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राइस मिलों में फंसा सरकार का 30 करोड़ का चावल, एक फर्म की प्रापर्टी अटैच की कार्रवाई शुरू
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राइस मिलों में फंसा सरकार का 30 करोड़ का चावल, एक फर्म की प्रापर्टी अटैच की कार्रवाई शुरू
- वेयर हाउस ने पहले ही सभी 15 फर्म की सिक्योरिटी के तौर पर कर ली है प्रापर्टी अटैच
सबसे ज्यादा वेयर हाउस एजेंसी का चावल मिलर्स में अटका
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिले के करीब 35 राइस मिलर्स अभी भी सरकारी चावल की डिलीवरी नहीं कर पाए हैं। हालांकि इनमें से करीब 15 राइस मिलर्स ही ऐसे हैं जिन्होंने बड़ी मात्रा में डिलीवरी करनी है। हालांकि फूड एजेंसी की सबसे ज्यादा डिलीवरी हुई है। लेकिन मुलाना की आदी शक्ति मिल को अभी भी करीब 36 गाड़ियां चावल की वापस करनी हैं। अलबत्ता इस मिल की प्रापर्टी अटैच करने की प्रक्रिया फूड ने शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर ने इसके लिए मुलाना के तहसीलदार को प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए लिख दिया है संभवत: सोमवार को इस मील की प्रापर्टी अटैच कर दी जाएंगी। हालांकि इन सभी राइस मिलर्स के लिए राहत भरी खबर यह है कि सरकार ने डिलीवरी के लिए अब 31 अगस्त तक का समय दे दिया है।
30 करोड़ का चावल अभी भी फंसा
बता दें कि जिले में अभी तक करीब 95 प्रतिशत डिलीवरी हो चुकी है। लेकिन करीब 30 करोड़ का चावल राइस मिलर्स में फंसा है करीब 375 गाड़ियों की डिलीवरी अभी भी राइस मिलर्स को तीनों एजेंसी की करनी हैं। करीब दो लाख 71 हजार 875 क्विंटल चावल अभी राइस मिलर्स ने सरकार का लौटाना है।
किसने कितनी ली थी जीरी
दरअसल जिले में 192 राइस मिल हैं। इन्होंने करीब 8 लाख 90 हजार मीट्रिक टन जीरी की खरीद तीन एजेंसी जिसमें फूड, हैफेड और वेयर हाउस के माध्यम से की थी। इनमें से फूड के पास करीब 3 लाख 35 हजार 169 मीट्रिक टन खरीद की थी जबकि हैफेड ने करीब 5 लाख 30 हजार मीट्रिक टन और बाकी वेयर हाउस ने खरीदा। इसमें से करीब 67 प्रतिशत चावल वापस करना था। हैफेड की करीब 200 गाड़ी और वेयर हाउस की 100 के करीब चावल की गाड़ियां अभी मिलर्स ने लौटानी हैं।
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मुलाना की इन राइस मिलों पर है बकाया
आदी शक्ति--- 36 गाड़ी
जीआरटी------- 19 गाड़ी
क्षेत्रपाल----------3 गाड़ी
जय महावीर मारकंडा-----5 गाड़ी
नाथ बदर्स------13 गाड़ी
आदी शक्ति मिल की प्रापर्टी अटैच करने के लिए तहसीलदार को लिख दिया गया है। संभवत: सोमवार को प्रापर्टी अटैच कर दी जाएगी। हालांकि अब इस फर्म ने डिलीवरी भी शुरू कर दी है। संभवत: 15 जुलाई तक यह भी डिलीवरी कर देगी। जिनकी थोड़ी बहुत रह गई है उनके लिए 31 अगस्त तक का समय सरकार ने दिया है।
-क्रांति, इंस्पेक्टर फूड सप्लाई।
हैफेड की करीब 17-18 राइस मिलों ने डिलीवरी करनी है। करीब 200 गाड़ियों की डिलीवरी बाकी है। लेकिन कोई भी ऐसी मिल नहीं है जिसकी प्रापर्टी अटैच करने की अभी नौबत है। करीब एक महीने का समय अब भी डिलीवरी का शेष है।
-वेदपाल मलिक, डीएम हैफेड
हमने तो पहले ही सिक्योरिटी के लिए अपने सभी राइस मिलर्स की प्रापर्टी अटैच कर दी थी। अभी भी करीब 15 राइस मिलों को डिलीवरी करनी है।
