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Ambala News: बच्चों को मिलेगा तेलंगाना की संस्कृति व ऐतिहासिक धरोहरों पर ज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के शैक्षणिक व सांस्कृतिक विकास को नया आयाम देने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत इस माह स्कूली बच्चों को सहयोगी राज्य तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति, भाषा, लोक परंपराओं और हैदराबाद के ऐतिहासिक स्थलों से रूबरू कराया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अक्तूबर माह में प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में तेलंगाना की संस्कृति पर आधारित विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर के अनुसार गतिविधियों का निर्धारण किया गया है। इसमें प्राथमिक स्तर पर कक्षा 1 से 5 के छोटे बच्चों के लिए हिंदी और तेलुगु भाषा में गिनती प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में दूसरी भाषा के प्रति रुचि जगाना और भाषाई ज्ञान बढ़ाना है।
इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को तेलंगाना के प्रसिद्ध लोक पर्व पीर्ला पांडुगा के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही हैदराबाद के 10 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता कराई जा रही है। वहीं, माध्यमिक व वरिष्ठ माध्यमिक स्तर कक्षा 9 से 12 के वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थी डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए हैदराबाद की ऐतिहासिक धरोहरों (जैसे चारमीनार, गोलकुंडा किला, सालारजंग संग्रहालय आदि) पर आधारित पीपीटी और लघु वीडियो तैयार कर रहे हैं। इस पहल से विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को समझने का व्यावहारिक अवसर भी मिल रहा है।
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अधिकारियों की देखरेख में गतिविधियों का आयोजन
गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए स्कूल स्तर पर कार्य शिक्षा अनुदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, ब्लॉक व जिला स्तर पर बीआरपी और एबीआरसी द्वारा इन कार्यक्रमों की निरंतर निगरानी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की फोटो, वीडियो और मासिक रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा (प्रत्येक माह की 25 तारीख) के भीतर मुख्यालय को प्रेषित करें।
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अंबाला। राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के शैक्षणिक व सांस्कृतिक विकास को नया आयाम देने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत इस माह स्कूली बच्चों को सहयोगी राज्य तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति, भाषा, लोक परंपराओं और हैदराबाद के ऐतिहासिक स्थलों से रूबरू कराया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अक्तूबर माह में प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में तेलंगाना की संस्कृति पर आधारित विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर के अनुसार गतिविधियों का निर्धारण किया गया है। इसमें प्राथमिक स्तर पर कक्षा 1 से 5 के छोटे बच्चों के लिए हिंदी और तेलुगु भाषा में गिनती प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में दूसरी भाषा के प्रति रुचि जगाना और भाषाई ज्ञान बढ़ाना है।
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इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को तेलंगाना के प्रसिद्ध लोक पर्व पीर्ला पांडुगा के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही हैदराबाद के 10 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता कराई जा रही है। वहीं, माध्यमिक व वरिष्ठ माध्यमिक स्तर कक्षा 9 से 12 के वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थी डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए हैदराबाद की ऐतिहासिक धरोहरों (जैसे चारमीनार, गोलकुंडा किला, सालारजंग संग्रहालय आदि) पर आधारित पीपीटी और लघु वीडियो तैयार कर रहे हैं। इस पहल से विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को समझने का व्यावहारिक अवसर भी मिल रहा है।
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अधिकारियों की देखरेख में गतिविधियों का आयोजन
गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए स्कूल स्तर पर कार्य शिक्षा अनुदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, ब्लॉक व जिला स्तर पर बीआरपी और एबीआरसी द्वारा इन कार्यक्रमों की निरंतर निगरानी की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की फोटो, वीडियो और मासिक रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा (प्रत्येक माह की 25 तारीख) के भीतर मुख्यालय को प्रेषित करें।