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Ambala News: बिहार से आने वाली ट्रेनों में हो रही बाल तस्करी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2024 06:28 AM IST
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Child trafficking is happening in trains coming from Bihar
बाल तस्करी की सूचना पर छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों से पूछताछ करते आरपीएफ कर्मचार
अंबाला। बिहार से आने वाली ट्रेनों में एक बार फिर बाल तस्करी का खेल शुरू हो गया है। ऐसी ही जानकारी मुखबिर की ओर से आरपीएफ को दी है। इसके बाद आरपीएफ पूरी तरह से सतर्क हो गई है। छावनी रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में निगरानी बढ़ा दी है और ट्रेनों में सादी वर्दी में कर्मचारी भी तैनात हैं।
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बिहार से आने वाली ट्रेनों में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में बुधवार को आरपीएफ को सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 14617 पूर्णिया-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस में बड़े पैमाने पर बाल तस्करी होने वाली है। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ सचेत हो गई और कर्मचारियों को तुरंत सहारनपुर की तरफ रवाना कर दिया गया। ट्रेन बुधवार सुबह लगभग 11 बजे सहारनपुर स्टेशन पर पहुंची तो कर्मचारी अलग-अलग कोच में सवार हो गए और उन्होंने ट्रेन में सफर कर रहे छोटे बच्चों संग सफर कर रहे अन्य यात्रियों से पूछताछ शुरु कर दी।
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लगभग दो घंटे बाद ट्रेन एक बजे के करीब जब अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 3-4 पर पहुंची तो आरपीएफ प्रभारी जावेद खान और सीआईबी प्रभारी प्रशांत अन्य कर्मचारियों सहित मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू की, लेकिन किसी भी कोच में बाल तस्करी के तहत ले जाए जा रहे बच्चे नहीं मिले। इसके बाद ट्रेन को गंतव्य की तरफ रवाना कर दिया गया।
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जनसाधारण और जनसेवा पर नजर
आरपीएफ को जानकारी मिली थी कि बाल तस्करी के तहत छोटे बच्चों को श्रमिकों के रूप में पंजाब ले जाया जा रहा है। यह बच्चे तस्करों के साथ अलग-अलग कोच में बैठे हुए हैं। सूचना के बाद जब बच्चों के साथ सफर कर रहे व्यक्तियों के दस्तावेज व आधार कार्ड आदि चेक किए गए तो कहीं पर कोई भी खामी नजर नहीं आई। प्राप्त जानकारी अनुसार पंजाब के कारखानों व खेतों में काम करने के लिए 12 से 15 साल के बच्चों को बिहार से ट्रेनों के माध्यम से लाया जाता है और इसके लिए बच्चों के माता-पिता को मोटी रकम का लालच भी दिया जाता है ताकि वो बच्चों को भेजने में आनाकानी न करें।
पकड़े जा चुके 150 से अधिक बच्चे
जनसाधारण एक्सप्रेस सहित जनसेवा एक्सप्रेस में छापेमारी का यह सिलसिला पहला नहीं है। इससे पहले भी लगभग पांच से छह बार इन ट्रेनों में बचपन बचाओ आंदोलन सहित चाइल्ड टीम, आरपीएफ व जीआरपी द्वारा संयुक्त तौर पर छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान लगभग 150 से अधिक बच्चों को संरक्षण में लिया गया था जोकि परिजनों के आने के बाद उनके सुपुर्द कर दिए गए थे, लेकिन अब त्योहारों के दिनों में बाल तस्करी से जुड़े लोग एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।

वर्जन
बचपन बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों को जानकारी मिली थी कि जनसाधारण एक्सप्रेस में बाल तस्करी के तहत छोटे बच्चे ले जाए जा रहे हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए सहारनपुर स्टेशन से ही टीमों को ट्रेन में चढ़ा दिया गया था। ट्रेन के अंबाला कैंट स्टेशन पर पहुंचने के बाद भी जब जांच की गई तो कोई भी बच्चा नहीं मिला।
जावेद खान, प्रभारी आरपीएफ, अंबाला स्टेशन।
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