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Ambala News: अंबाला रिंग रोड परियोजना को नहीं मिल रही मिट्टी
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अंबाला सिटी। अंबाला रिंग रोड परियोजना को मिट्टी की दरकार है। मिट्टी मिलते ही काम में तेजी लाई जाएगी। परियोजना में 60 लाख क्यूबिक टन मिट्टी की आवश्यकता है। मगर पिछले कुछ समय से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मिट्टी लेने को लगातार संपर्क कर रहा है।
अब जब मिट्टी नहीं मिली तो अंत में एनएचएआई ने खनन विभाग से संपर्क किया है। इसके लिए खनन विभाग को पत्र लिखा गया है, जिससे कि वह मिट्टी उपलब्ध कराएं। इससे अंबाला रिंग रोड परियोजना के कार्य में तेजी लाई जा सके। इस परियोजना को एनएचएआई को समय से पूरा करना है। इसके लिए गृहमंत्री अनिल विज ने भी काफी प्रयास किए।
अब खनन विभाग कब तक एनएचएआई को अंबाला रिंग रोड के लिए मिट्टी मुहैया करा पाता है यह देखने की बात होगी। क्योंकि बिना मिट्टी के रिंग रोड का काम भी रुका रहेगा। गौरतलब है कि अंबाला रिंग रोड 40 किलोमीटर का होगा। इसमें 22 किलोमीटर हिस्से का कार्य अभी मिट्टी न मिल पाने के कारण लंबित है।
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अधिक परियोजनाओं के चलने के कारण नहीं मिली मिट्टी
दरअसल अंबाला में एनएचएआई को मिट्टी मिलने में इस कारण से दिक्कत आ रही हैं क्योंकि यहां पर एक नहीं बल्कि कई परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है। अंबाला छावनी फेज एक, फेर दो और अन्य परियोजनाएं संचालित हैं। जो अंबाला रिंग रोड से पहले से संचालित हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं में मिट्टी की आवश्यकताओं को पहले ही पूरा कर लिया। यही कारण है कि अंबाला रिंग रोड के लिए मिट्टी मिलने में परेशानी हो रही है।
अंबाला में बाईपास का काम करेगा रिंग रोड
40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अंबाला में बाईपास की तरह काम करेगा। वाहन चालक शहर में दाखिल हुए बिना ही रिंग रोड के जरिये बाहर निकल पाएंगे और इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। यह रिंग रोड छह प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। जगाधरी से आने वाले वाहन शहर में आए बिना चंडीगढ़ रोड पर और लुधियाना जाने के लिए जीटी रोड पर निकल जाएंगे। इसी तरह हिसार जाना है तो रिंग रोड से वह सीधे हिसार रोड पर जा सकते हैं। अभी रिंग रोड फोरलेन बनेगी, मगर जमीन सिक्स लेन के बराबर ली है, जिससे कि यदि भविष्य में रोड का विस्तार करना है तो दिक्कत न आए। रिंग रोड पर दो बड़े पुलों का भी निर्माण होगा जो टांगरी नदी पर बनेंगे। इसके साथ ही दो छोटे पुल रिंग रोड पर बनाए जाएंगे। रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज और तीन फ्लाईओवर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में कुल 30 गांव की 655 एकड़ जमीन रोड निर्माण के लिए अधिगृहीत की जा चुकी है। इसमें तीन गांव पंजाब के शामिल हैं। खास बात है अंबाला रिंग रोड को छह हाईवे को आपस में लिंक करेंगे।
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अब जब मिट्टी नहीं मिली तो अंत में एनएचएआई ने खनन विभाग से संपर्क किया है। इसके लिए खनन विभाग को पत्र लिखा गया है, जिससे कि वह मिट्टी उपलब्ध कराएं। इससे अंबाला रिंग रोड परियोजना के कार्य में तेजी लाई जा सके। इस परियोजना को एनएचएआई को समय से पूरा करना है। इसके लिए गृहमंत्री अनिल विज ने भी काफी प्रयास किए।
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अब खनन विभाग कब तक एनएचएआई को अंबाला रिंग रोड के लिए मिट्टी मुहैया करा पाता है यह देखने की बात होगी। क्योंकि बिना मिट्टी के रिंग रोड का काम भी रुका रहेगा। गौरतलब है कि अंबाला रिंग रोड 40 किलोमीटर का होगा। इसमें 22 किलोमीटर हिस्से का कार्य अभी मिट्टी न मिल पाने के कारण लंबित है।
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अधिक परियोजनाओं के चलने के कारण नहीं मिली मिट्टी
दरअसल अंबाला में एनएचएआई को मिट्टी मिलने में इस कारण से दिक्कत आ रही हैं क्योंकि यहां पर एक नहीं बल्कि कई परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है। अंबाला छावनी फेज एक, फेर दो और अन्य परियोजनाएं संचालित हैं। जो अंबाला रिंग रोड से पहले से संचालित हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं में मिट्टी की आवश्यकताओं को पहले ही पूरा कर लिया। यही कारण है कि अंबाला रिंग रोड के लिए मिट्टी मिलने में परेशानी हो रही है।
अंबाला में बाईपास का काम करेगा रिंग रोड
40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अंबाला में बाईपास की तरह काम करेगा। वाहन चालक शहर में दाखिल हुए बिना ही रिंग रोड के जरिये बाहर निकल पाएंगे और इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। यह रिंग रोड छह प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। जगाधरी से आने वाले वाहन शहर में आए बिना चंडीगढ़ रोड पर और लुधियाना जाने के लिए जीटी रोड पर निकल जाएंगे। इसी तरह हिसार जाना है तो रिंग रोड से वह सीधे हिसार रोड पर जा सकते हैं। अभी रिंग रोड फोरलेन बनेगी, मगर जमीन सिक्स लेन के बराबर ली है, जिससे कि यदि भविष्य में रोड का विस्तार करना है तो दिक्कत न आए। रिंग रोड पर दो बड़े पुलों का भी निर्माण होगा जो टांगरी नदी पर बनेंगे। इसके साथ ही दो छोटे पुल रिंग रोड पर बनाए जाएंगे। रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज और तीन फ्लाईओवर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में कुल 30 गांव की 655 एकड़ जमीन रोड निर्माण के लिए अधिगृहीत की जा चुकी है। इसमें तीन गांव पंजाब के शामिल हैं। खास बात है अंबाला रिंग रोड को छह हाईवे को आपस में लिंक करेंगे।