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Ambala News: आयुष्मान केंद्रों को मिलेगी इन्कवास की मान्यता
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गरनाला में मौजूद आयुष्मान आरोग्य मंदिर की फोटो। विभाग।
अंबाला सिटी। जिला अंबाला के आयुष्मान केंद्रों को भी अब इन्कवास से मान्यता मिल जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मानकों को पूरा करने में जुटा हुआ है। मानक पूरा होने के बाद केंद्रों की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद टीम द्वारा जांच होगी और मान्यता दी जाएगी।
इस मान्यता से विभाग को तो लाभ होगा ही साथ ही मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। जिला अंबाला में 102 सब सेंटर हैं। इनमें से 92 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। इन सभी केंद्रों को मान्यता के बाद 18 हजार रुपए प्रति वर्ष की आर्थिक मदद मिलेगी।
ये मानक करने होंगे पूरे
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक इन्क्वास के तहत एक स्वास्थ्य केंद्र में अनुसार मंदिर में गर्भवति, नवजात, शिशु रोग, परिवार कल्याण, संक्रमित बीमारियां सहित सामान्य बीमारियों के उपचार संबंधी संसाधन एवं सुविधाएं पर्याप्त होनी चाहिए। इनके आधार पर टीम की ओर से आंकलन किया जाता है। इसके बाद टीम के सदस्य नंबर देते हैं और प्रमाण पत्र की रिपोर्ट भेज देते हैं। नंबरों पर ही मान्यता का आधार होता है। इसके साथ ही इनपुट-आउटपुट के साथ- साथ मरीजों के हक, संक्रमण से बचाव, सुविधाओं में सुधार गुणवत्ता प्रबंधन के लिए 100 प्रतिशत नंबर लेने होते हैं।
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वर्जन
मान्यता मिलने के बाद केंद्रों पर सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही सामान्य बीमारियों में अस्पताल की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आर्थिक मदद से भी संसाधनों को मजबूत किया जाएगा। विभाग की ओर से केंद्रों में जाकर व्यवस्थाओं की जांच हो रही है। जल्द ही सभी केंद्रों की जांच पूरी हो जाएगी।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत अभियान अंबाला।
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इस मान्यता से विभाग को तो लाभ होगा ही साथ ही मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। जिला अंबाला में 102 सब सेंटर हैं। इनमें से 92 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। इन सभी केंद्रों को मान्यता के बाद 18 हजार रुपए प्रति वर्ष की आर्थिक मदद मिलेगी।
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ये मानक करने होंगे पूरे
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक इन्क्वास के तहत एक स्वास्थ्य केंद्र में अनुसार मंदिर में गर्भवति, नवजात, शिशु रोग, परिवार कल्याण, संक्रमित बीमारियां सहित सामान्य बीमारियों के उपचार संबंधी संसाधन एवं सुविधाएं पर्याप्त होनी चाहिए। इनके आधार पर टीम की ओर से आंकलन किया जाता है। इसके बाद टीम के सदस्य नंबर देते हैं और प्रमाण पत्र की रिपोर्ट भेज देते हैं। नंबरों पर ही मान्यता का आधार होता है। इसके साथ ही इनपुट-आउटपुट के साथ- साथ मरीजों के हक, संक्रमण से बचाव, सुविधाओं में सुधार गुणवत्ता प्रबंधन के लिए 100 प्रतिशत नंबर लेने होते हैं।
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मान्यता मिलने के बाद केंद्रों पर सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही सामान्य बीमारियों में अस्पताल की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आर्थिक मदद से भी संसाधनों को मजबूत किया जाएगा। विभाग की ओर से केंद्रों में जाकर व्यवस्थाओं की जांच हो रही है। जल्द ही सभी केंद्रों की जांच पूरी हो जाएगी।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत अभियान अंबाला।