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Ambala News: 21 दिनों की तपस्या पर बैठे बाबा रुद्र गिरी
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मुलाना में मारकंडा नदी किनारे तपस्या में बैठे बाबा रुद्र गिरी महाराज। संवाद
- फोटो : Archive
कड़ी धूप और धधकती आग के बीच कर रहे साधना
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। मारकंडा नदी के तट पर इन दिनों विश्व शांति और मानवता की मंगल कामना के लिए बाबा रुद्र गिरी महाराज 21 दिवसीय पंचधुनी तपस्या में लीन हैं। भीषण गर्मी और धूप के बीच चल रही यह तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी हुई है। मारकंडा नदी किनारे स्थापित तप स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा रुद्र गिरी महाराज दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पांच धुनों की अग्नि के मध्य बैठकर साधना करते हैं। तपस्या आगामी 6 जून तक जारी रहेगी।
प्राचीन परंपरा
सनातन धर्म की प्राचीन तपस्या परंपराओं में पंचधुनी साधना को अत्यंत कठिन और प्रभावशाली माना जाता है। इसमें साधक के चारों ओर चार दिशाओं में अग्नि प्रज्वलित की जाती है तथा पांचवीं धुनी सामने की ओर स्थापित होती है। अग्नि और सूर्य की तीव्र गर्मी के बीच बैठकर साधक ध्यान, जप और तप करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह साधना इंद्रिय संयम, मानसिक दृढ़ता तथा लोकमंगल की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम मानी जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। मारकंडा नदी के तट पर इन दिनों विश्व शांति और मानवता की मंगल कामना के लिए बाबा रुद्र गिरी महाराज 21 दिवसीय पंचधुनी तपस्या में लीन हैं। भीषण गर्मी और धूप के बीच चल रही यह तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी हुई है। मारकंडा नदी किनारे स्थापित तप स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा रुद्र गिरी महाराज दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पांच धुनों की अग्नि के मध्य बैठकर साधना करते हैं। तपस्या आगामी 6 जून तक जारी रहेगी।
प्राचीन परंपरा
सनातन धर्म की प्राचीन तपस्या परंपराओं में पंचधुनी साधना को अत्यंत कठिन और प्रभावशाली माना जाता है। इसमें साधक के चारों ओर चार दिशाओं में अग्नि प्रज्वलित की जाती है तथा पांचवीं धुनी सामने की ओर स्थापित होती है। अग्नि और सूर्य की तीव्र गर्मी के बीच बैठकर साधक ध्यान, जप और तप करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह साधना इंद्रिय संयम, मानसिक दृढ़ता तथा लोकमंगल की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम मानी जाती है।
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