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Ambala News: सड़क नेटवर्क में नया जंक्शन बनेगा अंबाला
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अंबाला शामली राजमार्ग चंडीगढ़ राजमार्ग पर जुड़ता हुआ। संवाद
- फोटो : अंबाला शामली राजमार्ग चंडीगढ़ राजमार्ग पर जुड़ता हुआ। संवाद
वैभव शर्मा
अंबाला सिटी। अंबाला जल्द ही नया जंक्शन बनकर उभरेगा। यहां से छह राज्यों के लिए सड़क परिवहन और बेहतर होगा। इससे लोगों की राह आसान होगी। अंबाला में भी उद्योगों की उन्नति की भी उम्मीद है।
नया जंक्शन बनाने का एक कारण ये भी है कि अभी तक अंबाला पांच राज्यों को जोड़ता तो है मगर ये सीधे ताैर पर नहीं है। इस पर यातायात भी अधिक है। इसके साथ ही प्रमुख काॅरिडोर का हिस्सा बनने से यहां विकास होगा। शहर को राजमार्गों के यातायात से राहत मिलेगी।
अंबाला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) चार परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनके पूरा होने के बाद अंबाला को जाम से मुक्ति मिलेगी। वहीं, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आने-जाने वाले लोग सीधे शहर को बाईपास करते हुए दूसरे राज्यों में पहुंच सकेंगे। इसमें से तीन परियोजनाएं तो इसी साल दिसंबर के आसपास पूरी हो जाएंगी।
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अंबाला रिंग रोड से शहर होगा जाम से मुक्त
दिल्ली, देहरादून, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाना हो तो अंबाला से गुजर रहे राजमार्ग इस सफर को सुगम बनाते हैं। मगर बीते कुछ वर्षों में अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर ट्रैफिक एक लाख वाहन प्रतिदिन का पहुंच गया है। वीकेंड में यह संख्या बढ़ जाती है। इसी प्रकार अन्य राजमार्गों पर भी अच्छा यातायात है। मगर यह यातायात अंबाला शहर से होकर गुजरता है। इस कारण से वाहन चालकों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एनएचएआई करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से 22 किलोमीटर का अंबाला रिंग रोड बना रहा है। इसके बनने से वाहन चालकों को शहर में एंट्री नहीं करनी पड़ेगी।
अंबाला-कालाआम्ब ग्रीनफील्ड हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ेगा
31 किलोमीटर के अंबाला से वाया शहजादपुर कालाअंब तक नया ग्रीनफील्ड फोरलेन का काम आखिरी फेज में है। इसे इसी वर्ष जून तक पूरा होना है। इसे करीब 1183 करोड़ रुपये में तैयार किया है। यह ग्रीन फील्ड हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने का काम करेगा। यह राजमार्ग कालाअंब इंडस्ट्रियल एरिया के कॉमर्शियल ट्रैफिक को भी ठीक करेगा। अंबाला रिंग रोड से भी इसे जोड़ा है, जिससे कि सीधे हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाना हो वह अंबाला को बाईपास कर दे।
उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा अंबाला-शामली राजमार्ग
भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जाने वाले 120 किलाेमीटर के अंबाला-शामली ग्रीनफील्ड का काम भी तेजी से चल रहा है। यह बरेली लुधियाना आर्थिक गलियारे का हिस्सा है। इस पर कुल 3600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा है। यह मार्ग अंबाला से शुरू होकर कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और करनाल से होते हुए उत्तर प्रदेश के शामली में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह दिल्ली देहरादून इकोनाॅमिक काॅरिडोर में जुड़ेगा। इस परियोजना को इस साल दिसंबर तक पूरा करना है। परियोजना पर काम तेजी से जारी है।
जीरकपुर के जाम से मुक्त होगा पंजाब
चंडीगढ़, शिमला या पंजाब के अन्य स्थानों पर जाना हो तो अंबाला से निकलकर जीरकपुर का जाम लोगों के पसीने छुड़ा देता है। जल्द ही इस जाम से मुक्ति मिलेगी। करीब 30 किलोमीटर का पंजाब के जीरकपुर से नया बाईपास एनएचएआई जल्द बनाएगी। इस परियोजना को केबिनेट की मंजूरी कुछ समय पहले ही मिली है। अब यह निविदा के स्तर पर है।
वर्जन
नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अंबाला रोड नेटवर्क के मामले नया जंक्शन होगा। सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मौजूदा राजमार्गों पर ट्रेफिक लोड भी कम होगा और सफर सुगम बनेगा।
-गजेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
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अंबाला सिटी। अंबाला जल्द ही नया जंक्शन बनकर उभरेगा। यहां से छह राज्यों के लिए सड़क परिवहन और बेहतर होगा। इससे लोगों की राह आसान होगी। अंबाला में भी उद्योगों की उन्नति की भी उम्मीद है।
नया जंक्शन बनाने का एक कारण ये भी है कि अभी तक अंबाला पांच राज्यों को जोड़ता तो है मगर ये सीधे ताैर पर नहीं है। इस पर यातायात भी अधिक है। इसके साथ ही प्रमुख काॅरिडोर का हिस्सा बनने से यहां विकास होगा। शहर को राजमार्गों के यातायात से राहत मिलेगी।
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अंबाला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) चार परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनके पूरा होने के बाद अंबाला को जाम से मुक्ति मिलेगी। वहीं, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आने-जाने वाले लोग सीधे शहर को बाईपास करते हुए दूसरे राज्यों में पहुंच सकेंगे। इसमें से तीन परियोजनाएं तो इसी साल दिसंबर के आसपास पूरी हो जाएंगी।
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अंबाला रिंग रोड से शहर होगा जाम से मुक्त
दिल्ली, देहरादून, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाना हो तो अंबाला से गुजर रहे राजमार्ग इस सफर को सुगम बनाते हैं। मगर बीते कुछ वर्षों में अंबाला दिल्ली राजमार्ग पर ट्रैफिक एक लाख वाहन प्रतिदिन का पहुंच गया है। वीकेंड में यह संख्या बढ़ जाती है। इसी प्रकार अन्य राजमार्गों पर भी अच्छा यातायात है। मगर यह यातायात अंबाला शहर से होकर गुजरता है। इस कारण से वाहन चालकों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एनएचएआई करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से 22 किलोमीटर का अंबाला रिंग रोड बना रहा है। इसके बनने से वाहन चालकों को शहर में एंट्री नहीं करनी पड़ेगी।
अंबाला-कालाआम्ब ग्रीनफील्ड हिमाचल और उत्तराखंड को जोड़ेगा
31 किलोमीटर के अंबाला से वाया शहजादपुर कालाअंब तक नया ग्रीनफील्ड फोरलेन का काम आखिरी फेज में है। इसे इसी वर्ष जून तक पूरा होना है। इसे करीब 1183 करोड़ रुपये में तैयार किया है। यह ग्रीन फील्ड हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने का काम करेगा। यह राजमार्ग कालाअंब इंडस्ट्रियल एरिया के कॉमर्शियल ट्रैफिक को भी ठीक करेगा। अंबाला रिंग रोड से भी इसे जोड़ा है, जिससे कि सीधे हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाना हो वह अंबाला को बाईपास कर दे।
उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा अंबाला-शामली राजमार्ग
भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जाने वाले 120 किलाेमीटर के अंबाला-शामली ग्रीनफील्ड का काम भी तेजी से चल रहा है। यह बरेली लुधियाना आर्थिक गलियारे का हिस्सा है। इस पर कुल 3600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा है। यह मार्ग अंबाला से शुरू होकर कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और करनाल से होते हुए उत्तर प्रदेश के शामली में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह दिल्ली देहरादून इकोनाॅमिक काॅरिडोर में जुड़ेगा। इस परियोजना को इस साल दिसंबर तक पूरा करना है। परियोजना पर काम तेजी से जारी है।
जीरकपुर के जाम से मुक्त होगा पंजाब
चंडीगढ़, शिमला या पंजाब के अन्य स्थानों पर जाना हो तो अंबाला से निकलकर जीरकपुर का जाम लोगों के पसीने छुड़ा देता है। जल्द ही इस जाम से मुक्ति मिलेगी। करीब 30 किलोमीटर का पंजाब के जीरकपुर से नया बाईपास एनएचएआई जल्द बनाएगी। इस परियोजना को केबिनेट की मंजूरी कुछ समय पहले ही मिली है। अब यह निविदा के स्तर पर है।
वर्जन
नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अंबाला रोड नेटवर्क के मामले नया जंक्शन होगा। सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मौजूदा राजमार्गों पर ट्रेफिक लोड भी कम होगा और सफर सुगम बनेगा।
-गजेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई