{"_id":"6270422434f86c075a07cd71","slug":"corporation-meeting-was-uproar-budget-of-138-crores-passed-ambala-news-knl1068990138","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामेदार रही निगम की बैठक, 138 करोड़ का बजट पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामेदार रही निगम की बैठक, 138 करोड़ का बजट पास
विज्ञापन
हंगामे के बीच सोमवार को नगर निगम में 138 करोड़ का बजट पास किया गया। खास बात यह रही कि 118 करोड़ के प्रस्तावित बजट को सर्वसम्मति से बढ़ाया गया। वहीं सदन में भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कमेटी गठित कर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। करीब 11 बजे शुरू हुई सदन की बैठक ढाई घंटे तक चली और 1.30 बजे समाप्त हुई।
नगर निगम में बजट पास करने को लेकर बुलाई गई विशेष बैठक हंगामेदार रही। शुरुआत में ही पार्षद टोनी चौधरी भ्रष्टाचार विरोधी और गृहमंत्री के समर्थन में नारेबाजी करते तथा हाथ में पोस्टर लिए सदन में पहुंचे। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। फिर वहीं धरने पर बैठ गए। पार्षद के इस रवैये से खफा अन्य पार्षद भी सामने आ गए। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो मेयर शक्तिरानी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने जमीन पर धरना दे रहे पार्षद से सीट पर बैठने को कहा, लेकिन पार्षद उठने को तैयार नहीं हुए। इसी दौरान सेनेटरी इंस्पेक्टर रिक्की भी सदन में पहुंच गए और भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने पर बैठे पार्षद पर ही रुपये मांगने के आरोप लगाए। इसे लेकर पार्षद और सेनेटरी इंस्पेक्टर में जमकर नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख निगम कर्मचारियों और पुलिस ने सेनेटरी इंस्पेक्टर को सदन से बाहर कर दिया। फिर भी पार्षद टोनी चौधरी सदन के बीच धरने पर बैठे रहे। इसके बाद विभिन्न मुद्दों पर सदन में चली बातचीत के दौरान पार्षदों ने अधिकारियों से सीधे सवाल किए। इसमें से कई मुद्दों पर पूरे सदन ने सहमति जताते हुए, अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। कई मुद्दों पर कमेटी भी गठित की गई और जांच में कमी होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया।
अमरूत योजना के मुद्दे पर हुई जमकर बहस
अमरूत योजना के मुद्दे पर काफी देर तक पार्षदों के बीच बहस हुई। एक बार तो पार्षद हितेष जैन, राजेश मेहता और जसबीर के बीच काफी गहमा गहमी हुई। पार्षदों ने अमरूत योजना के तहत की जाने वाले जांच को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब से न तो पार्षद संतुष्ट हुए और न ही मेयर। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 25 प्रतिशत तक जांच पूरी कर ली है जिसकी रिपोर्ट एडीसी को सौंपी गई है। अब आगामी जांच उनकी ही निगरानी में चल रही है। जब पार्षदों ने पूछा कि 25 प्रतिशत जांच में क्या निकला तो अधिकारियों ने कहा कि पानी की पाइप लाइन भी कहीं दो फुट तो कहीं छह फुट पर डाली है, इससे खफा मेयर ने स्पष्टीकरण के लिए अधिकारियों से एडीसी के साथ बैठक करवाने की मांग की।
विज्ञापन
--------------------------
पार्षद बोले- वार्ड में काम की उन्हें नहीं दी जाती जानकारी
पार्षदों ने आरोप लगाए कि उनके वार्ड में जो भी काम होते हैं, उसके बारे में पार्षदों को ही जानकारी नहीं होती है। जबकि पिछली बैठक में इसको लेकर सहमति बनी थी। इस बात से खफा मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन-जिन वार्डों में काम हुए हैं और उन अधिकारियों व कर्मचारियों ने पार्षदों को सूचित नहीं किया, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही आगे से इस बात का विशेष ध्यान रखें कि काम शुरू होने से पहले पार्षद को जानकारी दें। यही नहीं बिना हाउस की बैठक में एजेंडे पास करवाए टेंडर नहीं लगाएं।
