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घर के साथ-साथ जिले की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं नौ देवियां
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अंबाला। महिलाएं केवल घर ही नहीं बल्कि पूरे जिले व मंडल की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। जिले में कई महिला अफसर इस समय पुलिस, खेल व अन्य विभागों में बड़े पदों पर तैनात रह कर कार्य कर रही हैं। वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। अमर उजाला टीम ने ऐसी ही महिला अफसरों से बात करते हुए उनसे उनके विचार जाने ताकि आने वाले समय में अन्य महिलाएं भी आगे आकर देश व समाज हित में कार्य कर सकें।
किसी से कम न आंकें
नवरात्र देवियों का त्योहार है, प्रत्येक नारी देवी का रूप है। इसलिए किसी भी महिला को अपने आप को किसी भी स्थिति में कम नहीं आंकना चाहिए। उन्हें हर कठिनाई का डट कर सामना चाहिए। पुलिस महिलाओं की रक्षा के लिए दिन-रात तैयार रहती है।
- सुनीता ढाका, इंस्पेक्टर, महिला थाना नारायणगढ़।
ऑनलाइन फ्रॉड से बचें
ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसमें महिलाएं भी शिकार होती हैं। अब हर महिला को नवरात्र पर संकल्प लेते हुए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का निर्णय लेना है। साथ ही अन्य लोगों को भी ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक करना है।
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- सतविंद्र कौर, प्रभारी, मंडल साईबर थाना।
शिक्षा के बिना कुछ नहीं
छात्राओं के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। बिना शिक्षा के इस दुनिया में कुछ नहीं है। इसलिए हमारा प्रयास प्रत्येक छात्रा को शिक्षा ग्रहण करते हुए जीवन में सफल इंसान बनना है। उन्हें अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनना है। छात्राओं को शिक्षा क्षेत्र में स्वयं प्रयास करना चाहिए।
- रीणू अग्रवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, अंबाला कैंट।
खेलों में आगे आना होगा
महिलाएं खेल जगत में अपना परचम लहरा रही हैं। विभिन्न खेल प्रतियोगिओं सहित ओलंपिक में महिलाओं ने पदकों पर कब्जा जमाया है। महिलाओं को और अधिक संख्या में आगे आते हुए खेलों में भाग लेना चाहिए ताकि जिले के साथ-साथ भारत का नाम दुनिया में चमका सकें।
- ज्योति रानी, जिला खेल अधिकारी, अंबाला।
समाज की भलाई का लें संकल्प
अब महिलाओं को और अधिक प्रयास करते हुए समाज सुधार के लिए आगे आना होगा। कुछ महिलाओं ने संघर्ष करते हुए देश और दुनिया पर अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। अन्य महिलाओं को भी नवरात्र पर संकल्प लेते हुए समाज की भलाई का कार्य करना चाहिए।
- मनीषा गागट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
अपने दम पर बनाई पहचान
महिलाओं को स्वयं के उत्थान के लिए खुद ही प्रयास करना पड़ता है। इसलिए कोई भी महिला अपने आप को कम न समझें, क्योंकि समाज में अन्य महिलाओं ने अपने दम पर एक अलग पहचान बनाई है। जब वे अपनी एक अलग पहचान बना सकती है तो अन्य क्यों नहीं।
- मिलन, जिला बाल कल्याण अधिकारी, अंबाला।
आत्मरक्षा के गुर जरूर सीखें
कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें महिलाओं का दबदबा न हो। इसलिए अब अन्य महिलाओं को भी आगे आकर काम करना चाहिए। जो महिलाएं गृहिणी हैं और कुछ कर दिखाने की सोच रखती हैं, उन्हें आगे आना चाहिए। वहीं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए।
- दविंद्र कौर, प्रभारी, महिला थाना, अंबाला।
आज देश में समाज सुधारकों की अधिक आवश्यकता है। इस कार्य को सबसे बेहतर महिलाएं कर सकती हैं। इसलिए महिलाओं को समाज सुधार के कार्य में आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए। सभी महिलाओं को आगे आकर कार्य करना चाहिए और खुद एक मुकाम पाना चाहिए।
- विजय लक्ष्मी, जिला समन्वयक, रेड क्रॉस सोसायटी, अंबाला।
स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका
