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एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज से 4500 रुपये की ठगी
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ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य ने नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज अंबाला के एसआई विरेंद्र सिंह से 4500 रुपये नशा तस्कर की सूचना देने के नाम पर ठग लिए। शातिर ठग ने पहले खुद को पुलिस का गुप्तचर बताया और झांसे में लेने के बाद ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करवा ली। इसके बाद ठग ने अपना फोन ही बंद कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एंटी नारकोटिक्स सेल अंबाला के इंचार्ज एसआई वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 अक्तूबर को दोपहर साढ़े 12 बजे डीएसपी रामकुमार के मोबाइल नंबर से फोन आया कि एक मुखबिर आपसे बात करेगा। इसके बाद एक व्यक्ति का फोन आया और उसने अपना नाम प्रदीप शर्मा बताया। उसने कहा कि एक चालक सेब से भरी पिकअप गाड़ी में 22 किलो गांजा छिपाकर ले जा रहा है। जब उससे पिकअप का नंबर मांगा तो उसने थोड़ी देर तक देने को कहा। दोपहर करीब 3 बजे प्रदीप ने पेटीएम से थोड़े पैसे ट्रांसफर करने की बात कही। इस पर उसने एसआई सुरेंद्र सिंह से 4500 रुपये ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद वे ठग के फोन के इंतजार करते रहे। रात तक कई बार कॉल करने के बाद नंबर ही बंद हो गया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
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एंटी नारकोटिक्स सेल अंबाला के इंचार्ज एसआई वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 अक्तूबर को दोपहर साढ़े 12 बजे डीएसपी रामकुमार के मोबाइल नंबर से फोन आया कि एक मुखबिर आपसे बात करेगा। इसके बाद एक व्यक्ति का फोन आया और उसने अपना नाम प्रदीप शर्मा बताया। उसने कहा कि एक चालक सेब से भरी पिकअप गाड़ी में 22 किलो गांजा छिपाकर ले जा रहा है। जब उससे पिकअप का नंबर मांगा तो उसने थोड़ी देर तक देने को कहा। दोपहर करीब 3 बजे प्रदीप ने पेटीएम से थोड़े पैसे ट्रांसफर करने की बात कही। इस पर उसने एसआई सुरेंद्र सिंह से 4500 रुपये ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद वे ठग के फोन के इंतजार करते रहे। रात तक कई बार कॉल करने के बाद नंबर ही बंद हो गया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
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