-------------------------
एनडीसी जांच को लेकर बनेगी कमेटी
एनडीसी का मुद्दा भी बैठक में जोरदार ढंग से उठा। इस दौरान सभी पार्षदों ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि निगम में कर्मचारियों ने कमाई का अच्छा जरिया बनाया हुआ है, वह डोमेस्टिक को व्यावसायिक प्रॉपर्टी दिखाकर टैक्स ज्यादा बनाकर नोटिस थमा देते हैं और जब व्यक्ति टैक्स ठीक करवाने आता है तो हजारों रुपये लेकर उसकी आईडी ठीक कर दी जाती है। यह भ्रष्टाचार काफी समय से चल रहा है। इस पर मेयर ने भी शिकायतें मिलने की बात कही। इस पर कमेटी बनाने की मांग उठी। निर्णय लिया गया कि अगर कोई कर्मचारी व अधिकारी इसमें संलिप्त मिलता है तो उसको तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाएगा। इस पर सभी ने सहमति जताई।
-----------------------
सामुदायिक भवनों के रखरखाव की व्यवस्था करे निगम
बैठक में सामुदायिक भवनों का भी मुद्दा उठा। इसमें मेयर ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक भवनों को दुरुस्त करवाया जाए और सामान्य वर्ग के लिए 11 हजार रुपये और बीपीएल वालों के लिए 51 सौ रुपये किराया लिया जाए।
--------------------
यह भी उठे मुद्दे
- गोशाला का जल्द से जल्द निर्माण किया जाए
- जो कार्य रूके हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द करवाया जाए
- ठेकेदार के काम छोड़ने पर अधिकारियों की जवाबदेही हो
- कार्य ठेकेदार को देने के बाद नियमित अंतराल के बाद जांच हो
- जिन गांव में व्यवस्था नहीं है, वहां के लोगों से टैक्स न लिया जाए
- पार्कों के रखरखाव के लिए जो टेंडर दिया गया है उसकी जांच हो
- पानी की समस्या का समाधान हो
- पंचायती जमीन की नीलामी की सूचना पार्षद को दी जाए
- वार्ड के अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा किया जाए
- टैक्स की रिकवरी जल्द से जल्द की जाए
----------------------------
आज बजट की बैठक हुई है। शुरुआत में थोड़ा हंमागा हुआ, परंतु बाद में सभी पार्षदों की सहमति से बजट पास हो गया है। कई मुद्दों पर कमेटी गठित की गई है। इसमें एनडीसी का मुख्य मुुद्दा है। इस पर जांच होगी।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम अंबाला।
-----------------------
विज्ञापन
नगर निगम में बजट पास करने को लेकर बुलाई गई विशेष बैठक हंगामेदार रही। शुरुआत में ही पार्षद टोनी चौधरी भ्रष्टाचार विरोधी और गृहमंत्री के समर्थन में नारेबाजी करते तथा हाथ में पोस्टर लिए सदन में पहुंचे। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। फिर वहीं धरने पर बैठ गए। पार्षद के इस रवैये से खफा अन्य पार्षद भी सामने आ गए। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो मेयर शक्तिरानी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने जमीन पर धरना दे रहे पार्षद से सीट पर बैठने को कहा, लेकिन पार्षद उठने को तैयार नहीं हुए। इसी दौरान सेनेटरी इंस्पेक्टर रिक्की भी सदन में पहुंच गए और भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने पर बैठे पार्षद पर ही रुपये मांगने के आरोप लगाए। इसे लेकर पार्षद और सेनेटरी इंस्पेक्टर में जमकर नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख निगम कर्मचारियों और पुलिस ने सेनेटरी इंस्पेक्टर को सदन से बाहर कर दिया। फिर भी पार्षद टोनी चौधरी सदन के बीच धरने पर बैठे रहे। इसके बाद विभिन्न मुद्दों पर सदन में चली बातचीत के दौरान पार्षदों ने अधिकारियों से सीधे सवाल किए। इसमें से कई मुद्दों पर पूरे सदन ने सहमति जताते हुए, अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। कई मुद्दों पर कमेटी भी गठित की गई और जांच में कमी होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
