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डायलिसिस की महिला मरीज को कोरोना और ब्लैक फंगस
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डायलिसिस विंग में ब्लैक फंगस व कोरोना संक्रमित बुजुर्ग का उपचार करते डॉक्टर।
- फोटो : Ambala
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले तो कोरोना संक्रमित मरीज और ठीक होने वाले ही इस फंगस का शिकार हो रहे थे। अब इस ब्लैक फंगस ने डायलिसिस या किडनी वाले मरीजों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मुलाना के गांव नोहनी में इस तरह का पहला मामला सामने आया है, जहां 62 वर्षीय जुमेरो देवी किडनी खराब होने के कारण चार माह से डायलिसिस करवा रही थी। तीन ही दिन में उन्हें कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस ने अपनी चपेट में ले लिया।
आंख में दर्द होने के कारण गत दिवस ही उन्हें छावनी के नागरिक अस्पताल लाया गया था। वहां डॉक्टरों ने कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस की पुष्टि करते हुए बुजुर्ग को करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर कर दिया था। इस बीच डायलिसिस का समय होने के कारण परिजन उन्हें छावनी नागरिक अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में पहुंचे।
डायलिसिस के साथ कोरोना और ब्लैक फंगस का पहला मामला देखकर स्टाफ के सदस्य भी हैरान थे। उनका कहना था कि ब्लैक फंगस वाले मरीज की डायलिसिस पहली बार हुई है। पहले कोरोना संक्रमित तो आते थे लेकिन यह पहला मामला है। उपचार के बाद दोबारा से महिला को करनाल भेज दिया गया। टेक्नीशियन रोहित व जसविंद्र ने पीपीई किट पहनकर उपचार किया। उनकी चार माह से डायलिसिस रूटीन में चल रही थी।
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डायलिसिस मरीज को कोरोना व ब्लैक फंगस एक साथ होने का पहला मामला आया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है। करनाल से रेफर होकर मुलाना की नोहनी निवासी जुमेरो देवी हमारे पास आई थी। डायलिसिस के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। डॉ. सचिव, डायलिसिस विंग अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल
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अंबाला। कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले तो कोरोना संक्रमित मरीज और ठीक होने वाले ही इस फंगस का शिकार हो रहे थे। अब इस ब्लैक फंगस ने डायलिसिस या किडनी वाले मरीजों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मुलाना के गांव नोहनी में इस तरह का पहला मामला सामने आया है, जहां 62 वर्षीय जुमेरो देवी किडनी खराब होने के कारण चार माह से डायलिसिस करवा रही थी। तीन ही दिन में उन्हें कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस ने अपनी चपेट में ले लिया।
आंख में दर्द होने के कारण गत दिवस ही उन्हें छावनी के नागरिक अस्पताल लाया गया था। वहां डॉक्टरों ने कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस की पुष्टि करते हुए बुजुर्ग को करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर कर दिया था। इस बीच डायलिसिस का समय होने के कारण परिजन उन्हें छावनी नागरिक अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में पहुंचे।
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डायलिसिस के साथ कोरोना और ब्लैक फंगस का पहला मामला देखकर स्टाफ के सदस्य भी हैरान थे। उनका कहना था कि ब्लैक फंगस वाले मरीज की डायलिसिस पहली बार हुई है। पहले कोरोना संक्रमित तो आते थे लेकिन यह पहला मामला है। उपचार के बाद दोबारा से महिला को करनाल भेज दिया गया। टेक्नीशियन रोहित व जसविंद्र ने पीपीई किट पहनकर उपचार किया। उनकी चार माह से डायलिसिस रूटीन में चल रही थी।
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डायलिसिस मरीज को कोरोना व ब्लैक फंगस एक साथ होने का पहला मामला आया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है। करनाल से रेफर होकर मुलाना की नोहनी निवासी जुमेरो देवी हमारे पास आई थी। डायलिसिस के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। डॉ. सचिव, डायलिसिस विंग अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल