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Ambala News: केमिकल से प्रदूषित घग्गर, बेपरवाह अफसर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:12 AM IST
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Chemical polluted Ghaggar, careless officer
वैभव शर्मा
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अंबाला। हरियाणा और पंजाब के किसानों के लिए संजीवनी का काम करने वाली घग्गर नदी आज जहर निगल रही है। इसकी वजह से आसपास का इलाका पूरी तरह प्रदूषित हो रहा है। जीवनदायिनी कही जाने वाली घग्गर को जहरीला और केमिकल युक्त पानी लोगों से दूर कर रहा है।
हालात यह हैं कि जो किसान इसका पानी अपने खेतों में लगा रहे हैं उन्हें भी डर है कि कहीं यह जहर उनकी खेती को न तबाह कर दे। इतना ही नहीं इस नदी के किनारे पूजा करने वाले श्रद्धालु आचमन के लिए टूटी का पानी इस्तेमाल करते हैं। घग्गर नदी को बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा को ज्वाइंट ऑपरेशन चला रहे हैं। मगर हकीकत इन सबसे अलग है। पंजाब से चलकर हरियाणा में आते ही हर नदी अपनी सांसें खोने लगती हैं। पंजाब और हरियाणा बार्डर पर गांव देवी नगर में गिर रहे नाले इसके पानी को बदबूदार और गंदे नाले में परिवर्तित करते हैं। सफाई के लिए यहां कोई उपाय नहीं है।
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विभागों के दावे हवा-हवाई
हैरानी की बात यह है कि नदी को बचाने के लिए बड़े-बड़े दावे करने वाले विभागों के सामने ही घग्गर में इंडस्ट्रियल वेस्ट भी डाला जा रहा है। इस वेस्ट ने पानी को हरियाणा में आते ही सबसे ज्यादा प्रदूषित किया है। घग्गर की ऐसी हालत तब है जब इसके लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पहले से ही सख्त है। इसके साथ ही तीनों राज्यों के अधिकारियों को चेतावनी के साथ नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए मजबूत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दे चुका है।
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आचमन भी नहीं करते इसके जल से
हैरानी की बात है कि यहां देखा कि लोग पूजा का सामान रखने आते हैं और नदी के पास पूजा भी करते हैं। मगर इस नदी के जल का आचमन कोई नहीं करना चाहता, बल्कि घग्गर के पास ही लगे नल से पानी लेकर वह नहाते और आचमन करते हैं। इसी पानी को पूजा के लिए इस्तेमाल करते हैं। लोगों का कहना है कि पहले इस नदी की कुछ स्थिति ठीक थी मगर आज हालात यह हैं कि कुछ देर भी दुर्गंध के कारण यहां खड़ा नहीं हुआ जा सकता है।

लोगों के स्वास्थ्य को खतरा
घग्घर नदी के किनारे स्थित खेतों में इसी पानी से सिंचाई होती है। खेती के लिए पानी की उपलब्धता को लोगों ने घग्गर के पास मोटर लगा रखी हैं, मगर अब वह नदी के पानी से सिंचाई करने से भी डर रहे हैं कि कहीं नदी का रसायनयुक्त प्रदूषित पानी खेती को तबाह न कर दे। इस पानी से जो फसल उगेगी वह नुकसान न पहुंचाए। मगर मजबूरी में लोग प्रदूषित घग्गर का पानी लेने को मजबूर हैं।
जांच में पानी पहले भी निकला था दूषित
पहले भी जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में घग्गर में पानी की सैंपलिंग कराई थी तो यह मानकों से अधिक प्रदूषित मिली। इसके लिए 14 दिसंबर को अंबाला में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत अधिकारी एकत्रित हुए थे। इसकी अध्यक्षता हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेन्द्र राव ने की थी। तब निर्देश दिए थे कि तीनों राज्यों के अधिकारी और विभाग मिलकर इस नदी को प्रदूषित होने से बचाएं। बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पब्लिक हेल्थ जैसे बड़े विभाग शामिल थे। मगर तीन महीने बीतने बावजूद नतीजा शून्य है।
खुलासा : सीवरेज का पानी डल रहा यहां
पूर्व में समीक्षा के दौरान पता लगा कि पंजाब से लेकर हरियाणा तक आते-आते कई स्थानों पर घग्गर में सीवर का पानी डाला जा रहा है। इस पर पीसीबी (पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।



यह बहुत ही गंभीर मामला है। घग्गर में इस प्रकार का वेस्ट नहीं गिरना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रहा हूं। जिन स्थानों से गंदा पानी नदी में गिर रहा है उन संस्थानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-पी राघवेंद्र राव, चेयरमैन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा


घग्गर नदी में फैल रहे प्रदूषण की जांच कराई जाएगी। इसके लिए टीम का गठन करके मौके पर भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
डा. प्रियंका सोनी, डीसी अंबाला
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