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भाई का शव समझकर कराया पोस्टमार्टम, फिर हाथ पर टैंटू देख शव लेने से किया इनकार
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सगा भाई समझकर कराया पोस्टमार्टम, फिर टैंटू देख शव लेने से किया इनकार
देवी नगर स्थित झाड़ियों में मिले शव को कपड़ों के आधार पर समझा था अपना
मुंबई निवासी मुकेश कुमार का भाई मनोज हो गया था लापता, आखिरी लोकेशन अंबाला शहर में मिली थी
सोनीपत के खानपुर कलां में कराया गया था पोस्टमार्टम
संवाद, न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला में मिले एक शव के कपड़ों को देखकर मुंबई के मुकेश कुमार का हृदय पसीज गया। उसकी आंखों से आंसू बहने लगे और पूरा परिवार शोकाकुल हो गया। उसे लगा कि शव उसके भाई का था। शव को लेने भाई मुकेश अंबाला पहुंचा। चूंकि शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। इसीलिए अंबाला सिविल अस्पताल से उसे मुकेश के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के खानपुर कोलियां भेज दिया गया। वहां पर पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने मृतक की बाजू पर लिखे सोनू और आशा नाम का टैंटू मुकेश को दिखाया तो उसने ने शव लेने से तुरंत इंकार कर दिया। कहा कि यह उसका भाई मनोज नहीं है। क्योंकि मनोज के हाथ पर कोई नाम गुदा हुआ नहीं था।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 20 अक्तूबर को अंबाला पुलिस को देवीनगर की झाड़ियों में एक क्षत-विक्षत शव मिला था। मोर्चरी में रखवाई बाडी की पहचान के लिए मृतक के हुलिए, हाव-भाव दिखाते पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पाए गए। उधर मुंबई के मुकेश कुमार को भी इसकी सूचना दी गई। मुंबई के मुकेश कुमार का भाई मनोज कुमार कई दिनों से लापता था। वह जालंधर के लिए निकला था लेकिन अभी तक वापस नहीं आया।
मनोज के लापता होने की डीडीआर जालंधर के डिवीजन नंबर दो में दर्ज है। परिवार उसे ढूंढ रहा था और उसकी आखिरी लोकेशन डेराबसी आई जोकि अंबाला शहर से करीब 25 किमी पंजाब में पड़ता है। परिजन उसे तलाश रहे थे और अंबाला के सभी थानों में भी चक्कर लगा चुके थे। जैसे ही अंबाला की सदर पुलिस को 20 अक्तूबर को क्षत-विक्षत शव मिला तो पुलिस ने तुरंत मुकेश को सूचना दी। यहां आकर मुकेश व उसके दोस्तों को लगा कि शव उसके भाई मनोज का ही है। इसीलिए पुलिस ने उनके साथ शव को पोस्टमार्टम के सोनीपत के खानपुर कोलियां भेज दिया था।
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मुंबई के परिवार ने शव की पहचान मनोज के तौर पर की थी लेकिन टैंटू देखकर वे पलट गए और शव ले जाने से इनकार कर दिया। यदि निर्धारित समय में पहचान नहीं हुई तो शुक्रवार दाह संस्कार कराया जाएगा। पहचान के अभी प्रयास जारी हैं।
-सुरेश कुमार, सदर थाना प्रभारी।
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देवी नगर स्थित झाड़ियों में मिले शव को कपड़ों के आधार पर समझा था अपना
मुंबई निवासी मुकेश कुमार का भाई मनोज हो गया था लापता, आखिरी लोकेशन अंबाला शहर में मिली थी
सोनीपत के खानपुर कलां में कराया गया था पोस्टमार्टम
संवाद, न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला में मिले एक शव के कपड़ों को देखकर मुंबई के मुकेश कुमार का हृदय पसीज गया। उसकी आंखों से आंसू बहने लगे और पूरा परिवार शोकाकुल हो गया। उसे लगा कि शव उसके भाई का था। शव को लेने भाई मुकेश अंबाला पहुंचा। चूंकि शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। इसीलिए अंबाला सिविल अस्पताल से उसे मुकेश के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के खानपुर कोलियां भेज दिया गया। वहां पर पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने मृतक की बाजू पर लिखे सोनू और आशा नाम का टैंटू मुकेश को दिखाया तो उसने ने शव लेने से तुरंत इंकार कर दिया। कहा कि यह उसका भाई मनोज नहीं है। क्योंकि मनोज के हाथ पर कोई नाम गुदा हुआ नहीं था।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 20 अक्तूबर को अंबाला पुलिस को देवीनगर की झाड़ियों में एक क्षत-विक्षत शव मिला था। मोर्चरी में रखवाई बाडी की पहचान के लिए मृतक के हुलिए, हाव-भाव दिखाते पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पाए गए। उधर मुंबई के मुकेश कुमार को भी इसकी सूचना दी गई। मुंबई के मुकेश कुमार का भाई मनोज कुमार कई दिनों से लापता था। वह जालंधर के लिए निकला था लेकिन अभी तक वापस नहीं आया।
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मनोज के लापता होने की डीडीआर जालंधर के डिवीजन नंबर दो में दर्ज है। परिवार उसे ढूंढ रहा था और उसकी आखिरी लोकेशन डेराबसी आई जोकि अंबाला शहर से करीब 25 किमी पंजाब में पड़ता है। परिजन उसे तलाश रहे थे और अंबाला के सभी थानों में भी चक्कर लगा चुके थे। जैसे ही अंबाला की सदर पुलिस को 20 अक्तूबर को क्षत-विक्षत शव मिला तो पुलिस ने तुरंत मुकेश को सूचना दी। यहां आकर मुकेश व उसके दोस्तों को लगा कि शव उसके भाई मनोज का ही है। इसीलिए पुलिस ने उनके साथ शव को पोस्टमार्टम के सोनीपत के खानपुर कोलियां भेज दिया था।
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मुंबई के परिवार ने शव की पहचान मनोज के तौर पर की थी लेकिन टैंटू देखकर वे पलट गए और शव ले जाने से इनकार कर दिया। यदि निर्धारित समय में पहचान नहीं हुई तो शुक्रवार दाह संस्कार कराया जाएगा। पहचान के अभी प्रयास जारी हैं।
-सुरेश कुमार, सदर थाना प्रभारी।