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Ambala News: अधिक सैंपलिंग का दावा, अब भी इंतजार
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अंबाला सिटी। त्योहारों के आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार अधिक सैंपलिंग करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभी तक अंबाला में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग शुरू नहीं हुई है। अधिकारियों पर काम का अधिक दबाव होने के कारण वीरवार तक ही कार्य शुरू हो पाएगा।
विभाग के पास अधिकारियों की कमी है। इतना ही नहीं एक ही जिला का अधिकारी तीन-तीन जिलों का कार्यभार संभाल रहा है। ऐसे में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का काम प्रभावित हो रहा है। त्योहारी सीजन शुरू होते हुए बाजारों में खाद्य पदार्थों की भरमार हो गई है। प्रत्येक वर्ष त्योहारों से पहले ही जांच का कार्य शुरू होता है। बीते वर्ष भी विभाग ने जिला अंबाला में 40 सैंपल भरे थे। इनमें से नाै फेल हुए थे लेकिन अभी तक इनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हुई है।
एमओ की नियुक्ति भी रुकी
खाद्य सुरक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी को देखते हुए निदेशालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग से ही चिकित्सकों के नाम मांगे गए थे। जिला अंबाला से भी दो चिकित्सकों के नाम मांगे गए थे, लेकिन नाम भेजने के बाद से अभी तक इस पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अगर समय रहते एमओ की नियुक्ति हो जाती तो खाद्य सुरक्षा के कार्य प्रभावित नहीं होते। अधिकारियों का कहना है कि हमारी ओर से नाम भेज दिए गए हैं, लेकिन निदेशालय से ही नियुक्ति को लेकर कोई जवाब नहीं आया है।
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एक अधिकारी पर तीन जिलों का भार
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कादयान ने बताया कि उनके पास अंबाला के साथ-साथ रोहतक और जींद का भी कार्यभार है। ऐसे में पांच कार्य दिवस में काम बहुत अधिक प्रभावित होता है। इसलिए वे दिनों के अनुसार ही कार्य करते हैं। इसके साथ ही जब भी कोई वीआईपी आवागमन होता है तो उनकी डयूटी लगा दी जाती है। इसलिए कार्य में थोड़ी देरी होती है।
वर्जन
हमारी ओर से रोहतक में कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार से अंबाला जिला में भी सैंपलिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस बार निदेशालय की ओर से उन्हें अधिक-अधिक सैंपलिंग करने के निर्देश मिले हैं।
-डॉ. दिनेश कादयान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंबाला।
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विभाग के पास अधिकारियों की कमी है। इतना ही नहीं एक ही जिला का अधिकारी तीन-तीन जिलों का कार्यभार संभाल रहा है। ऐसे में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का काम प्रभावित हो रहा है। त्योहारी सीजन शुरू होते हुए बाजारों में खाद्य पदार्थों की भरमार हो गई है। प्रत्येक वर्ष त्योहारों से पहले ही जांच का कार्य शुरू होता है। बीते वर्ष भी विभाग ने जिला अंबाला में 40 सैंपल भरे थे। इनमें से नाै फेल हुए थे लेकिन अभी तक इनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हुई है।
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एमओ की नियुक्ति भी रुकी
खाद्य सुरक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी को देखते हुए निदेशालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग से ही चिकित्सकों के नाम मांगे गए थे। जिला अंबाला से भी दो चिकित्सकों के नाम मांगे गए थे, लेकिन नाम भेजने के बाद से अभी तक इस पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अगर समय रहते एमओ की नियुक्ति हो जाती तो खाद्य सुरक्षा के कार्य प्रभावित नहीं होते। अधिकारियों का कहना है कि हमारी ओर से नाम भेज दिए गए हैं, लेकिन निदेशालय से ही नियुक्ति को लेकर कोई जवाब नहीं आया है।
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एक अधिकारी पर तीन जिलों का भार
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कादयान ने बताया कि उनके पास अंबाला के साथ-साथ रोहतक और जींद का भी कार्यभार है। ऐसे में पांच कार्य दिवस में काम बहुत अधिक प्रभावित होता है। इसलिए वे दिनों के अनुसार ही कार्य करते हैं। इसके साथ ही जब भी कोई वीआईपी आवागमन होता है तो उनकी डयूटी लगा दी जाती है। इसलिए कार्य में थोड़ी देरी होती है।
वर्जन
हमारी ओर से रोहतक में कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार से अंबाला जिला में भी सैंपलिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस बार निदेशालय की ओर से उन्हें अधिक-अधिक सैंपलिंग करने के निर्देश मिले हैं।
-डॉ. दिनेश कादयान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंबाला।