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Ambala News: मालवा एक्सप्रेस के निकलते ही रेहड़ी में आग, सिलेंडर में थी लीकेज
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प्लेटफार्म 7 पर खडी़ रेहड़ी में लगी आग को बुझाता ट्रेन चालक। संवाद
अंबाला। मालवा एक्सप्रेस के निकलते ही रेहड़ी में आग लग गई। घटना छावनी कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म सात पर शुक्रवार सुबह लगभग 11.20 बजे हुई। यह हादसा रेहड़ी पर रखे सिलेंडर में लीकेज की वजह से हुआ।
गनीमत रही कि इस हादसे में नुकसान नहीं हुआ। हालांकि रेहड़ी पर रखा कुछ सामान खराब हो गया। आग लगते ही प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच गई। हैरानी की बात यह रही कि रेहड़ी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को अग्निशमन यंत्र चलाना नहीं आया। जब मौके से एक ट्रेन चालक गुजरा तो उसने रेहड़ी पर आग देखकर तुरंत अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल किया और आग पर काबू पाया।
सूचना मिलने पर आरपीएफ सहित स्टेशन पर तैनात अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली, जोकि अब आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी आ गई है। हालांकि यह अब रेहड़ी पर कार्यरत वेंडर की गलती थी या फिर गैस पाइप की खराबी, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र
हादसे के बाद जब अमर उजाला की टीम ने रेहड़ियों और खानपान स्टालों पर लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की तो पाया कि अधिकांश जगह लगे अग्निशमन यंत्रों की तारीख खत्म हो गई थी और वो एक्सपायर हो गए थे। वहीं इनमें से काफी वेंडरों को अग्निशमन यंत्र ही चलाना नहीं आता था। ऐसे में अगर स्टेशन पर कोई हादसा हो जाए तो जान-माल का काफी नुकसान हो सकता है।
स्टाल से हटें गैस सिलेंडर
रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगभग तीन-चार माह पहले ही रेलवे स्टेशन के सभी स्टालों से गैस सिलेंडरों को हटवा दिया था। चूंकि रेहड़ी एक जगह से दूसरी जगह जा सकती थी और इसका एक जगह पर निर्धारण नहीं किया गया था। इसलिए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेहड़ियों पर गैस सिलेंडर की सुविधा प्रदान की हुई है।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। संबंधित कर्मचारी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद नियमानुसार जो भी कार्रवाई बनेगी, उसे किया जाएगा।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला रेल मंडल।
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गनीमत रही कि इस हादसे में नुकसान नहीं हुआ। हालांकि रेहड़ी पर रखा कुछ सामान खराब हो गया। आग लगते ही प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच गई। हैरानी की बात यह रही कि रेहड़ी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को अग्निशमन यंत्र चलाना नहीं आया। जब मौके से एक ट्रेन चालक गुजरा तो उसने रेहड़ी पर आग देखकर तुरंत अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल किया और आग पर काबू पाया।
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सूचना मिलने पर आरपीएफ सहित स्टेशन पर तैनात अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली, जोकि अब आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी आ गई है। हालांकि यह अब रेहड़ी पर कार्यरत वेंडर की गलती थी या फिर गैस पाइप की खराबी, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र
हादसे के बाद जब अमर उजाला की टीम ने रेहड़ियों और खानपान स्टालों पर लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की तो पाया कि अधिकांश जगह लगे अग्निशमन यंत्रों की तारीख खत्म हो गई थी और वो एक्सपायर हो गए थे। वहीं इनमें से काफी वेंडरों को अग्निशमन यंत्र ही चलाना नहीं आता था। ऐसे में अगर स्टेशन पर कोई हादसा हो जाए तो जान-माल का काफी नुकसान हो सकता है।
स्टाल से हटें गैस सिलेंडर
रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगभग तीन-चार माह पहले ही रेलवे स्टेशन के सभी स्टालों से गैस सिलेंडरों को हटवा दिया था। चूंकि रेहड़ी एक जगह से दूसरी जगह जा सकती थी और इसका एक जगह पर निर्धारण नहीं किया गया था। इसलिए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेहड़ियों पर गैस सिलेंडर की सुविधा प्रदान की हुई है।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। संबंधित कर्मचारी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सोमवार को रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद नियमानुसार जो भी कार्रवाई बनेगी, उसे किया जाएगा।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला रेल मंडल।

प्लेटफार्म 7 पर खडी़ रेहड़ी में लगी आग को बुझाता ट्रेन चालक। संवाद