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Ambala News: सेना पर 800 करोड़ से अधिक सर्विस चार्ज बकाया, चल रही जद्दोजहद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2024 06:40 AM IST
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Army owes more than 800 crore service charges, ongoing struggle
अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) में जल्द ही विकास कार्यों की झड़ी लगेगी, क्योंकि बोर्ड को दूरसंचार विभाग की तरफ से सर्विस चार्ज के तौर पर 77 लाख 14 हजार 46 रुपये मिले हैं। यह पैसा बोर्ड में सुविधाओं की बढ़ोतरी पर खर्च किया जाएगा।
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इसमें नालियों और सड़कों का निर्माण, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे कि स्वच्छता और सुविधा के मामले में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला सबसे अव्वल रहे। दूसरी तरफ सेना की तरफ लंबित लगभग 800 करोड़ के सर्विस टैक्स की प्राप्ति के लिए बोर्ड को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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दर्जनों बार बैठक और पत्राचार करने के बाद भी सेना ने भी अभी सर्विस चार्ज जमा नहीं करवाया है। ऐसे में बोर्ड के पास अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ही विकल्प बचा है, लेकिन इससे पहले कैंटोनमेंट बोर्ड के नवनियुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी ने भी सैन्य अधिकारियों से मंत्रणा और पत्र लिखने की तैयारी शुरु कर दी है। अगर यह पैसा बोर्ड के खाते में आता है तो इससे बोर्ड के आठ वार्डाें में आमजन की सुविधा से जुड़े कई अहम विकास कार्य किए जाएंगे।
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चल रहा 14 वर्ष से पत्राचार
सेना के कार्यालय और जो भी यूनिट और रिहायशी भवन हैं वो कैंटोनमेंट बोर्ड की जमीन पर बने हुए हैं। इसलिए सेना से सर्विस चार्ज के तौर पर राजस्व की प्राप्ति की जाती है, लेकिन वर्ष 2011 के बाद से सेना ने एक पैसा भी बोर्ड के खाते में जमा नहीं करवाया है और अब यह पैसा करोड़ों रुपये में पहुंच गया है। वहीं, पैसे की प्राप्ति के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड पिछले लगभग 14 वर्षों से सेना के साथ पत्राचार कर रहा है,बावजूद इसके लंबित भुगतान पर फैसला नहीं हो पाया।
डीएफसीसीआईएल देगा 24 करोड़
बोर्ड के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है कि उनकी जिस जमीन पर डीएफसीसीआईएल का कॉरिडोर स्थापित किया गया है। उसके एवज में कैंटोनमेंट बोर्ड को लगभग 24 करोड़ राजस्व के तौर मिलेंगे। यह पैसा डीएफसीसीआईएल उन विकास परियोजनाओं पर खर्च करेगा जोकि कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा तैयार करके सौंपी जाएंगी। इससे पहले डीएफसीसीआईएल ने लगभग 25 करोड़ की लागत से अपने स्तर पर सेना को सीएसडी डिपो तैयार करके सौंपा था।

वर्जन
कैंटोनमेंट बोर्ड की जमीन कई विभागों के पास है। इनसे सर्विस चार्ज लिया जाता है जोकि बोर्ड क्षेत्र में सुविधाओं की बढ़ोतरी पर खर्च होता है। लेकिन सेना की तरफ करोड़ों रुपये का सर्विस चार्ज लंबित है। इसे लेकर जल्द ही सैन्य अधिकारियों से मंत्रणा की जाएगी और पत्राचार किया जाएगा।
रोहित आनंद शर्मा, सीईओ, सीबीए।
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