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भागवत कथा भगवान से मिलने का साधन : प्रेम
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अंबाला छावनी के बोह गांव श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा। प्रव
अंबाला। बोह में दूसरे दिन राधा माधव मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह के ज्ञान यज्ञ का अनिल मेहता और राजिंदर कुमार ने शुभारंभ किया। श्रीमद्भागवत महापुराण एवं बाल कृष्ण स्वरूप भगवान का पूजन श्रद्धा और भाव से अन्य सदस्यों और सपरिवार द्वारा किया गया। कथा व्यास भागवत रसिक भाई प्रेम सागर पथिक ने कहा कि भगवान का स्वरूप है सतचित आनंद, उनसे मिलने का सर्वोत्तम मार्ग और साधन श्रीमद्भागवत महापुराण है।
ये भगवान का वांद्रमय, स्वरूप है। उन्होंने कहा यह पावन पुराण कल्प वृक्ष है जो जीव को सभी प्रकार के मनोवांछित फल को प्रदान करता है। जीव को मुक्ति प्रदान करती है यह पावन कथा। भगवान से अपनी इच्छानुसार संबंध स्थापित करो।
दुख से या सुख दोनों कालों में भगवान को याद करो। मैं ईश्वर का हूं और ईश्वर मेरे सर्वस्व हैं। उन्होंने कहा ईश्वर की आराधना भाव व श्रद्धा से करो। भगवान की आराधना, प्रार्थना, पूजा, वंदना करने से जीव की ओर से जाने-अनजाने किए हुए पाप जलकर भस्म हो जाते हैं।
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रामचरितमानस जीव को जीने की कला सिखाता है और श्रीमद्भागवत महापुराण जीव का मरना सुधारता है, अर्थात मरने का ढंग प्रदान करता है। उन्होंने कहा प्रत्येक रचना करने का कोई विशेष कारण होता है। जैसे रामायण वाल्मीकि ऋषि के दुख से द्रवित हृदय का फल है। श्री कृष्ण द्वारा प्रदान गीता जी अर्जुन के विषाद का फल है। इस अवसर पर एससी मेहता, सुरिंदर, किरण, साक्षी शर्मा, सुमन, ललिता आदि मौजूद रहे।
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ये भगवान का वांद्रमय, स्वरूप है। उन्होंने कहा यह पावन पुराण कल्प वृक्ष है जो जीव को सभी प्रकार के मनोवांछित फल को प्रदान करता है। जीव को मुक्ति प्रदान करती है यह पावन कथा। भगवान से अपनी इच्छानुसार संबंध स्थापित करो।
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दुख से या सुख दोनों कालों में भगवान को याद करो। मैं ईश्वर का हूं और ईश्वर मेरे सर्वस्व हैं। उन्होंने कहा ईश्वर की आराधना भाव व श्रद्धा से करो। भगवान की आराधना, प्रार्थना, पूजा, वंदना करने से जीव की ओर से जाने-अनजाने किए हुए पाप जलकर भस्म हो जाते हैं।
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रामचरितमानस जीव को जीने की कला सिखाता है और श्रीमद्भागवत महापुराण जीव का मरना सुधारता है, अर्थात मरने का ढंग प्रदान करता है। उन्होंने कहा प्रत्येक रचना करने का कोई विशेष कारण होता है। जैसे रामायण वाल्मीकि ऋषि के दुख से द्रवित हृदय का फल है। श्री कृष्ण द्वारा प्रदान गीता जी अर्जुन के विषाद का फल है। इस अवसर पर एससी मेहता, सुरिंदर, किरण, साक्षी शर्मा, सुमन, ललिता आदि मौजूद रहे।

अंबाला छावनी के बोह गांव श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा। प्रव