फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Champion shooter Deepak sweating at his own expense for the medal

वर्ल्ड चेंपियनशिप और एशियन गेम में मेडल के लिये अपना खर्च कर पसीना बहा रहा शूटर दीपक सैनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 12:33 AM IST
विज्ञापन
Champion shooter Deepak sweating at his own expense for the medal
अंबाला। शूटिंग के पैरालंपिक खिलाड़ी और 11 वर्षों से नेशनल चैंपियन रहे दीपक सैनी इन दिनों वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स की तैयारियों में जुट गए हैं। ये दोनों मुकाबले अगस्त और नवंबर माह में प्रस्तावित हैं मगर दीपक इन मुकाबलों की तैयारी खुद अपने खर्च पर कर रहे हैं। उन्हें इसके लिए अभी तक कोई स्पांसर नहीं मिला है। वह खुद अपनी ही शूटिंग रेंज में पसीना बहा रहे हैं। उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज से मांग की है कि वार हीरोज स्टेडियम में या अन्य किसी जगह पर सरकारी स्तर पर विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज तैयार करवाई जाए।
विज्ञापन

उनका मानना है कि हरियाणा के खिलाड़ियों में वो क्षमता हो, जो दुनियाभर में भारत का लोहा मनवा सकते हैं, मगर सामान्य परिवारों के खिलाड़ियों के लिये सबसे बड़ी समस्या संसाधनों के अभाव की होती है। अंबाला में निजी शूटिंग रेंज चलाने का मकसद भी बस इतना ही है कि मेरा खुद का अभ्यास भी हो जाए, वरना बच्चों से मिलने वाली फीस से तो रेंज का भी खर्च पूरा नहीं निकलता।
विज्ञापन

खिलाड़ियों और खुद की पीड़ा व्यक्त करते हुए दीपक सैनी ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि हरियाणा में निशानेबाजी को बढ़ावा देने के लिए अंबाला में भी एक विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज स्थापित की जाए। अगर हरियाणा के गृह मंत्री और अंबाला छावनी के विधायक अनिल विज चाहेंगे तो निशानेबाजों के लिए अंबाला में 20-20 लाइन की रेंज यहां बनवा सकते हैं और इस पर सरकार का ज्यादा खर्च भी नहीं होगा। उनके अनुसार विज ने हरियाणा में खेलों को बढ़ावा देने के लिये पहले भी कई अहम कदम उठाए हैं और अंबाला में खेल स्टेडियम और अन्य कई विकास कार्यों की कड़ी में अगर शूटिंग रेंज भी जुड़ेगी तो लाजिमी यहां से भारत को विश्वस्तर पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिलाने वाले और भी कई खिलाड़ी मिल सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि निशानेबाजी पहले ही काफी महंगा खेल है, अगर दूर दराज क्षेत्रों जाकर इसका प्रशिक्षण लेना सामान्य परिवारों के बच्चों के लिये और भी मुश्किल पैदा करने वाला होता है। दीपक सैनी के मुताबिक शुरुआत में ही खिलाड़ी के लिये 10 हजार रुपये मासिक कम से कम खर्च करने पड़ते हैं और सरकार खिलाड़ियों को केवल मेडल लाने पर ही नगद पुरस्कार देती है, जबकि प्रशिक्षण से लेकर मेडल लाने तक के बीच का सफर काफी भारी भरकम खर्च के साथ काफी महंगा और मुश्किल भरा होता है।
दरअसल, इस साल दो महत्वपूर्ण टूर्नामेंट दुबई और चीन में होने जा रहे हैं, इसमें दीपक भी भाग लेंगे। अगस्त माह में दुबई में वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी, जबकि नवंबर महीने में चीन में एशियन गेम्स हो रही है। दीपक सैनी का लक्ष्य इन दोनों टूर्नामेंट में मेडल हासिल करने का है।

अवार्ड मनी अभ्यास और शूटिंग के लिये संसाधन जुटाने में हो चुकी खर्च
दीपक के मुताबिक वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स की तैयारी के लिये उनका प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपये खर्च हो रहा है। कोरोना की वजह से अभी तक कोई ऐसा स्पांसर भी सामने नहीं आया है, जोकि इसके अभ्यास पर हो रहे खर्च में मदद दे सके। बता दें कि अभी तक के खेल कॅरिअर में दीपक सैनी को करीब 30 लाख रुपये की अवार्ड मनी प्राप्त हुई है, लेकिन वह सारा पैसा शूटिंग के लिये उपयोगी संसाधनों पर खर्च हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed