{"_id":"8519c5d8a431f42ae7d969905dbb6764","slug":"civil-hospital-inmate-escaped-from-midnight","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधी रात सिविल अस्पताल से कैदी फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधी रात सिविल अस्पताल से कैदी फरार
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Tue, 01 Jul 2014 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिटी। शहर के सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड से आधी रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच एक सजायाफ्ता कैदी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। सारी रात एएसआई और ईएसआई कैदी की तलाश में भटकते रहे लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
आखिरकार सोमवार सुबह दोनों पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना सेंट्रल जेल प्रशासन को दी। इसके बाद सेंट्रल जेल प्रशासन ने फरार कैदी दुष्यंत के खिलाफ तो केस दर्ज करवा ही दिया है, साथ में ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले दोनों पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवा दी। बलदेव नगर पुलिस ने दोनों पुलिस कर्मियों देवराज और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे फरार हुआ कैदी
जींद के जुलाना का रहने वाला एक सजायाफ्ता कैदी दुष्यंत 2008 से अंबाला सेंट्रल जेल में बंद था। उस पर लूट और डकैती के केस दर्ज हैं और सजा हो चुकी है। रविवार शाम को उसे सेंट्रल जेल में चोट लग गई। उसे शाम को करीब चार बजे सिटी के अस्पताल में लाया गया और कैदी वार्ड में रखा गया।
विज्ञापन
एक एएसआई और ईएसआई उसकी सुरक्षा में तैनात थे। रात को हथकड़ी से बंधा कैदी सो गया। उधर, कैदी की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कर्मी को लघुशंका और दूसरे को चाय की तलब लगी। कैदी को सोता देख दोनों सुरक्षा कर्मी साथ ही निकल लिए। जब वे वापस आए तो कैदी वार्ड से फरार हो चुका था। वहां हथकड़ी तो थी, लेकिन कैदी उसमें से किसी तरह अपनी कलाई निकालकर फरार हो गया।
जांच सीआईए को सौंपी, टीमें रवाना
पुलिस ने मामले की जांच क्राइम इंवस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) वन को सौंपी है। सीआईए ने अपनी टीमें कैदी की तलाश में भेज दी हैं। वहीं बलदेव नगर पुलिस ने भी अपनी टीमें कैदी को पकड़ने के लिए रवाना कर दी हैं। उधर, अंबाला सेंट्रल जेल अथॉरिटी ने भी इस मामले में दोनों सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही को ही कैदी के भागने की सबसे बड़ी वजह बताया है।
विज्ञापन
आखिरकार सोमवार सुबह दोनों पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना सेंट्रल जेल प्रशासन को दी। इसके बाद सेंट्रल जेल प्रशासन ने फरार कैदी दुष्यंत के खिलाफ तो केस दर्ज करवा ही दिया है, साथ में ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले दोनों पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवा दी। बलदेव नगर पुलिस ने दोनों पुलिस कर्मियों देवराज और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
ऐसे फरार हुआ कैदी
जींद के जुलाना का रहने वाला एक सजायाफ्ता कैदी दुष्यंत 2008 से अंबाला सेंट्रल जेल में बंद था। उस पर लूट और डकैती के केस दर्ज हैं और सजा हो चुकी है। रविवार शाम को उसे सेंट्रल जेल में चोट लग गई। उसे शाम को करीब चार बजे सिटी के अस्पताल में लाया गया और कैदी वार्ड में रखा गया।
विज्ञापन
एक एएसआई और ईएसआई उसकी सुरक्षा में तैनात थे। रात को हथकड़ी से बंधा कैदी सो गया। उधर, कैदी की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कर्मी को लघुशंका और दूसरे को चाय की तलब लगी। कैदी को सोता देख दोनों सुरक्षा कर्मी साथ ही निकल लिए। जब वे वापस आए तो कैदी वार्ड से फरार हो चुका था। वहां हथकड़ी तो थी, लेकिन कैदी उसमें से किसी तरह अपनी कलाई निकालकर फरार हो गया।
जांच सीआईए को सौंपी, टीमें रवाना
पुलिस ने मामले की जांच क्राइम इंवस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) वन को सौंपी है। सीआईए ने अपनी टीमें कैदी की तलाश में भेज दी हैं। वहीं बलदेव नगर पुलिस ने भी अपनी टीमें कैदी को पकड़ने के लिए रवाना कर दी हैं। उधर, अंबाला सेंट्रल जेल अथॉरिटी ने भी इस मामले में दोनों सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही को ही कैदी के भागने की सबसे बड़ी वजह बताया है।