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हंगामे के बीच सीईटी की हुई शुरूआत, पहले ही दिन 6492 रहे अनुपस्थित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 01:39 AM IST
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CET started amid uproar, 6492 absent on first day
CET started amid uproar, 6492 absent on first day - फोटो : Ambala
अंबाला। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) की शुरुआत शनिवार को हंगामेदार रही। पहले दिन 29 सेंटरों पर करीब 22 हजार अभ्यर्थियों में से केवल 16308 ने ही परीक्षा दी। दो चरणों में यह परीक्षा आयोजित हुई थी। सुबह की शिफ्ट में 11400 में से 8050 ने परीक्षा दी और 3350 अनुपस्थित रहे। शाम की शिफ्ट में 11400 में से 8258 ने परीक्षा दी और 3142 अनुपस्थित रहे। स्थिति यह थी कि अलसुबह से ही बस स्टैंड से लेकर परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी हुई थी। कोई बहन तो अपने पत्नी को पेपर दिलवाने के लिए आया हुआ था। वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर भी भारी पुलिस तैनात रहा।
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इस दौरान छावनी डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर अभ्यर्थी ऑनलाइन निकले गलत रोल नंबर के फेर में उलझकर रह गए। रेवाड़ी, सोनीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, भिवानी से आने वाले सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए। जिन्होंने जमकर धरना प्रदर्शन किया। उधर, परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के चेहरे खिल उठे। उनका कहना था कि परीक्षा का पिछले दो साल से इंतजार था। दिनरात तैयारी करने के बाद अब परीक्षा देकर उन्हें रोजगार की तरफ कदम बढ़ने से खुशी हुई है। उधर, परीक्षा शुरू और खत्म होने के बाद बस स्टैंड व मेन मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई थी। जबकि परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों को बसों में चढ़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बिगड़े हालातों को देखकर बस स्टैंड में पुलिस बल तैनात रहा, जिन्होंने इन हालातों को संभाला।
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वह डॉक्टरी करता है और 235 किलोमीटर का सफर तय कर छावनी डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर पहुंचा, यहां आकर देखा कि यह सेंटर की गलत है। परिवार में शादी में न जाकर परीक्षा देने के लिए आया था और परीक्षा से ही वंचित रह गया।
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-मनमोहन बरसीवाल, लोहारू भिवानी
अलसुबह ही घर से निकल गया था। एक दिन पहले ही रोल नंबर निकाला था तो उसमें परीक्षा केंद्र डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। यहां आकर दोबारा से रोल नंबर को ऑनलाइन जांचा तो उसमें बदलाव हो गया। दूसरे शहर में सेंटर दिखा रहा है ऐसे में वहां पहुंचना असंभव है। यह संबंधित अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है।
-जनताज निवासी करनाल
रोल नंबर में उसकी बहन प्रियंका और उसका एक ही सेंटर यानी अंबाला का डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल दिखाया गया था। माता के साथ वह सुबह ही पहुंच गए थे। पहले सेंटर पर पहुंचे तो उन्होंने डीएवी रिवरसाइड स्कूल भेज दिया। वहां से भी उन्हें लौटा दिया। कोई भी उनकी परेशानी सुनने वाला नहीं है। केवल ऑनलाइन गलती बताकर वापस लौटने की बात कही जा रही है जोकि सरासर गलत है।
-विकास, गुरुग्राम
पत्नी प्रियंका की परीक्षा के लिए वह सुबह बच्चे संग काम छोड़कर अंबाला पहुंचे। सफर में पहले ही परेशानी बहुत हुई और ऊपर से सेंटर भी गलत बता दिया। आखिरी समय में परीक्षा केंद्र में बदलाव करना और वो भी बिना किसी सूचना के, यह कहां की सही बात है। यह संबंधित अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है जो सैकड़ों अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-दीपक, सोनीपत
परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन की वीडियो खुद बनाकर की वायरल
डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों में गुस्सा इतना था कि खुद ही वीडियो बनाकर ग्रुप व दोस्तों को भेजी। उसमें परीक्षा को लेकर की गई तैयारी का हवाला देते हुए अलग-अलग रोल नंबरों की फोटो भी दिखाई गई ताकि रविवार को होने वाली परीक्षा को लेकर दूसरे अभ्यर्थी सतर्क हो सके।
रोडवेज ने चलाई 124 अतिरिक्त बसें
हरियाणा रोडवेज की तरफ से अभ्यर्थियों के लिए निजी व सरकारी को मिलाकर पहले दिन ही परीक्षा में कुल 127 बसें चलाई। सुबह की शिफ्ट में कुल 57 बसें चली। अंबाला से चंडीगढ़ रूट पर 15, कैथल रूट पर 10, कुरुक्षेत्र रूट पर 6, पंचकूला रूट पर 13, यमुनानगर रूट पर 13 बसें चली। इसके अलावा दोपहर वाली शिफ्ट को लेकर कुल 67 बसें चली। अंबाला से चंडीगढ़ रूट पर 25, कैथल रूट पर 15, कुरुक्षेत्र रूट पर 13, पंचकूला रूट पर 5, यमुनानगर रूट पर 9 बसे चली।
बैग रखने के नाम पर खूब हुई अभ्यर्थियों से वसूली
परीक्षा केंद्रों के बाहर स्थानीय लोगों ने ही बिना किसी अनुमति के लिए अपने स्तर पर अभ्यर्थियों से बैग रखने शुरू कर दिए थे। कोई 30 तो कोई 50 रुपये तक वसूल कर रहे थे। हालांकि कुछ अभ्यर्थी इतने दाम का विरोध भी कर रहे थे लेकिन परीक्षा के चलते शांत होकर चले गए।

बस स्टैंड पर देररात ही पहुंचे अभ्यर्थी, नहीं मिली बसें तो खाने पड़े धक्के
परीक्षा के लिए अंबाला से जाने वाले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के लिए शुक्रवार देररात को ही घरों से निकल पड़े। ऐसे में कुछ अभ्यर्थी अलग-अलग बस स्टैंड पर पहुंचे लेकिन उनके लिए कोई अतिरिक्त बसें नहीं थी, जो थी वो पूरी सवारियां भरने के बाद ही चलनी थी। ऐसे में अभ्यर्थी जल्द पहुंचने के लिए इधर-उधर धक्के खाते रहे। आखिर में ट्रेन को किसी ने प्राइवेट व निजी गाड़ियों का सहारा लिया। बता दें कि छावनी बस स्टैंड से पहली बस सुबह 5 बजे पंचकूला के लिए रवाना हुई। छावनी बस अड्डा इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया कि बसों की व्यवस्था थी लेकिन पूरी सवारियां होने के बाद ही उसे चलाया जाना था। युवा वापस लौटे है उन्हें जानकारी नहीं है।
परीक्षा शांतिपूर्ण रही है। छावनी सेंटर पर कुछ अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रहे हैं उनका फैसला एचएसएससी लेगा। यह उनके स्तर का मामला नहीं है।
-डॉ. प्रियंका, उपायुक्त अंबाला
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