{"_id":"68263cfec7da5030580e9b7a","slug":"both-phones-of-absconding-principal-are-switched-off-house-is-locked-ambala-news-c-36-1-sknl1017-142751-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: फरार प्रिंसिपल के दोनों फोन बंद, घर पर ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: फरार प्रिंसिपल के दोनों फोन बंद, घर पर ताला
विज्ञापन
अंबाला। एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों की फीस रसीद बुक से जुड़े गबन मामले में दो गिरफ्तारियों के बाद प्रिंसिपल नीरज बाली घर से नदारद चल रहे हैं। घर पर ताला व दोनों फोन भी बंद होने के कारण अभी तक गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
साइबर सेल की मदद से आरोपी को काबू करने के लिए दबिश दी जा रही है। उनकी आखिरी लोकेशन पर भी कोई सुराग नहीं मिला। लगातार पुलिस की टीमें रिश्तेदारी व अन्य जगह दबिश दे रहीं हैं। गबन मामले में अकाउंटेंट राजीव जैन को लेकर भी पुलिस पूरी गहनता से जांच में जुटी हुई है। हालांकि उनका गबन में नाम आ चुका है लेकिन अभी तक पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी नहीं की गई है।
यह था पूरा मामला : शिकायतकर्ता एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक हितेष जैन ने बताया कि 27 नवंबर 2024 बर को पिछले 3-4 दिन की विद्यार्थियों से की फीस की रसीद बुकों की जांच की गई थी। जांच में फीस क्लर्क मोहित आर्य द्वारा वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं थीं। उसने ढाई लाख रुपये की गड़बड़ी स्वयं मानी थी।
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच के बाद मोहित आर्य ने ढाई लाख रुपये विद्यालय के खाते में जमा करवा दिए थे। प्रबंधन समिति ने सीए से वित्तीय वर्ष 2023-24 की जांच करवाई तो एक वर्ष में ही मोहित द्वारा स्कूल फीसों में से लगभग 19 लाख रुपये का हेरफेर किया था। इस आडिट रिपोर्ट को मोहित को दिखाया गया तो उसने माना कि उसने स्कूल से हेराफेरी की थी।
विज्ञापन
साइबर सेल की मदद से आरोपी को काबू करने के लिए दबिश दी जा रही है। उनकी आखिरी लोकेशन पर भी कोई सुराग नहीं मिला। लगातार पुलिस की टीमें रिश्तेदारी व अन्य जगह दबिश दे रहीं हैं। गबन मामले में अकाउंटेंट राजीव जैन को लेकर भी पुलिस पूरी गहनता से जांच में जुटी हुई है। हालांकि उनका गबन में नाम आ चुका है लेकिन अभी तक पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी नहीं की गई है।
विज्ञापन
यह था पूरा मामला : शिकायतकर्ता एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक हितेष जैन ने बताया कि 27 नवंबर 2024 बर को पिछले 3-4 दिन की विद्यार्थियों से की फीस की रसीद बुकों की जांच की गई थी। जांच में फीस क्लर्क मोहित आर्य द्वारा वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं थीं। उसने ढाई लाख रुपये की गड़बड़ी स्वयं मानी थी।
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच के बाद मोहित आर्य ने ढाई लाख रुपये विद्यालय के खाते में जमा करवा दिए थे। प्रबंधन समिति ने सीए से वित्तीय वर्ष 2023-24 की जांच करवाई तो एक वर्ष में ही मोहित द्वारा स्कूल फीसों में से लगभग 19 लाख रुपये का हेरफेर किया था। इस आडिट रिपोर्ट को मोहित को दिखाया गया तो उसने माना कि उसने स्कूल से हेराफेरी की थी।