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सेना की टेंशन, अफवाहों से घिरा ‘मिशन’
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:13 AM IST
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हरियाणा में अंबाला खड्गा कोर और वेस्टर्न कमांड की 19 टुकड़ियां जाट आंदोलन के संवेदनशील शहरों में लगातर डटी हुई है। दो हजार से ज्यादा जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। 29 विदेशियों के एयरलिफ्ट और मुनक नहर को आंदोलनकारियों से मुक्त करवा और उसकी मरम्मत करवाने के बाद भी सेना का मिशन राहत लगातार जारी है, लेकिन हरियाणा में डटी अंबाला सेना को एक अजीब टेंशन का सामना करना पड़ रहा है। सेना का सामना कर रहे जाट आंदोलनकारियों ने अब सेना के मिशन को बर्बरपूर्ण अफवाहों से घेर दिया है। ये आंदोलनकारी व्हाट्स एप व अन्य माध्यमों से एक शहर से दूसरे शहर में अफवाह फैला रहे हैं कि सेना आंदोलनकारियों पर फायरिंग कर उन्हें मार रही है, इतना ही नहीं सेना ने कई जगह आग भी लगाई है। इसलिए दूसरे शहरों में आर्मी के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाए।
सेना ने अफवाहों की इन तमाम सूचनाओं से यहां अंबाला में अपने आला अफसरों को अवगत करवाते हुए पेश आ रही दिक्कत के बारे में बताया है, लेकिन आला अफसरों ने अंबाला सेना की टुकड़ियों को इन अफवाहों से परवाह न करते हुए अपने मिशन पर डटे रहने के आदेश दिए हैं। सेना की टुकड़ियों ने आला अफसरों को बताया कि इस बात की अफवाह फैलाई गई कि सेना की फायरिंग से सोनीपत में कई लोग मारे गए, इतना ही नहीं एक ढाबा और एक रेस्तरां को भी जलाए जाने की अफवाह फैलाई गई। लेकिन अंबाला सेना के आला अफसरों का दावा है कि सोनीपत में सेना ने एक सिंगल फायर भी नहीं किया है। सेना के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों की इस स्थिति से मिनीस्ट्री में भी सेना के आला अफसरों को अवगत करवा दिया गया है। लेकिन फिलहाल अफसरों ने संवेदनशील इलाकों में डटे रहने के आदेश दिए हैं। उधर, अंबाला में लोकल मिलट्री अथारिटी के एक आला अफसर ने पुष्टि करते हुए कहा कि हरियाणा में सेना के मिशन को बदनाम करने के लिए आंदोलनकारी साजिश रच रहे हैं, लेकिन सेना की कार्रवाई पर इसका कोई असर नहीं होगा।
धमकी के बावजूद करवाई शादी
अंबाला सेना की टुकड़ियां प्रदेश के उन इलाकों में फ्लैग मार्च और राहत कार्यों में जुटी है जहां स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। इसी कड़ी में अंबाला सेना की एक टुकड़ी ने कड़ी सुरक्षा में रोहतक के सुरेंद्र मक्कड़ नाम के व्यक्ति का विवाह करवाया, आंदोलनकारियों ने शादी रूकने की धमकी दी थी, परिवार पूरी तरह दहशत में था, लेकिन आर्मी के संपर्क में आने के बाद आर्मी के जवानों ने परिवार के सदस्यों को रोहतक में ही स्थित बंदा बहादुर गुरुद्वारे तक पहुंचाया और इस शादी को अपनी निगरानी में आराम से संपन्न करवाया
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महिलाओं की बचाई जान
इसी तरह सोनीपत में आठ महिलाएं और बच्चे हिंसक घटनाओं में फंस गए और उन्होंने खुद को एक आउटलैट के बेसमेंट में कैद कर लिया। इन्ही महिलाओं ने सूचना अपने एक परिचित आर्मी सदस्य को दी और बताया कि जिस आउटलैट के बेसमैंट में वे कैद है, उसके बाद आंदोलनकारी खड़े होकर शराब का सेवन कर रहे हैं और उन्हे मालूम है कि बेसमैंट में महिलाएं है। ऐसी स्थिति में वहां उनकी मदद के लिए कोई नहीं है। ऐसे में आंदोलनकारी उनके साथ कुछ भी कर सकते हैं। सूचना मिलने के बाद ये संदेश अंबाला से सीधे सोनीपत में तैनान अंबाला सेना की टुकड़ी के कमांडर को दिया गया। थोड़ी देर बाद ही आर्मी वहां फ्लैगमार्च करते हुए पहुंच गई, जिन्हे देखकर आंदोलनकारी भाग गए, बाद में महिलाओं को आराम से बेसमैंट से निकालकर वहीं एक रिहायशी घर में शरण दिलवाई गई।
सेना ने किया फ्लैग मार्च
उधर, आर्मी ने मंगलवार को भी सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक, कैथल, बवाना, सिवाह, समालखा, समेत अन्य इलाकों में फ्लैगमार्च किया। इन इलाकों में आर्मी ने कई लोकल वैंडर एसोसिएशनस, ट्रेड यूनियन, मेडिकल शॉप एसोसिएशनस व डेली वैजर्स एसोसिएशन के नुमाइंदों से मुलाकात की और उन्हे आश्वस्त किया कि वे अपने कारोबार बेचिंत होकर फिर से शुरू करें। उधर, कैथल में डंडों से लैस तीन सौ आंदोलनकारियों को भी नियंत्रित में किया और उन्हें वापस भेजा।
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सेना ने अफवाहों की इन तमाम सूचनाओं से यहां अंबाला में अपने आला अफसरों को अवगत करवाते हुए पेश आ रही दिक्कत के बारे में बताया है, लेकिन आला अफसरों ने अंबाला सेना की टुकड़ियों को इन अफवाहों से परवाह न करते हुए अपने मिशन पर डटे रहने के आदेश दिए हैं। सेना की टुकड़ियों ने आला अफसरों को बताया कि इस बात की अफवाह फैलाई गई कि सेना की फायरिंग से सोनीपत में कई लोग मारे गए, इतना ही नहीं एक ढाबा और एक रेस्तरां को भी जलाए जाने की अफवाह फैलाई गई। लेकिन अंबाला सेना के आला अफसरों का दावा है कि सोनीपत में सेना ने एक सिंगल फायर भी नहीं किया है। सेना के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों की इस स्थिति से मिनीस्ट्री में भी सेना के आला अफसरों को अवगत करवा दिया गया है। लेकिन फिलहाल अफसरों ने संवेदनशील इलाकों में डटे रहने के आदेश दिए हैं। उधर, अंबाला में लोकल मिलट्री अथारिटी के एक आला अफसर ने पुष्टि करते हुए कहा कि हरियाणा में सेना के मिशन को बदनाम करने के लिए आंदोलनकारी साजिश रच रहे हैं, लेकिन सेना की कार्रवाई पर इसका कोई असर नहीं होगा।
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धमकी के बावजूद करवाई शादी
अंबाला सेना की टुकड़ियां प्रदेश के उन इलाकों में फ्लैग मार्च और राहत कार्यों में जुटी है जहां स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। इसी कड़ी में अंबाला सेना की एक टुकड़ी ने कड़ी सुरक्षा में रोहतक के सुरेंद्र मक्कड़ नाम के व्यक्ति का विवाह करवाया, आंदोलनकारियों ने शादी रूकने की धमकी दी थी, परिवार पूरी तरह दहशत में था, लेकिन आर्मी के संपर्क में आने के बाद आर्मी के जवानों ने परिवार के सदस्यों को रोहतक में ही स्थित बंदा बहादुर गुरुद्वारे तक पहुंचाया और इस शादी को अपनी निगरानी में आराम से संपन्न करवाया
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महिलाओं की बचाई जान
इसी तरह सोनीपत में आठ महिलाएं और बच्चे हिंसक घटनाओं में फंस गए और उन्होंने खुद को एक आउटलैट के बेसमेंट में कैद कर लिया। इन्ही महिलाओं ने सूचना अपने एक परिचित आर्मी सदस्य को दी और बताया कि जिस आउटलैट के बेसमैंट में वे कैद है, उसके बाद आंदोलनकारी खड़े होकर शराब का सेवन कर रहे हैं और उन्हे मालूम है कि बेसमैंट में महिलाएं है। ऐसी स्थिति में वहां उनकी मदद के लिए कोई नहीं है। ऐसे में आंदोलनकारी उनके साथ कुछ भी कर सकते हैं। सूचना मिलने के बाद ये संदेश अंबाला से सीधे सोनीपत में तैनान अंबाला सेना की टुकड़ी के कमांडर को दिया गया। थोड़ी देर बाद ही आर्मी वहां फ्लैगमार्च करते हुए पहुंच गई, जिन्हे देखकर आंदोलनकारी भाग गए, बाद में महिलाओं को आराम से बेसमैंट से निकालकर वहीं एक रिहायशी घर में शरण दिलवाई गई।
सेना ने किया फ्लैग मार्च
उधर, आर्मी ने मंगलवार को भी सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक, कैथल, बवाना, सिवाह, समालखा, समेत अन्य इलाकों में फ्लैगमार्च किया। इन इलाकों में आर्मी ने कई लोकल वैंडर एसोसिएशनस, ट्रेड यूनियन, मेडिकल शॉप एसोसिएशनस व डेली वैजर्स एसोसिएशन के नुमाइंदों से मुलाकात की और उन्हे आश्वस्त किया कि वे अपने कारोबार बेचिंत होकर फिर से शुरू करें। उधर, कैथल में डंडों से लैस तीन सौ आंदोलनकारियों को भी नियंत्रित में किया और उन्हें वापस भेजा।