{"_id":"76750d95bfa83b28c8b0db574be01b69","slug":"chandigarh-jagadhari-railway-track-project-soon-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़-जगाधरी रेलवे ट्रैक प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़-जगाधरी रेलवे ट्रैक प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
Updated Sun, 31 May 2015 12:49 AM IST
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छह साल से लटकी चंडीगढ़-जगाधरी वाया पंचकूला-नारायणगढ़ महत्वाकांक्षी रेलवे ट्रैक परियोजना को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया ने इस बाबत हरियाणा के सीएम मनोहर लाल से बातचीत की है। सीएम ने रेलवे लाइन बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरा सहयोग करने की बात कही है।
सांसद द्वारा इस प्रोजेक्ट के बारे में अंबाला रेलवे मंडल के डीआरएम से भी विचार-विमर्श किया गया। रेलमंत्री सुरेश प्रभु भी सांसद कटारिया को आश्वस्त किया है कि इस रेलवे ट्रैक परियोजना पर मंत्रालय का दृष्टिकोण पूरी तरह सकारात्मक है।
सरकार प्रोजेक्ट को देगी निशुल्क जमीन
सांसद रतनलाल कटारिया ने सीएम मनोहरलाल से मिलकर चंडीगढ़-पंचकूला-नारायणगढ़-जगाधरी रेलवे ट्रैक परियोजना में आ रही समस्या के समाधान पर चर्चा की थी।
दरअसल, नियमानुसार रेल मंत्रालय और योजना आयोग (अब नीति आयोग) जिस भी राज्य में रेल लाइन के प्रोजेक्ट को पास करते हैं तो वहां राज्य सरकार ही जगह उपलब्ध कराती है और रेल लाइन बनने के दौरान कंस्ट्रक्शन वर्क का आधा खर्च भी संबंधित राज्य की सरकार ही वहन करती है।
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लेकिन पूर्व हुड्डा सरकार रेलवे ट्रैक प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने को तो तैयार थी है, मगर निशुल्क नहीं। हरियाणा सरकार इस प्रोजेक्ट में जमीन की लागत और लाइन बिछाने में आने वाले कंस्ट्रक्शन वर्क की कुल लागत का केवल आधा हिस्सा ही देना चाहती है। बस, इसी बात को लेकर कई साल से मामला अटका हुआ है।
लोगों, कारोबारियों को होगा फायदा
इलाकावासी लक्ष्मणदास गुप्ता, गुलाब गुप्ता, चमनलाल, प्रवीण और शमशेर सिंह के अनुसार चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ जगाधरी रेलवे ट्रेक बनने से यहां स्थानीय लोगों व कारोबारियों को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला है। इसलिए हरियाणा सरकार को बिना किसी शर्त के निशुल्क यहां जमीन उपलब्ध करवाकर जल्द से जल्द काम शुरू करवाना चाहिए।
उनके अनुसार यदि ये रेलवे लाइन का प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता है, तो लोगों को यमुनानगर, सहारनपुर, चंडीगढ़, कालका जाने के लिए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन नहीं भागना पड़ेगा। इस तरह अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन का भी रश कम होगा। इस तरह से कारोबारियों को भी काफी फायदा होगा।
सियासी दांवपेंच में फंसा था प्रोजेक्ट
दरअसल, ये परियोजना पूर्व लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा के कार्यकाल में पास हुआ था। यहां रेलवे ट्रेक की मांग इलाकावासी बरसों से कर रहे थे। पूर्व रेलवे मंत्री ममता बैनर्जी ने इस परियोजना को पास कर दिया था।
मगर पूर्व सरकार में कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सियासी खींचतान में हरियाणा सरकार इस परियोजना के लिए निशुल्क जमीन देने को तैयार नहीं थी। पूर्व लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा का कहना था कि जब पूर्व हरियाणा सरकार रोहतक-झज्जर व महम-हांसी ट्रैक के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध करा सकती है, तो यहां उनके लोकसभा क्षेत्र में ऐसा पक्षपात क्यों? पूर्व रेलवे मंत्री पवन बंसल भी इस ट्रैक को बनवाने के लिए प्रयासरत रहे।
मगर पूर्व हरियाणा सरकार द्वारा परियोजना के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध न कराए जाने पर परियोजना लटकी रही और सियासी खींचतान बढ़ती गई। मगर अब सीएम खट्टर के परियोजना के लिए निशुल्क जमीन देने के आश्वासन के बाद इस परियोजना को फिर से रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।