स्वच्छता के क्षेत्र में महिलाएं अहम योगदान निभा रही हैं, क्योंकि सबसे अधिक कचरा घरों से ही निकलता है। उनकी ओर से पहले ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रेहड़ियों में डाला जा रहा है। इसके अलावा महिला सफाई कर्मी भी स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।
- रितु शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक, नगर परिषद।
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किसी से कम न आंकें
नवरात्र देवियों का त्योहार है, प्रत्येक नारी देवी का रूप है। इसलिए किसी भी महिला को अपने आप को किसी भी स्थिति में कम नहीं आंकना चाहिए। उन्हें हर कठिनाई का डट कर सामना चाहिए। पुलिस महिलाओं की रक्षा के लिए दिन-रात तैयार रहती है।
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- सुनीता ढाका, इंस्पेक्टर, महिला थाना नारायणगढ़।
ऑनलाइन फ्रॉड से बचें
ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसमें महिलाएं भी शिकार होती हैं। अब हर महिला को नवरात्र पर संकल्प लेते हुए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का निर्णय लेना है। साथ ही अन्य लोगों को भी ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक करना है।
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- सतविंद्र कौर, प्रभारी, मंडल साईबर थाना।
शिक्षा के बिना कुछ नहीं
छात्राओं के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। बिना शिक्षा के इस दुनिया में कुछ नहीं है। इसलिए हमारा प्रयास प्रत्येक छात्रा को शिक्षा ग्रहण करते हुए जीवन में सफल इंसान बनना है। उन्हें अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनना है। छात्राओं को शिक्षा क्षेत्र में स्वयं प्रयास करना चाहिए।
- रीणू अग्रवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, अंबाला कैंट।
खेलों में आगे आना होगा
महिलाएं खेल जगत में अपना परचम लहरा रही हैं। विभिन्न खेल प्रतियोगिओं सहित ओलंपिक में महिलाओं ने पदकों पर कब्जा जमाया है। महिलाओं को और अधिक संख्या में आगे आते हुए खेलों में भाग लेना चाहिए ताकि जिले के साथ-साथ भारत का नाम दुनिया में चमका सकें।
- ज्योति रानी, जिला खेल अधिकारी, अंबाला।
समाज की भलाई का लें संकल्प
अब महिलाओं को और अधिक प्रयास करते हुए समाज सुधार के लिए आगे आना होगा। कुछ महिलाओं ने संघर्ष करते हुए देश और दुनिया पर अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। अन्य महिलाओं को भी नवरात्र पर संकल्प लेते हुए समाज की भलाई का कार्य करना चाहिए।
- मनीषा गागट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
अपने दम पर बनाई पहचान
महिलाओं को स्वयं के उत्थान के लिए खुद ही प्रयास करना पड़ता है। इसलिए कोई भी महिला अपने आप को कम न समझें, क्योंकि समाज में अन्य महिलाओं ने अपने दम पर एक अलग पहचान बनाई है। जब वे अपनी एक अलग पहचान बना सकती है तो अन्य क्यों नहीं।
- मिलन, जिला बाल कल्याण अधिकारी, अंबाला।
आत्मरक्षा के गुर जरूर सीखें
कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें महिलाओं का दबदबा न हो। इसलिए अब अन्य महिलाओं को भी आगे आकर काम करना चाहिए। जो महिलाएं गृहिणी हैं और कुछ कर दिखाने की सोच रखती हैं, उन्हें आगे आना चाहिए। वहीं महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए।
- दविंद्र कौर, प्रभारी, महिला थाना, अंबाला।
आज देश में समाज सुधारकों की अधिक आवश्यकता है। इस कार्य को सबसे बेहतर महिलाएं कर सकती हैं। इसलिए महिलाओं को समाज सुधार के कार्य में आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए। सभी महिलाओं को आगे आकर कार्य करना चाहिए और खुद एक मुकाम पाना चाहिए।
- विजय लक्ष्मी, जिला समन्वयक, रेड क्रॉस सोसायटी, अंबाला।
स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका
स्वच्छता के क्षेत्र में महिलाएं अहम योगदान निभा रही हैं, क्योंकि सबसे अधिक कचरा घरों से ही निकलता है। उनकी ओर से पहले ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रेहड़ियों में डाला जा रहा है। इसके अलावा महिला सफाई कर्मी भी स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।
- रितु शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक, नगर परिषद।