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आठवीं कक्षा के बोर्ड को लेकर स्कूलों और छात्रों में असमंजस
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अंबाला सिटी। आठवीं कक्षा की परीक्षा को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि इस बार आठवीं कक्षा की परीक्षा बोर्ड द्वारा कराई जाएगी या फिर स्कूलों द्वारा कराई जाएगी। इसके चलते विद्यार्थी और अभिभावक परीक्षा को लेकर पशोपेश में हैं।
कोरोना के चलते छात्रों का यह पूरा साल भी घर पर ही बीता है। इस कारण छात्रों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो सकी है। इसके चलते विद्यार्थी परेशान हैं। इस परिदृश्य के बीच विभाग अभी यह तय नहीं कर पाया है इस बार आठवीं की परीक्षा बोर्ड द्वारा कराई जाएगी या फिर स्कूलों द्वारा कराई जाएगी। इसके चलते विद्यार्थी असमंजस में हैं। इधर प्राइवेट स्कूलों की ओर से हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी पर आरोप लगाए रहे हैं कि बोर्ड परीक्षा करवाने का कारण केवल रुपये एकत्रित करना है।
उनका कहना है कि सीबीएसई व अन्य बोर्ड के निजी स्कूलों की संख्या प्रदेशभर में 2000 से ज्यादा है और वहीं दूसरी तरफ इन स्कूलों में करीब साढ़े चार लाख छात्र पढ़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया स्कूलों से 5 हजार रुपये प्रति स्कूल रजिस्ट्रेशन और प्रति छात्र 100 रुपये इनरोलमेंट और 450 रुपये प्रति छात्र बोर्ड परीक्षा शुल्क मांगा जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार व हरियाणा बोर्ड को केवल शुल्क दिख रहा है। उन्हें न तो इस बात की चिंता है कि बच्चे बोर्ड परीक्षा के कारण किस तरह का मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
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सरकारी सीबीएसई स्कूलों के बच्चों की परीक्षा लेगा भिवानी बोर्ड
हरियाणा प्राइवेट स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ कपूर ने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा हरियाणा में चल रहे सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की आठवीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चों के बोर्ड परीक्षा लेने का फैसला ले रहा है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। स्कूल व छात्र अभी कोरोना की मार से उभरे भी नहीं है कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी ने आठवीं के बच्चों का बोर्ड परीक्षा लेने के आदेश जारी कर रही है। आठवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए सरकार ने तुरंत आदेश जारी किए, जबकि इस बोर्ड परीक्षा के लिए न तो स्कूल तैयार थे और न ही छात्र। हरियाणा सरकार एक तरफ तो अपने सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों में बदल रही है तो दूसरी तरफ सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले आठवीं कक्षा के बच्चों की परीक्षा भिवानी बोर्ड से कराने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड का पाठ्यक्रम अलग है और ऐसे में बच्चे बोर्ड एग्जाम कैसे दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर वह कड़ा विरोध जताएंगे।
कोट....
आठवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर अभी शासन से कोई निर्देश नहीं आए है। शासन से जो भी हमारे पास निर्देश आएंगे। उन पर अमल किया जाएगा।
- अनूप जाखड़, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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कोरोना के चलते छात्रों का यह पूरा साल भी घर पर ही बीता है। इस कारण छात्रों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो सकी है। इसके चलते विद्यार्थी परेशान हैं। इस परिदृश्य के बीच विभाग अभी यह तय नहीं कर पाया है इस बार आठवीं की परीक्षा बोर्ड द्वारा कराई जाएगी या फिर स्कूलों द्वारा कराई जाएगी। इसके चलते विद्यार्थी असमंजस में हैं। इधर प्राइवेट स्कूलों की ओर से हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी पर आरोप लगाए रहे हैं कि बोर्ड परीक्षा करवाने का कारण केवल रुपये एकत्रित करना है।
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उनका कहना है कि सीबीएसई व अन्य बोर्ड के निजी स्कूलों की संख्या प्रदेशभर में 2000 से ज्यादा है और वहीं दूसरी तरफ इन स्कूलों में करीब साढ़े चार लाख छात्र पढ़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया स्कूलों से 5 हजार रुपये प्रति स्कूल रजिस्ट्रेशन और प्रति छात्र 100 रुपये इनरोलमेंट और 450 रुपये प्रति छात्र बोर्ड परीक्षा शुल्क मांगा जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार व हरियाणा बोर्ड को केवल शुल्क दिख रहा है। उन्हें न तो इस बात की चिंता है कि बच्चे बोर्ड परीक्षा के कारण किस तरह का मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
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सरकारी सीबीएसई स्कूलों के बच्चों की परीक्षा लेगा भिवानी बोर्ड
हरियाणा प्राइवेट स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश प्रवक्ता सौरभ कपूर ने कहा कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा हरियाणा में चल रहे सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की आठवीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चों के बोर्ड परीक्षा लेने का फैसला ले रहा है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। स्कूल व छात्र अभी कोरोना की मार से उभरे भी नहीं है कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी ने आठवीं के बच्चों का बोर्ड परीक्षा लेने के आदेश जारी कर रही है। आठवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए सरकार ने तुरंत आदेश जारी किए, जबकि इस बोर्ड परीक्षा के लिए न तो स्कूल तैयार थे और न ही छात्र। हरियाणा सरकार एक तरफ तो अपने सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों में बदल रही है तो दूसरी तरफ सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले आठवीं कक्षा के बच्चों की परीक्षा भिवानी बोर्ड से कराने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड का पाठ्यक्रम अलग है और ऐसे में बच्चे बोर्ड एग्जाम कैसे दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर वह कड़ा विरोध जताएंगे।
कोट....
आठवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर अभी शासन से कोई निर्देश नहीं आए है। शासन से जो भी हमारे पास निर्देश आएंगे। उन पर अमल किया जाएगा।
- अनूप जाखड़, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।