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सवा सौ बड़े कारोबारियों को समन, 21 करोड़ सरेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Fri, 31 Mar 2017 11:40 PM IST
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अंबाला
- फोटो : Amar Ujala
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अंबाला कैंट। नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग की निगाहें अंबाला के बड़े कारोबारियों पर थीं। आयकर विभाग लगातार विभिन्न बैंकों के लाइजनिंग में था और हर शख्स के खातों में होने वाली ट्रांजेक्शन पर नजर गड़ाए हुए था। इसी के चलते अब आयकर विभाग ने अंबाला में लगभग सवा सौ ऐसे बड़े कारोबारियों को चिह्नित किया है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान दस लाख या इससे अधिक राशि का ट्रांजेक्शन अपने खातों में किया था।
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इन्हीं ट्रांजेक्शन को संदिग्ध मानते हुए आयकर विभाग ने संबंधित कारोबारियों को समन जारी कर दिया है। ये समन आयकर अधिनियम की धारा 131 के तहत जारी किया गया है। इसमें इन सभी कारोबारियों को आयकर विभाग में खुद तलब होने के आदेश दिए गए हैं। नोटबंदी के दौरान लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन करने वाले इन कारोबारियों को आयकर विभाग में खुद पेश होकर लिखित में ये स्पष्टीकरण देना होगा कि आखिरकार जो ट्रांजेक्शन उन्होंने नोटबंदी के दौरान की है, वे किस एवज में थी?
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बड़े कारोबारियों के इस लिखित जवाब से यदि आयकर विभाग संतुष्ट नहीं होता है, तो उनके खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि समन जारी किए गए आयकर विभाग के इन बड़े कारोबारियों में कपड़ा कारोबारी, साइंस कारोबारी, सराफा कारोबारी, पेट्रोल पंप संचालक व अन्य निजी फर्म शामिल हैं। इनमें से कई बड़े कारोबारी तो आयकर विभाग में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं, जबकि कई कारोबारी शहर से और देश से बाहर है, उनकी ओर से अपने बाहर होने की औपचारिक सूचना अपने प्रतिनिधि द्वारा आयकर विभाग को दे दी गई है। कारोबारियों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर केस-टू-केस आयकर विभाग अब अपनी कार्रवाई करेगा।
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कारोबारियों से सरेंडर हुए करोड़ों रुपये
कालेधन के संदेह में आयकर विभाग जहां एक ओर अपनी कार्रवाई में जुटा है, वहीं सरकार की कालेधन को स्वयं घोषित करने की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत भी अंबाला के कई कारोबारियों ने अपना कालाधन घोषित किया है। कुछ कालाधन आयकर विभाग की इंस्पेक्टिंग टीम ने सरेंडर करवाया है। इस कालेधन पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत ही कार्रवाई होगी। इसके अंतर्गत 50 फीसद धन तो आयकर विभाग जब्त करेगा, जबकि 25 फीसद धन एसेस्सी अकाउंट (घोषित करने वाला व्यक्ति) के खाते 4 साल तक जमा रहेगा, लेकिन इस पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा।
आयकर विभाग के एक अफसर ने बताया कि इस योजना के तहत करीबन 20 लोगों ने लगभग 21 करोड़ का कालाधान सरेंडर कर दिया है, इसमें से इंस्पेक्टिंग विंग द्वारा भी काफी कालाधन सरेंडर करवाया गया है, क्योंकि इस योजना के तहत 31 मार्च 2017 तक ही लोगों को अपना कालाधन घोषित करना था।
जारी रहेगी छापामारी, मचा हड़कंप
नोटबंदी का दौर खत्म होने के बाद कालेधन को लेकर आयकर विभाग एक्शन मोड में हैं। अंबाला में विभाग ने लगातार विभिन्न कई फर्मों पर छापेमारी की और उनसे अघोषित आय सरेंडर करवाई। अभी विगत सप्ताह भी दो कारोबारियों पर रेड की गई। आयकर विभाग के एक अफसर ने बताया कि अभी भी छापेमारी का दौर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग अपने स्रोतों से ऐसे कारोबारियों को राडार पर ले रहा है, जिनके पास काफी अघोषित आय होने की पूरी संभावना है। उनके प्रतिष्ठानों व घरों में रेडकर पूरी तरह से गहन जांच की जाएगी। आयकर विभाग के अफसर के अनुसार सरकार कालेधन को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और ये कार्रवाई भी इसी का एक हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए आयकर विभाग ने अपनी विशेष टीमें गठित की हुई हैं।