फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Cow dies due to lumpi disease, workers of Hudda Rodi contractor are refusing to lift the dead animal

लंपी रोग से गाय की मौत, हड्डा रोड़ी ठेकेदार के कारिंदे मृत पशु उठाने से कर रहे इंकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Aug 2022 01:12 AM IST
विज्ञापन
Cow dies due to lumpi disease, workers of Hudda Rodi contractor are refusing to lift the dead animal
धर्म सिंह
विज्ञापन

अंबाला सिटी। लंपी त्वचा रोग का कहर बढ़ता जा रहा है। एक पशु की मौत लंपी रोग से हुई है। इसकी पुष्टि पशुपालक विभाग के अधिकारी ने की है। दूसरी ओर, शहर में हड्डा रोड़ी ठेकेदार के कारिंदों ने मरे हुए पशुओं को उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीण इलाकों में पशुपालक जेसीबी से गड्ढा खोदकर पशुओं को दफनाने को मजबूर हो रहे है। ऐसे में पशुओं की संदिग्ध मौत के बाद उन्हें खुले में छोड़ने से बीमारी फैलाने का खतरा मंडराने लगा है। हालतों को देखते हुए नगर निगम की तरफ से अब ठेका एक बार फिर अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने बताया कि यमुनानगर और पंचकूला से ठेका देने के लिए नई फर्मों को बुलाया गया है। बता दें कि जिले में लंपी त्वचा रोग की चपेट में आने वाले पशुओं का आंकड़ा 500 के पार पहुंचा चुका है। संवाद
जेसीबी संचालक वसूल रहे मनमाने दाम
मरे हुए पशुओं को हड्डा रोड़ी ठेकेदार के कारिंदे द्वारा न उठाने पर डेयरी कांप्लेक्स कांवला व खतौली के पशुपालकों में रोष है। पशु दफनाने के लिए जेसीबी संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। डेयरी कांप्लेक्स कांवला के संचालकों का कहना है कि पशु दफनाने के लिए पहली बार 1700 रुपये लिए और दूसरी बार में दाम दो हजार रुपये कर दिए। बता दें कि डेयरी संचालक गत दिवस नगर निगम कार्यालय में कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंप चुके हैं। ईईओ जरनैल सिंह ने उन्हें जल्द ही इस समस्या का समाधान करने की बात कही थी, लेकिन सात दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मृत पशुओं को उठाने की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
विज्ञापन

15 पशुओं की हो चुकी मौत
डेयरी एसोसिएशन कांवला के प्रधान ऋषि पाल ने बताया कि उनके डेयरी कॉम्पलेक्स में अभी तक 15 पशुओं की मौत हो चुकी है। यही नहीं सड़कों पर व नालियों में भी कई पशु मृत पाए गए। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वह डेयरी कांप्लेक्स के हैं या किसी अन्य लोगों ने उन्हें वहां गिराया है। हड्डा रोड़ी ठेकेदार के कर्मचारी मृत पशुओं को उठाने नहीं आ रहे थे। ऐसे में मृत पशुओं को कोई खुले में गिरा भी सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुपालन विभाग की जिम्मेदारी
गोपालदास डेयरी संचालक ने बताया कि पशुपालन पर ही उनका सारा जीवन निर्वाह हो रहा है। उनके पशु बीमार हो रहे हैं, यह उनके लिए चिंता का विषय है। पशुपालन विभाग की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह उनके पशुओं के लिए सही उपचार व उचित सलाह प्रदान करें। ताकि संक्रमण को रोका जा सके। उनके लिए मरे हुए पशुओं को न उठाना चिंता का विषय है। इसके लिए नगर निगम को जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए

हड्डा रोड़ी का ठेका अलॉट करने के लिए यमुनानगर, पंचकूला आदि जगहों से नई फर्मों को बुलाया है, ताकि उचित समय पर वह मृत पशुओं को उठा सकें। सोमवार को फैसला लिया जाएगा।
-सुनील दत्त, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed