजते हैं। पढ़ने के लिए कहती हूं तो पिटाई करते हैं। ये बातें नारायणगढ़ की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कही तो उनके भी रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने काउंसिलिंग के बाद उसे पंचकूला के बाल सदन में भेजने के आदेश दे दिए। इससे पहले किशोरी ने नारायणगढ़ थाने में परिजनों के खिलाफ शिकायत दी थी। आनन-फानन में में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए उसके बयान सीडब्ल्यूसी सेल अंबाला में मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए।
बता दें कि शुक्रवार को एक किशोरी नारायणगढ़ थाने पहुंची। वह अपने माता-पिता की शिकायत देने लगी तो पुलिस वाले हरकत में आ गए और उसकी पूरी बात सुनी। थाने में दी शिकायत में उसने बताया कि वह गवर्नमेंट स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसी दौरान घरवालों ने गांव का माहौल खराब होने का हवाला देकर उसकी पढ़ाई रुकवा दी। उसने जिद की तो मारपीट की। इसके बाद वह शांत हो गई। उसने कहा कि वह अब चुप नहीं बैठेगी। वह घर से किसी तरह भागकर थाने पहुंची और पूरी सच्चाई बया की।
पुलिस ने दर्ज करवाए बयान
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की को बयान दिलवाने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने लेकर आए। यहां पर लड़की ने मजिस्ट्रेट को बयान दिए। उसने बयान में सारी आपबीती कहकर मजिस्ट्रेट को सुनाई। सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने इस मामले में लड़की को चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी अंबाला के पास भेजने के आदेश दे दिए हैं।
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थाने में शिकायत मिलने के बाद लड़की को मजिस्ट्रेट के सामने बयान करवाए गए हैं। फिलहाल लड़की को मजिस्ट्रेट के आदेशों के बाद चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी अंबाला के पास भेजा गया है, जबकि आगामी कार्रवाई जारी है।
- सुरेश पाल, एसएचओ, नारायणगढ़ थाना
इस तरह का मामला हमारे पास आया था। बयान के बाद लड़की की काउंसिलिंग करवाई गई। उसने माता-पिता के साथ रहने से मना कर दिया तो पंचकूला बाल सदन भेज दिया गया।
-मोहित अग्रवाल, सीडब्ल्यूसी सेल, अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/नारायणगढ़। जज साहब! मैं अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती हूं। मैं पढ़ना चाहती हूं, लेकिन वह गांव का माहौल खराब बताकर मुझे स्कूल नहीं भेजते हैं। पढ़ने के लिए कहती हूं तो पिटाई करते हैं। ये बातें नारायणगढ़ की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कही तो उनके भी रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने काउंसिलिंग के बाद उसे पंचकूला के बाल सदन में भेजने के आदेश दे दिए। इससे पहले किशोरी ने नारायणगढ़ थाने में परिजनों के खिलाफ शिकायत दी थी। आनन-फानन में में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए उसके बयान सीडब्ल्यूसी सेल अंबाला में मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए।
बता दें कि शुक्रवार को एक किशोरी नारायणगढ़ थाने पहुंची। वह अपने माता-पिता की शिकायत देने लगी तो पुलिस वाले हरकत में आ गए और उसकी पूरी बात सुनी। थाने में दी शिकायत में उसने बताया कि वह गवर्नमेंट स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसी दौरान घरवालों ने गांव का माहौल खराब होने का हवाला देकर उसकी पढ़ाई रुकवा दी। उसने जिद की तो मारपीट की। इसके बाद वह शांत हो गई। उसने कहा कि वह अब चुप नहीं बैठेगी। वह घर से किसी तरह भागकर थाने पहुंची और पूरी सच्चाई बया की।
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पुलिस ने दर्ज करवाए बयान
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की को बयान दिलवाने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने लेकर आए। यहां पर लड़की ने मजिस्ट्रेट को बयान दिए। उसने बयान में सारी आपबीती कहकर मजिस्ट्रेट को सुनाई। सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने इस मामले में लड़की को चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी अंबाला के पास भेजने के आदेश दे दिए हैं।
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थाने में शिकायत मिलने के बाद लड़की को मजिस्ट्रेट के सामने बयान करवाए गए हैं। फिलहाल लड़की को मजिस्ट्रेट के आदेशों के बाद चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी अंबाला के पास भेजा गया है, जबकि आगामी कार्रवाई जारी है।
- सुरेश पाल, एसएचओ, नारायणगढ़ थाना
इस तरह का मामला हमारे पास आया था। बयान के बाद लड़की की काउंसिलिंग करवाई गई। उसने माता-पिता के साथ रहने से मना कर दिया तो पंचकूला बाल सदन भेज दिया गया।
-मोहित अग्रवाल, सीडब्ल्यूसी सेल, अंबाला