जनहित में इस महत्वपूर्ण परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस बाबत सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी बातचीत की गई है। सीएम ने आश्वस्त कर दिया है कि इस परियोजना के लिए हरियाणा सरकार निशुल्क जमीन उपलब्ध कराएगी। भाजपा सरकार इस परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाएगी।
-रतनलाल कटारिया, सांसद, अंबाला लोकसभा।
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सांसद द्वारा इस प्रोजेक्ट के बारे में अंबाला रेलवे मंडल के डीआरएम से भी विचार-विमर्श किया गया। रेलमंत्री सुरेश प्रभु भी सांसद कटारिया को आश्वस्त किया है कि इस रेलवे ट्रैक परियोजना पर मंत्रालय का दृष्टिकोण पूरी तरह सकारात्मक है।
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सरकार प्रोजेक्ट को देगी निशुल्क जमीन
सांसद रतनलाल कटारिया ने सीएम मनोहरलाल से मिलकर चंडीगढ़-पंचकूला-नारायणगढ़-जगाधरी रेलवे ट्रैक परियोजना में आ रही समस्या के समाधान पर चर्चा की थी।
दरअसल, नियमानुसार रेल मंत्रालय और योजना आयोग (अब नीति आयोग) जिस भी राज्य में रेल लाइन के प्रोजेक्ट को पास करते हैं तो वहां राज्य सरकार ही जगह उपलब्ध कराती है और रेल लाइन बनने के दौरान कंस्ट्रक्शन वर्क का आधा खर्च भी संबंधित राज्य की सरकार ही वहन करती है।
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लेकिन पूर्व हुड्डा सरकार रेलवे ट्रैक प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने को तो तैयार थी है, मगर निशुल्क नहीं। हरियाणा सरकार इस प्रोजेक्ट में जमीन की लागत और लाइन बिछाने में आने वाले कंस्ट्रक्शन वर्क की कुल लागत का केवल आधा हिस्सा ही देना चाहती है। बस, इसी बात को लेकर कई साल से मामला अटका हुआ है।
लोगों, कारोबारियों को होगा फायदा
इलाकावासी लक्ष्मणदास गुप्ता, गुलाब गुप्ता, चमनलाल, प्रवीण और शमशेर सिंह के अनुसार चंडीगढ़ से वाया नारायणगढ़ जगाधरी रेलवे ट्रेक बनने से यहां स्थानीय लोगों व कारोबारियों को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला है। इसलिए हरियाणा सरकार को बिना किसी शर्त के निशुल्क यहां जमीन उपलब्ध करवाकर जल्द से जल्द काम शुरू करवाना चाहिए।
उनके अनुसार यदि ये रेलवे लाइन का प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता है, तो लोगों को यमुनानगर, सहारनपुर, चंडीगढ़, कालका जाने के लिए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन नहीं भागना पड़ेगा। इस तरह अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन का भी रश कम होगा। इस तरह से कारोबारियों को भी काफी फायदा होगा।
सियासी दांवपेंच में फंसा था प्रोजेक्ट
दरअसल, ये परियोजना पूर्व लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा के कार्यकाल में पास हुआ था। यहां रेलवे ट्रेक की मांग इलाकावासी बरसों से कर रहे थे। पूर्व रेलवे मंत्री ममता बैनर्जी ने इस परियोजना को पास कर दिया था।
मगर पूर्व सरकार में कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सियासी खींचतान में हरियाणा सरकार इस परियोजना के लिए निशुल्क जमीन देने को तैयार नहीं थी। पूर्व लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा का कहना था कि जब पूर्व हरियाणा सरकार रोहतक-झज्जर व महम-हांसी ट्रैक के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध करा सकती है, तो यहां उनके लोकसभा क्षेत्र में ऐसा पक्षपात क्यों? पूर्व रेलवे मंत्री पवन बंसल भी इस ट्रैक को बनवाने के लिए प्रयासरत रहे।
मगर पूर्व हरियाणा सरकार द्वारा परियोजना के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध न कराए जाने पर परियोजना लटकी रही और सियासी खींचतान बढ़ती गई। मगर अब सीएम खट्टर के परियोजना के लिए निशुल्क जमीन देने के आश्वासन के बाद इस परियोजना को फिर से रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।
जनहित में इस महत्वपूर्ण परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस बाबत सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी बातचीत की गई है। सीएम ने आश्वस्त कर दिया है कि इस परियोजना के लिए हरियाणा सरकार निशुल्क जमीन उपलब्ध कराएगी। भाजपा सरकार इस परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाएगी।
-रतनलाल कटारिया, सांसद, अंबाला लोकसभा।