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Ambala News: ठेकेदार का काम बंद, सड़क पर गिरेगा घर का कचरा
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अंबाला छावनी के बस अड्डे के बाहर डंपिंग जोन में बिखरा पड़ा घरों से निकला कचरा। संवाद
अंबाला। छावनी के कई इलाकों में एक मई से घरों से कचरा नहीं उठ रहा है। इस कारण लोग अपने घरों से पॉलीथिन में कचरा भरकर डंपिंग सेंटरों पर फेंक रहे हैं। कुछ कॉलोनियों के लोगों ने तो मिलकर प्राइवेट सफाई कर्मचारियों को रख लिया है।
ये लोग कचरे को रेहड़ी से ढो रहे हैं और उन्हें डंपिंग केंद्रों पर डाल रहे हैं। दूसरी तरफ नगर परिषद की ढीली कार्यशैली के कारण अभी तक यह पता नहीं लग पा रहा है कि घरों से कचरा उठने की व्यवस्था कब तक सुचारू होगी। डोर टू डोर कचरा उठाने को लेकर पुराने ठेकेदार ने भुगतान बकाया होने से काम बंद कर दिया है तो नए ठेकेदार निविदा को लेकर रुचि ही नहीं दिखा रहे हैं। इसी कारण एक मई से छावनी में घरों से कचरा नहीं उठ पा रहा है।
चार माह के लिए बढ़ाया था ठेका
डोर-टू-डोर कचरा इक्ट्ठा करने का ठेका दिसंबर 2024 में खत्म हो गया था। इसे मुश्किल से चार माह के लिए 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया। इस दौरान ठेकेदार की लगभग एक करोड़ की राशि भी अटक गई। अब एक मई से डोर-टू-डोर सुविधा का काम बिल्कुल ठप है। डोर-टू-डोर टेंडर के तहत घरों से कूड़ा उठाने का समय सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था। रोजाना लगभग 110 टन कचरा छावनी के 32 वार्डों से एकत्रित किया जाता था। 2330 रुपये प्रति टन की हिसाब से ठेकेदार को कूड़े को उठाने का भुगतान किया जाता था। ठेकेदार ने लगभग 100 से अधिक कर्मचारियों, 10 सुपरवाइजर और लगभग 40 छोटी गाड़ियां लगाई सभी वार्डों में लगाई थीं।
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निविदा अटकने के कारण
- दस्तावेज तैयार करने में विभागीय कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली।
- फाइल पर हस्ताक्षर होने में ही बीत जाते हैं कई हफ्ते
- अंतिम समय में शुरु होती है कार्रवाई, इस दौरान विभागीय अधिकारी का हो जाता है तबादला
- सबसे बड़ी परेशानी ठेकेदार को समय पर भुगतान नहीं हो पाता, इसलिए कोई नई निविदा में रूचि नहीं दिखाता।
वर्जन
अधिकारियों के तबादले और व्यस्तता के कारण फाइल कभी अटक जाती है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि जो काम चल रहा है वो आगे भी सुचारु ढंग से चलता रहे। डोर-टू-डोर सुविधा की फाइल तैयार है। सोमवार को टेंडर फाइनल कर दिया जाएगा।
राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद सदर अंबाला।
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ये लोग कचरे को रेहड़ी से ढो रहे हैं और उन्हें डंपिंग केंद्रों पर डाल रहे हैं। दूसरी तरफ नगर परिषद की ढीली कार्यशैली के कारण अभी तक यह पता नहीं लग पा रहा है कि घरों से कचरा उठने की व्यवस्था कब तक सुचारू होगी। डोर टू डोर कचरा उठाने को लेकर पुराने ठेकेदार ने भुगतान बकाया होने से काम बंद कर दिया है तो नए ठेकेदार निविदा को लेकर रुचि ही नहीं दिखा रहे हैं। इसी कारण एक मई से छावनी में घरों से कचरा नहीं उठ पा रहा है।
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चार माह के लिए बढ़ाया था ठेका
डोर-टू-डोर कचरा इक्ट्ठा करने का ठेका दिसंबर 2024 में खत्म हो गया था। इसे मुश्किल से चार माह के लिए 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया। इस दौरान ठेकेदार की लगभग एक करोड़ की राशि भी अटक गई। अब एक मई से डोर-टू-डोर सुविधा का काम बिल्कुल ठप है। डोर-टू-डोर टेंडर के तहत घरों से कूड़ा उठाने का समय सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था। रोजाना लगभग 110 टन कचरा छावनी के 32 वार्डों से एकत्रित किया जाता था। 2330 रुपये प्रति टन की हिसाब से ठेकेदार को कूड़े को उठाने का भुगतान किया जाता था। ठेकेदार ने लगभग 100 से अधिक कर्मचारियों, 10 सुपरवाइजर और लगभग 40 छोटी गाड़ियां लगाई सभी वार्डों में लगाई थीं।
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निविदा अटकने के कारण
- दस्तावेज तैयार करने में विभागीय कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली।
- फाइल पर हस्ताक्षर होने में ही बीत जाते हैं कई हफ्ते
- अंतिम समय में शुरु होती है कार्रवाई, इस दौरान विभागीय अधिकारी का हो जाता है तबादला
- सबसे बड़ी परेशानी ठेकेदार को समय पर भुगतान नहीं हो पाता, इसलिए कोई नई निविदा में रूचि नहीं दिखाता।
वर्जन
अधिकारियों के तबादले और व्यस्तता के कारण फाइल कभी अटक जाती है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि जो काम चल रहा है वो आगे भी सुचारु ढंग से चलता रहे। डोर-टू-डोर सुविधा की फाइल तैयार है। सोमवार को टेंडर फाइनल कर दिया जाएगा।
राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद सदर अंबाला।