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Ambala News: समुद्र के बीच देवदूत बने अंबाला के कैप्टन रजत त्रेहन, डूबते जहाज से बचाई 4 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की जान
Fri, 23 Jan 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला । हरियाणा के कैप्टन रजत त्रेहन ने समुद्र के बीच अदम्य साहस का परिचय देते हुए चार ऑस्ट्रेलियाई नाविकों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अंबाला के शिक्षाविद् स्वर्गीय जसवंत राय के परपौत्र और जापानी मेजी शिपिंग कंपनी में मास्टर मैरिनर के पद पर कार्यरत रजत की इस बहादुरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।
10 घंटे तक लाइफ राफ्ट पर रहे पीड़ित
जानकारी के अनुसार, फिजी के वुडा जाते समय कैप्टन रजत को ऑस्ट्रेलिया के जॉइंट रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर से एक आपातकालीन संदेश मिला। एक जहाज डूब चुका था और उसके चालक दल के चार सदस्य समुद्र में फंसे हुए थे। रात करीब 2 बजे, घोर अंधकार और खराब मौसम के बीच कैप्टन रजत ने अपनी टीम के साथ बचाव अभियान शुरू किया। पीड़ित लगभग 10 घंटों से एक जर्जर लाइफ राफ्ट के सहारे समुद्र में भटक रहे थे।
वीरता पुरस्कार से होंगे सम्मानित
भारी लहरों और विषम परिस्थितियों के बावजूद, कैप्टन रजत की टीम ने अनुशासन और धैर्य के साथ सभी चारों विदेशी नाविकों को सुरक्षित जहाज पर चढ़ाया। इस साहसी कार्य के लिए कंपनी ऑफ मास्टर्स मैरिनर्स इंडिया ने कैप्टन रजत को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। फिलहाल मर्चेंट नेवी और नाविकों के सर्कल में उनकी इस सूझबूझ की जमकर प्रशंसा हो रही है।
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अंबाला । हरियाणा के कैप्टन रजत त्रेहन ने समुद्र के बीच अदम्य साहस का परिचय देते हुए चार ऑस्ट्रेलियाई नाविकों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अंबाला के शिक्षाविद् स्वर्गीय जसवंत राय के परपौत्र और जापानी मेजी शिपिंग कंपनी में मास्टर मैरिनर के पद पर कार्यरत रजत की इस बहादुरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।
10 घंटे तक लाइफ राफ्ट पर रहे पीड़ित
जानकारी के अनुसार, फिजी के वुडा जाते समय कैप्टन रजत को ऑस्ट्रेलिया के जॉइंट रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर से एक आपातकालीन संदेश मिला। एक जहाज डूब चुका था और उसके चालक दल के चार सदस्य समुद्र में फंसे हुए थे। रात करीब 2 बजे, घोर अंधकार और खराब मौसम के बीच कैप्टन रजत ने अपनी टीम के साथ बचाव अभियान शुरू किया। पीड़ित लगभग 10 घंटों से एक जर्जर लाइफ राफ्ट के सहारे समुद्र में भटक रहे थे।
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वीरता पुरस्कार से होंगे सम्मानित
भारी लहरों और विषम परिस्थितियों के बावजूद, कैप्टन रजत की टीम ने अनुशासन और धैर्य के साथ सभी चारों विदेशी नाविकों को सुरक्षित जहाज पर चढ़ाया। इस साहसी कार्य के लिए कंपनी ऑफ मास्टर्स मैरिनर्स इंडिया ने कैप्टन रजत को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। फिलहाल मर्चेंट नेवी और नाविकों के सर्कल में उनकी इस सूझबूझ की जमकर प्रशंसा हो रही है।
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