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धोखाधड़ी में फंसा नांदरा परिवार
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कैंट के मशहूर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नांदरा व उनका पूरा परिवार लाखों रुपये के फ्रॉड में फंस गया है। पुलिस कई महीने से इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर अब पुलिस ने डॉ. अशोक नांदरा के साथ उनकी बेटी डॉ. अपराजिता नांदरा पति डॉ. सुधांशु नांदरा, डॉ. कार्तिक नांदरा व मंजू नांदरा के खिलाफ साजिशन धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पंजाब पुलिस भी इस मामले की जांच कर चुकी है। अब डीएसपी नारायणगढ़ को जांच का जिम्मा दिया गया था।
दो संस्थाओं के खातों में हुआ फ्रॉड
दिल्ली के लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. संजय शर्मा की ओर से पुलिस को धोखाधड़ी के इस मामले की शिकायत दी गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि देशभर के चिकित्सकों से जुड़ी दो संस्थाओं यूरोगाइनोलोजी एंड पेलविक हेल्थ एसोसिएशन (यूपीएचएएन) तथा सोसायटी ऑफ कास्मेटिक जिनेकॉलोजी के जरिए धोखाधड़ी का पूरा खेल हुआ। उन्होंने बताया कि डॉ. अपराजिता नांदरा दोनों संस्थाओं में कैशियर व चीफ कोआर्डिनेटर की भूमिका में थी। इसी वजह से दोनों संस्थाओं की फाइनेंशियल व प्रशासनिक गतिवधियां उसके हाथों में थी। अक्तूबर 2017 में दिल्ली में हुई पहली वर्ल्ड कांग्रेस रिकंस्ट्रेक्टिव कॉस्मेटिक गाइनोकोलोजी में हुए लेनदेन का पूरा संचालन डॉ. अपराजिता ने ही किया था। कर्नल शर्मा ने बताया कि 6 मार्च 2018 को डॉ. अपराजिता ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। ईमेल से भेजे गए इस्तीफे को लेकर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी भी बेहद हैरान थे। तभी डॉ. अपराजिता संदेह के घेरे में आ गई। शर्मा ने बताया कि इस्तीफे को लेकर डॉ. अपराजिता से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उसने रिस्पांस नहीं दिया न ही संस्थाओं के खातों में हुए लेनदेन को लेकर कोई सूचना दी गई।
जांच में मिला लाखों का फ्रॉड
कर्नल संजय ने बताया कि इसके बाद दोनों संस्थाओं के खातों की जांच हुई तो लाखों रूपये का फ्रॉड उजागर हो गया। उन्होंने बताया कि डॉ. अपराजिता नांदरा अस्पताल की कर्मचारी अमन नागपाल के नाम से खातों से पैसा निकालती रही। जबकि अमन पुलिस जांच में इस बात से इंकार कर चुकी कि उसे डॉ. अपराजिता की ओर से कोई पैसा नहीं मिला। शर्मा ने बताया कि लाखों रुपये की भारतीय करंसी के अलावा अमेरिकी डॉलर व यूरोपीय डॉलर्स में आई बड़ी रकम का डॉ. अपराजिता ने कोई हिसाब नहीं दिया। उल्टा शिकायत करने पर पूरे परिवार ने उन्हें धमकाने की कोशिश की। शर्मा ने बताया कि डॉ. अपराजिता के साथ पूरी साजिश में पति डॉ. सुधांशु नांदरा, डॉ. कार्तिक नांदरा, मंजू नांदरा तथा खुद हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नांदरा भी शामिल हैं।
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गिरफ्तारी के डर से चली गई थी विदेश
कर्नल संजय ने बताया कि एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन पंजाब से होने के कारण पहले मामले की शिकायत पंजाब पुलिस को दी थी। पंजाब पुलिस ने जब मामे की गंभीरता से जांच शुरू की तो डॉ. अपराजिता उसमें शामिल ही नहीं हुई। उल्टा जांच से बचने के लिए वह चुपचाप यूएई चली गई। तब पंजाब पुलिस ने कई बार डॉ. नांदरा पर दबाव डाला था। हालांकि बढ़े दबाव के भारत लौटने पर डॉ. अपराजिता ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर एक शिकायत भी दी थी। मगर बाद में उसने शिकायत वापस ले ली। अब कैंट पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धारा के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद डीडीए की राय पर यह मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच डीएसपी नारायणगढ़ कर रहे हैं। केस दर्ज होने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जाएंगे ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
नरेंद्र राणा, एचएचओ, थाना, अंबाला कैंट
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दो संस्थाओं के खातों में हुआ फ्रॉड
दिल्ली के लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. संजय शर्मा की ओर से पुलिस को धोखाधड़ी के इस मामले की शिकायत दी गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि देशभर के चिकित्सकों से जुड़ी दो संस्थाओं यूरोगाइनोलोजी एंड पेलविक हेल्थ एसोसिएशन (यूपीएचएएन) तथा सोसायटी ऑफ कास्मेटिक जिनेकॉलोजी के जरिए धोखाधड़ी का पूरा खेल हुआ। उन्होंने बताया कि डॉ. अपराजिता नांदरा दोनों संस्थाओं में कैशियर व चीफ कोआर्डिनेटर की भूमिका में थी। इसी वजह से दोनों संस्थाओं की फाइनेंशियल व प्रशासनिक गतिवधियां उसके हाथों में थी। अक्तूबर 2017 में दिल्ली में हुई पहली वर्ल्ड कांग्रेस रिकंस्ट्रेक्टिव कॉस्मेटिक गाइनोकोलोजी में हुए लेनदेन का पूरा संचालन डॉ. अपराजिता ने ही किया था। कर्नल शर्मा ने बताया कि 6 मार्च 2018 को डॉ. अपराजिता ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। ईमेल से भेजे गए इस्तीफे को लेकर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी भी बेहद हैरान थे। तभी डॉ. अपराजिता संदेह के घेरे में आ गई। शर्मा ने बताया कि इस्तीफे को लेकर डॉ. अपराजिता से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उसने रिस्पांस नहीं दिया न ही संस्थाओं के खातों में हुए लेनदेन को लेकर कोई सूचना दी गई।
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जांच में मिला लाखों का फ्रॉड
कर्नल संजय ने बताया कि इसके बाद दोनों संस्थाओं के खातों की जांच हुई तो लाखों रूपये का फ्रॉड उजागर हो गया। उन्होंने बताया कि डॉ. अपराजिता नांदरा अस्पताल की कर्मचारी अमन नागपाल के नाम से खातों से पैसा निकालती रही। जबकि अमन पुलिस जांच में इस बात से इंकार कर चुकी कि उसे डॉ. अपराजिता की ओर से कोई पैसा नहीं मिला। शर्मा ने बताया कि लाखों रुपये की भारतीय करंसी के अलावा अमेरिकी डॉलर व यूरोपीय डॉलर्स में आई बड़ी रकम का डॉ. अपराजिता ने कोई हिसाब नहीं दिया। उल्टा शिकायत करने पर पूरे परिवार ने उन्हें धमकाने की कोशिश की। शर्मा ने बताया कि डॉ. अपराजिता के साथ पूरी साजिश में पति डॉ. सुधांशु नांदरा, डॉ. कार्तिक नांदरा, मंजू नांदरा तथा खुद हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नांदरा भी शामिल हैं।
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गिरफ्तारी के डर से चली गई थी विदेश
कर्नल संजय ने बताया कि एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन पंजाब से होने के कारण पहले मामले की शिकायत पंजाब पुलिस को दी थी। पंजाब पुलिस ने जब मामे की गंभीरता से जांच शुरू की तो डॉ. अपराजिता उसमें शामिल ही नहीं हुई। उल्टा जांच से बचने के लिए वह चुपचाप यूएई चली गई। तब पंजाब पुलिस ने कई बार डॉ. नांदरा पर दबाव डाला था। हालांकि बढ़े दबाव के भारत लौटने पर डॉ. अपराजिता ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर एक शिकायत भी दी थी। मगर बाद में उसने शिकायत वापस ले ली। अब कैंट पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धारा के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद डीडीए की राय पर यह मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच डीएसपी नारायणगढ़ कर रहे हैं। केस दर्ज होने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जाएंगे ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
नरेंद्र राणा, एचएचओ, थाना, अंबाला कैंट