{"_id":"686ed9d4877421c03c034ea2","slug":"cantonment-area-will-be-free-hold-people-will-be-able-to-get-registry-done-ambala-news-c-36-1-amb1001-145743-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: छावनी क्षेत्र होगा फ्री होल्ड, लोग करवा सकेंगे रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: छावनी क्षेत्र होगा फ्री होल्ड, लोग करवा सकेंगे रजिस्ट्री
Thu, 10 Jul 2025 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:36 AM IST
विज्ञापन
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। छावनी क्षेत्र को फ्री होल्ड करने की तैयारी हरियाणा सरकार कर रही है। यह कार्रवाई निकाय विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है जो सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है। अब सरकार इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएगी।
सरकार की अनुमति मिलते ही लोग दुकान व मकानों की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इस से लोगों की मांग पूरी होगी और छावनी में भी आलीशान इमारतों का निर्माण हो सकेगा।
सदर क्षेत्र सहित कुछ अन्य जगह को कैंटोनमेंट बोर्ड ने पांच फरवरी 1977 को राज्य सरकार को सौंप दिया था। एक्साइज समझौते के तहत इस जमीन का मालिकाना हक किसी को नहीं मिल सकता और न ही कोई जमीन बेच व खरीद सकता था। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत थी और बाकायदा अंबाला छावनी में एक्साइज से जुड़ी जमीन को लेकर जानकारी मांगी थी जोकि लगभग 1066 एकड़ के करीब है।
विज्ञापन
सदर क्षेत्र की जमीन के एवज में कैंटोनमेंट बोर्ड को मिली थी 330 एकड़ जमीन : कैंटोनमेंट बोर्ड से प्राप्त जानकारी अनुसार जब राज्य सरकार को सदर क्षेत्र की जमीन दी गई थी तो इसके एवज में लगभग 330 एकड़ जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड को मिली थी जोकि सेना ने अपने अधीन ले ली। पंजोखरा रोड सहित अन्य कुछ क्षेत्रों में ऐसी जमीनें हैं, जहां सेना ने अपने कार्यालय व अन्य कुछ इमारतों का निर्माण किया हुआ है। संवाद
विज्ञापन
अंबाला। छावनी क्षेत्र को फ्री होल्ड करने की तैयारी हरियाणा सरकार कर रही है। यह कार्रवाई निकाय विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है जो सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है। अब सरकार इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएगी।
सरकार की अनुमति मिलते ही लोग दुकान व मकानों की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इस से लोगों की मांग पूरी होगी और छावनी में भी आलीशान इमारतों का निर्माण हो सकेगा।
विज्ञापन
सदर क्षेत्र सहित कुछ अन्य जगह को कैंटोनमेंट बोर्ड ने पांच फरवरी 1977 को राज्य सरकार को सौंप दिया था। एक्साइज समझौते के तहत इस जमीन का मालिकाना हक किसी को नहीं मिल सकता और न ही कोई जमीन बेच व खरीद सकता था। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत थी और बाकायदा अंबाला छावनी में एक्साइज से जुड़ी जमीन को लेकर जानकारी मांगी थी जोकि लगभग 1066 एकड़ के करीब है।
विज्ञापन
सदर क्षेत्र की जमीन के एवज में कैंटोनमेंट बोर्ड को मिली थी 330 एकड़ जमीन : कैंटोनमेंट बोर्ड से प्राप्त जानकारी अनुसार जब राज्य सरकार को सदर क्षेत्र की जमीन दी गई थी तो इसके एवज में लगभग 330 एकड़ जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड को मिली थी जोकि सेना ने अपने अधीन ले ली। पंजोखरा रोड सहित अन्य कुछ क्षेत्रों में ऐसी जमीनें हैं, जहां सेना ने अपने कार्यालय व अन्य कुछ इमारतों का निर्माण किया हुआ है। संवाद