{"_id":"6a97243de52d33f741084831","slug":"around-550-teacher-posts-vacant-in-government-schools-academic-operations-disrupted-by-sir-duty-ambala-news-c-36-1-sknl1003-168824-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: सरकारी स्कूलों में करीब 550 शिक्षकों के पद खाली, एसआईआर ड्यूटी से बिगड़ी पढ़ाई की व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: सरकारी स्कूलों में करीब 550 शिक्षकों के पद खाली, एसआईआर ड्यूटी से बिगड़ी पढ़ाई की व्यवस्था
Wed, 02 Sep 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
अंबाला छावनी के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले के सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में कुल 762 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से पहली से पांचवीं कक्षा तक के 497 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। प्राइमरी स्तर पर स्वीकृत करीब 1400 पदों के मुकाबले केवल 850 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 550 पद खाली पड़े हैं।
शिक्षकों की इस कमी के बीच कई कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दिए जाने से स्थिति और विकट हो गई है। ऐसे में कई विद्यालयों में एक ही शिक्षक के भरोसे कक्षाएं चलाने की नौबत आ गई है। शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में बनी हुई है। अंबाला शहर व छावनी के प्रमुख क्षेत्रों के स्कूल शिक्षकों की बाट जोह रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में अंबाला सिटी के सेक्टर-8, सेक्टर-9 और सेक्टर-10 स्थित प्राइमरी और मिडिल स्कूल में भी शिक्षकों की भारी कमी देखने को मिली है। इसके अलावा जंडली स्थित प्राइमरी व मिडिल स्कूल के हालात भी अधिक अच्छे नहीं हैं। वहीं ग्रामीण व बाहरी क्षेत्र में घसीटपुर मिडिल स्कूल और दलीपगढ़ प्राइमरी स्कूल सहित अन्य स्कूलों में भी शिक्षक एसआईआर प्रक्रिया के साथ पढ़ाई का काम भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
पढ़ाई पर पड़ रहा असर : शिक्षक संघ
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि जिले के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी तैनाती से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। जेबीटी अध्यापकों के सैकड़ों पद खाली होने के कारण स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है। जिले में जेबीटी के 550 पद खाली पड़े हैं और करीब 200 स्कूल एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। इसके अलावा 300 से 400 शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दी गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या भी घट रही है। यदि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहती है तो जल्द भर्ती करनी होगी, वरना निपुण हरियाणा का लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।
विज्ञापन
अंबाला। जिले के सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में कुल 762 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से पहली से पांचवीं कक्षा तक के 497 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। प्राइमरी स्तर पर स्वीकृत करीब 1400 पदों के मुकाबले केवल 850 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 550 पद खाली पड़े हैं।
शिक्षकों की इस कमी के बीच कई कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दिए जाने से स्थिति और विकट हो गई है। ऐसे में कई विद्यालयों में एक ही शिक्षक के भरोसे कक्षाएं चलाने की नौबत आ गई है। शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में बनी हुई है। अंबाला शहर व छावनी के प्रमुख क्षेत्रों के स्कूल शिक्षकों की बाट जोह रहे हैं।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र में अंबाला सिटी के सेक्टर-8, सेक्टर-9 और सेक्टर-10 स्थित प्राइमरी और मिडिल स्कूल में भी शिक्षकों की भारी कमी देखने को मिली है। इसके अलावा जंडली स्थित प्राइमरी व मिडिल स्कूल के हालात भी अधिक अच्छे नहीं हैं। वहीं ग्रामीण व बाहरी क्षेत्र में घसीटपुर मिडिल स्कूल और दलीपगढ़ प्राइमरी स्कूल सहित अन्य स्कूलों में भी शिक्षक एसआईआर प्रक्रिया के साथ पढ़ाई का काम भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
पढ़ाई पर पड़ रहा असर : शिक्षक संघ
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि जिले के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षणिक कार्यों में उनकी तैनाती से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। जेबीटी अध्यापकों के सैकड़ों पद खाली होने के कारण स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है। जिले में जेबीटी के 550 पद खाली पड़े हैं और करीब 200 स्कूल एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। इसके अलावा 300 से 400 शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दी गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या भी घट रही है। यदि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहती है तो जल्द भर्ती करनी होगी, वरना निपुण हरियाणा का लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।