अमरूत योजना के मुद्दे पर हुई जमकर बहस
अमरूत योजना के मुद्दे पर काफी देर तक पार्षदों के बीच बहस हुई। एक बार तो पार्षद हितेष जैन, राजेश मेहता और जसबीर के बीच काफी गहमा गहमी हुई। पार्षदों ने अमरूत योजना के तहत की जाने वाले जांच को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब से न तो पार्षद संतुष्ट हुए और न ही मेयर। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 25 प्रतिशत तक जांच पूरी कर ली है जिसकी रिपोर्ट एडीसी को सौंपी गई है। अब आगामी जांच उनकी ही निगरानी में चल रही है। जब पार्षदों ने पूछा कि 25 प्रतिशत जांच में क्या निकला तो अधिकारियों ने कहा कि पानी की पाइप लाइन भी कहीं दो फुट तो कहीं छह फुट पर डाली है, इससे खफा मेयर ने स्पष्टीकरण के लिए अधिकारियों से एडीसी के साथ बैठक करवाने की मांग की।
विज्ञापन
--------------------------
पार्षद बोले- वार्ड में काम की उन्हें नहीं दी जाती जानकारी
पार्षदों ने आरोप लगाए कि उनके वार्ड में जो भी काम होते हैं, उसके बारे में पार्षदों को ही जानकारी नहीं होती है। जबकि पिछली बैठक में इसको लेकर सहमति बनी थी। इस बात से खफा मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन-जिन वार्डों में काम हुए हैं और उन अधिकारियों व कर्मचारियों ने पार्षदों को सूचित नहीं किया, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही आगे से इस बात का विशेष ध्यान रखें कि काम शुरू होने से पहले पार्षद को जानकारी दें। यही नहीं बिना हाउस की बैठक में एजेंडे पास करवाए टेंडर नहीं लगाएं।
-------------------------
एनडीसी जांच को लेकर बनेगी कमेटी
एनडीसी का मुद्दा भी बैठक में जोरदार ढंग से उठा। इस दौरान सभी पार्षदों ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि निगम में कर्मचारियों ने कमाई का अच्छा जरिया बनाया हुआ है, वह डोमेस्टिक को व्यावसायिक प्रॉपर्टी दिखाकर टैक्स ज्यादा बनाकर नोटिस थमा देते हैं और जब व्यक्ति टैक्स ठीक करवाने आता है तो हजारों रुपये लेकर उसकी आईडी ठीक कर दी जाती है। यह भ्रष्टाचार काफी समय से चल रहा है। इस पर मेयर ने भी शिकायतें मिलने की बात कही। इस पर कमेटी बनाने की मांग उठी। निर्णय लिया गया कि अगर कोई कर्मचारी व अधिकारी इसमें संलिप्त मिलता है तो उसको तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाएगा। इस पर सभी ने सहमति जताई।
-----------------------
सामुदायिक भवनों के रखरखाव की व्यवस्था करे निगम
बैठक में सामुदायिक भवनों का भी मुद्दा उठा। इसमें मेयर ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक भवनों को दुरुस्त करवाया जाए और सामान्य वर्ग के लिए 11 हजार रुपये और बीपीएल वालों के लिए 51 सौ रुपये किराया लिया जाए।
--------------------
यह भी उठे मुद्दे
- गोशाला का जल्द से जल्द निर्माण किया जाए
- जो कार्य रूके हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द करवाया जाए
- ठेकेदार के काम छोड़ने पर अधिकारियों की जवाबदेही हो
- कार्य ठेकेदार को देने के बाद नियमित अंतराल के बाद जांच हो
- जिन गांव में व्यवस्था नहीं है, वहां के लोगों से टैक्स न लिया जाए
- पार्कों के रखरखाव के लिए जो टेंडर दिया गया है उसकी जांच हो
- पानी की समस्या का समाधान हो
- पंचायती जमीन की नीलामी की सूचना पार्षद को दी जाए
- वार्ड के अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा किया जाए
- टैक्स की रिकवरी जल्द से जल्द की जाए
----------------------------
आज बजट की बैठक हुई है। शुरुआत में थोड़ा हंमागा हुआ, परंतु बाद में सभी पार्षदों की सहमति से बजट पास हो गया है। कई मुद्दों पर कमेटी गठित की गई है। इसमें एनडीसी का मुख्य मुुद्दा है। इस पर जांच होगी।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम अंबाला।
-----------------------