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Ambala News: आधार की तर्ज पर 2.13 लाख विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी
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अंबाला सिटी। राजकीय और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की आधार की तर्ज पर अपार आईडी बनाई जाएगी। यह 12 अंकों का यूनिक कोड विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करेगा और ड्रॉप आउट छात्रों की संख्या को कम करने में सहायक होगा।
साथ ही विद्यार्थियों को देश के एक से दूसरे कोने पर दाखिला लेने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस आईडी के जरिए विद्यार्थी देश के किसी भी हिस्से से आसानी से ट्रैक किए जा सकेंगे, क्योंकि यह एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी के रूप में काम करेंगी। इसे ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) का नाम दिया गया। जिले की बात करें तो दो लाख 13 हजार में से एक लाख 58 हजार विद्यार्थियों की आईडी बनाई जा चुकी है। यह कार्य 74 प्रतिशत पूरा हो गया है।
योजनाओं का आईडी से ही मिलेगा फायदा
अपार आईडी कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए जारी की जाएगी। इसमें प्रत्येक विद्यार्थी के अंक, प्रमाण पत्र और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां शामिल होंगी। यह आईडी डीजी लॉकर से भी जुड़ेगी। इससे विद्यार्थी सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक स्थान पर रख सकेंगे। यह प्रणाली छात्रों के लिए एक स्थाई डिजिटल पहचान बनेगी। इसके साथ ही उनको विभिन्न योजनाओं का फायदा भी इस आईडी के जरिए ही मिलेगा।
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आईडी के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी
इस अपार आईडी का 12 अंक का यूनिक कोड होगा। पूरे देश में यह आईडी चलेगी। आईडी बनाने के लिए विद्यार्थियों का पीईएन नंबर यानी परमानेंट एजुकेशन नंबर जरूरी होगा। साथ ही विद्यार्थी का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, मोबाइल नंबर, माता-पिता का नाम, आधार नंबर जरूरी होगा। आईडी बनाने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी होगी।
वर्जन
राजकीय और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य चल रहा है। कई विद्यार्थियों का आधार अपडेट न होने से भी दिक्कत आ रही है। आईडी बनाने का काफी कार्य पूरा भी हो चुका है।
सुभाष वर्मा, जिला प्रोग्रामर, अंबाला।
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साथ ही विद्यार्थियों को देश के एक से दूसरे कोने पर दाखिला लेने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस आईडी के जरिए विद्यार्थी देश के किसी भी हिस्से से आसानी से ट्रैक किए जा सकेंगे, क्योंकि यह एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी के रूप में काम करेंगी। इसे ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) का नाम दिया गया। जिले की बात करें तो दो लाख 13 हजार में से एक लाख 58 हजार विद्यार्थियों की आईडी बनाई जा चुकी है। यह कार्य 74 प्रतिशत पूरा हो गया है।
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योजनाओं का आईडी से ही मिलेगा फायदा
अपार आईडी कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए जारी की जाएगी। इसमें प्रत्येक विद्यार्थी के अंक, प्रमाण पत्र और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां शामिल होंगी। यह आईडी डीजी लॉकर से भी जुड़ेगी। इससे विद्यार्थी सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक स्थान पर रख सकेंगे। यह प्रणाली छात्रों के लिए एक स्थाई डिजिटल पहचान बनेगी। इसके साथ ही उनको विभिन्न योजनाओं का फायदा भी इस आईडी के जरिए ही मिलेगा।
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आईडी के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी
इस अपार आईडी का 12 अंक का यूनिक कोड होगा। पूरे देश में यह आईडी चलेगी। आईडी बनाने के लिए विद्यार्थियों का पीईएन नंबर यानी परमानेंट एजुकेशन नंबर जरूरी होगा। साथ ही विद्यार्थी का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, मोबाइल नंबर, माता-पिता का नाम, आधार नंबर जरूरी होगा। आईडी बनाने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी होगी।
वर्जन
राजकीय और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य चल रहा है। कई विद्यार्थियों का आधार अपडेट न होने से भी दिक्कत आ रही है। आईडी बनाने का काफी कार्य पूरा भी हो चुका है।
सुभाष वर्मा, जिला प्रोग्रामर, अंबाला।