-डीके पांडेय, डीएम वेयर हाउस
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- वेयर हाउस ने पहले ही सभी 15 फर्म की सिक्योरिटी के तौर पर कर ली है प्रापर्टी अटैच
सबसे ज्यादा वेयर हाउस एजेंसी का चावल मिलर्स में अटका
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिले के करीब 35 राइस मिलर्स अभी भी सरकारी चावल की डिलीवरी नहीं कर पाए हैं। हालांकि इनमें से करीब 15 राइस मिलर्स ही ऐसे हैं जिन्होंने बड़ी मात्रा में डिलीवरी करनी है। हालांकि फूड एजेंसी की सबसे ज्यादा डिलीवरी हुई है। लेकिन मुलाना की आदी शक्ति मिल को अभी भी करीब 36 गाड़ियां चावल की वापस करनी हैं। अलबत्ता इस मिल की प्रापर्टी अटैच करने की प्रक्रिया फूड ने शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर ने इसके लिए मुलाना के तहसीलदार को प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए लिख दिया है संभवत: सोमवार को इस मील की प्रापर्टी अटैच कर दी जाएंगी। हालांकि इन सभी राइस मिलर्स के लिए राहत भरी खबर यह है कि सरकार ने डिलीवरी के लिए अब 31 अगस्त तक का समय दे दिया है।
30 करोड़ का चावल अभी भी फंसा
बता दें कि जिले में अभी तक करीब 95 प्रतिशत डिलीवरी हो चुकी है। लेकिन करीब 30 करोड़ का चावल राइस मिलर्स में फंसा है करीब 375 गाड़ियों की डिलीवरी अभी भी राइस मिलर्स को तीनों एजेंसी की करनी हैं। करीब दो लाख 71 हजार 875 क्विंटल चावल अभी राइस मिलर्स ने सरकार का लौटाना है।
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किसने कितनी ली थी जीरी
दरअसल जिले में 192 राइस मिल हैं। इन्होंने करीब 8 लाख 90 हजार मीट्रिक टन जीरी की खरीद तीन एजेंसी जिसमें फूड, हैफेड और वेयर हाउस के माध्यम से की थी। इनमें से फूड के पास करीब 3 लाख 35 हजार 169 मीट्रिक टन खरीद की थी जबकि हैफेड ने करीब 5 लाख 30 हजार मीट्रिक टन और बाकी वेयर हाउस ने खरीदा। इसमें से करीब 67 प्रतिशत चावल वापस करना था। हैफेड की करीब 200 गाड़ी और वेयर हाउस की 100 के करीब चावल की गाड़ियां अभी मिलर्स ने लौटानी हैं।
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मुलाना की इन राइस मिलों पर है बकाया
आदी शक्ति--- 36 गाड़ी
जीआरटी------- 19 गाड़ी
क्षेत्रपाल----------3 गाड़ी
जय महावीर मारकंडा-----5 गाड़ी
नाथ बदर्स------13 गाड़ी
आदी शक्ति मिल की प्रापर्टी अटैच करने के लिए तहसीलदार को लिख दिया गया है। संभवत: सोमवार को प्रापर्टी अटैच कर दी जाएगी। हालांकि अब इस फर्म ने डिलीवरी भी शुरू कर दी है। संभवत: 15 जुलाई तक यह भी डिलीवरी कर देगी। जिनकी थोड़ी बहुत रह गई है उनके लिए 31 अगस्त तक का समय सरकार ने दिया है।
-क्रांति, इंस्पेक्टर फूड सप्लाई।
हैफेड की करीब 17-18 राइस मिलों ने डिलीवरी करनी है। करीब 200 गाड़ियों की डिलीवरी बाकी है। लेकिन कोई भी ऐसी मिल नहीं है जिसकी प्रापर्टी अटैच करने की अभी नौबत है। करीब एक महीने का समय अब भी डिलीवरी का शेष है।
-वेदपाल मलिक, डीएम हैफेड
हमने तो पहले ही सिक्योरिटी के लिए अपने सभी राइस मिलर्स की प्रापर्टी अटैच कर दी थी। अभी भी करीब 15 राइस मिलों को डिलीवरी करनी है।
-डीके पांडेय, डीएम वेयर हाउस