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50 हजार के ईनामी मोस्ट वांटेड अजय पिलखनी ने फरारी के समय गोवा व पंजाब के होटलों में की पार्टनरशिप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2019 01:36 AM IST
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करीब डेढ़ साल पूर्व बराड़ा के त्रिवेणी चौक से अपहरण के बाद विवेक की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत द्वारा भगौड़ा करार दिए गए 50 हजार के इनामी मोस्ट वांटेड पिलखनी वासी अजय राणा ने फरारी का अधिकतर समय गोवा तथा पंजाब में गुजारा। अपने दूर के रिश्तेदार के साथ होटलों में पार्टनरशिप की। कुछ समय दिल्ली में भी गुजारा। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों के संपर्क में रहा। होटल के ग्राहक उपलब्ध कराता था। उसने एमआर ग्रुप (मोनू राणा गैंग) के इशारे पर साथियों संग इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। दस आरोपियों में से केवल नीरज गांधी की गिरफ्तारी बकाया है। 11 सितंबर को नारायणगढ़ सीआईए द्वारा पकड़े गए अजय को दो दिन के रिमांड के बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पिछले साल 17 मई को यमुनानगर थाने में मृतक के चाचा अभिषेक के बयानों पर एमआर गैंग सरगना शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा, थंबड़ वासी अमर सिंह व गौतम व अन्य पर अपहरण व हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश सीआईए को सौंपी गई थी। अगस्त माह में आरोपी को भगौड़ा करार दिलाकर इनाम रखा गया था।
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जांच सूत्रों के अनुसार अजय पर झगड़े के दो-तीन और केस दर्ज हैं। हत्याकांड के बाद कुछ समय साथियों संग रहा। कुछ पकड़े गए, उसका नाम सार्वजनिक हो गया तो वह पंजाब में होटल चला रहे रिश्तेदारों के पास चला गया। होटल में पार्टनरशिप कर ली। उसे लगता था कि एक जगह पर रहने से वह पुलिस के हाथ लग सकता है। एक साल के लिए गोवा चला गया। वहां भी होटल चलाया। टूर-एंड-ट्रेवल एंजेसियों को ग्राहक भेजकर लाभ कमाता रहा। दिल्ली में भी रहा। शुक्रवार वह परिवार से मिलने आया आरोपी सीआईए के हत्थे लग गया था।
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एमआर और भुप्पी राणा ग्रुप में चल रहा गैंगवार
काफी समय से एमआर ग्रुप व भुप्पी राणा ग्रुप के मध्य गैंगवार जारी है। यमुनानगर पेशी पर गए मोनू राणा पर साहिल व अन्य ने कोर्ट परिसर में गोलियां दाग दी। मोनू की रीड़ की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विवेक भुप्पी के नजदीक था। मोनू व विवेक सोशल मीडिया पर चैटिंग करते थे। उसने पोस्ट पर मोनू के लिए अभद्र कमेंट कर दिए। टोंट मारा कि देखा तेरा क्या हाल कर दिया। यही बात मोनू को नागवार गुजरी। रंजिश में मोनू ने बदले की योजना बनाई। 16 मई को थंबड़ आए विवेक का अपहरण कर अजय व अन्य को सौंप दिया था। हत्या कर शव पंजाब के थाना डेराबसी, गांव संगोली में फेंक दिया था। वहीं शव की शिनाख्त हुई थी।
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पंजाब व गोवा में होटल चलाए, दिल्ली में भी छिपकर रहा
सीआईए नारायणगढ़ के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र कादियान व एएसआई अरुण के अनुसार लंबे समय तक पकड़ में न आने पर पिलखनी के अजय राणा को भगौड़ा करार दिलाकर 50 हजार का इनामी घोषित किया गया। फरारी के दौरान वह पंजाब व गोवा के होटलों में पार्टनर बनकर रहा। दिल्ली में भी छिपा। गैंगवार में विवेक की हत्या हुई थी। हत्यारोपी को रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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