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Ambala News: चांदी के स्वरूप में भोले का शृंगार, नंदी पर सवार होकर दूल्हा बने शिव शंभू
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छावनी के कैलाश मंदिर हाथीखाना में भोले बाबा का चांदी के स्वरूप से किया श्रृंगार। प्रवक्ता
बाबा के रूप को निखारने के लिए कमल व गुलाब के ताजे फूलों का किया इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के कैलाश मंदिर हाथीखाना में भगवान भोलेनाथ का अलौकिक और भव्य शृंगार किया गया। मंदिर परिसर में विराजमान पवित्र शिवलिंग को चांदी के दिव्य स्वरूप से सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
भगवान शिव के इस अलौकिक रूप को निखारने के लिए कमल व गुलाब के ताजे फूलों के साथ-साथ फलों, चिप्स और फ्रूटी की विशेष मालाओं का प्रयोग किया गया। मंदिर में उपस्थित भक्तगण भोले बाबा के इस मनमोहक और अनोखे रूप को देखकर भावविभोर हो उठे।
नंदी महाराज पर सवार हुए दूल्हा बने शिव शंभू
मंदिर में मुख्य आकर्षण भगवान भोलेनाथ का दूल्हा रूप रहा। बाबा भोलेनाथ को सुंदर सेहरा पहनाकर दूल्हे का रूप दिया गया और उन्हें नंदी महाराज पर सवार कराया गया। वहीं नंदी महाराज को भी नोटों, ताजे फूलों की मालाओं, ताजे फलों और लाल कमल के पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया। इसके साथ ही नंदी महाराज को विशेष रूप से घेवर का भोग अर्पित किया गया। इसके उपरांत दूल्हा बने भोले बाबा, चांदी के स्वरूप में सुशोभित शिवलिंग और नंदी महाराज की महाआरती उतारी गई। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयकारों से गूंज उठा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के कैलाश मंदिर हाथीखाना में भगवान भोलेनाथ का अलौकिक और भव्य शृंगार किया गया। मंदिर परिसर में विराजमान पवित्र शिवलिंग को चांदी के दिव्य स्वरूप से सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
भगवान शिव के इस अलौकिक रूप को निखारने के लिए कमल व गुलाब के ताजे फूलों के साथ-साथ फलों, चिप्स और फ्रूटी की विशेष मालाओं का प्रयोग किया गया। मंदिर में उपस्थित भक्तगण भोले बाबा के इस मनमोहक और अनोखे रूप को देखकर भावविभोर हो उठे।
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नंदी महाराज पर सवार हुए दूल्हा बने शिव शंभू
मंदिर में मुख्य आकर्षण भगवान भोलेनाथ का दूल्हा रूप रहा। बाबा भोलेनाथ को सुंदर सेहरा पहनाकर दूल्हे का रूप दिया गया और उन्हें नंदी महाराज पर सवार कराया गया। वहीं नंदी महाराज को भी नोटों, ताजे फूलों की मालाओं, ताजे फलों और लाल कमल के पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया। इसके साथ ही नंदी महाराज को विशेष रूप से घेवर का भोग अर्पित किया गया। इसके उपरांत दूल्हा बने भोले बाबा, चांदी के स्वरूप में सुशोभित शिवलिंग और नंदी महाराज की महाआरती उतारी गई। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयकारों से गूंज उठा।

छावनी के कैलाश मंदिर हाथीखाना में भोले बाबा का चांदी के स्वरूप से किया श्रृंगार। प्रवक्ता
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