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Ambala News: शताब्दी के टीटीई पर आरोप, जांच शुरू
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कालका से नई दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी एक्सप्रेस। सोशल मीडिया
अंबाला। सुविधा शुल्क देकर लोग देश की प्रीमियम ट्रेन में बढ़े आराम से सफर कर सकते हैं। उन्हें पूछने वाला और रोकने वाला कोई नहीं होगा। ऐसा ही कारनामा बुधवार को कालका से नई दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी एक्सप्रेस से सामने आया है।
रेलवे तक मामला पहुंचने से महकमे में हड़कंप मच गया है और यात्री की ओर से लगाए आरोपाें की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, बिना टिकट के ही तीन यात्री शताब्दी में बैठकर चंडीगढ़ से अंबाला कैंट पहुंच गए। इस सुविधा के लिए उन्होंने कुछ शुल्क शताब्दी में तैनात टीटीई को दिया। हालांकि इन यात्रियों के पास अंबाला से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट थी, लेकिन पैसे लेने के बाद भी जब टीटीई ने उन्हें कोई रसीद नहीं दी तो उन्होंने इसकी शिकायत मंडल रेल प्रबंधक सहित विभागीय अधिकारी को कर दी। जबकि शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन में बिना टिकट के यात्रियों के सफर करने पर मनाही है। अगर यात्री सफर करता है तो उसे भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाता है और टिकट बनाकर रसीद भी दी जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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शूटिंग कोच ने की शिकायत
चंडीगढ़ में तैनात शूटिंग कोच आयुष ने बताया कि नई दिल्ली में शूटिंग की एक एक विश्वस्तरीय प्रतियोगिता चल रही है, इसलिए वो बच्चों को साथ लेकर ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी से नई दिल्ली जा रहे थे। उनके पास जो टिकट थी, वो पांच यात्रियों की थी, लेकिन इसमें से दो लोगों की टिकट ही कंफर्म थी। जब चंडीगढ़ से शताब्दी में सवार हुए तो उन्होंने टीटीई को बताया कि उनकी अंबाला कैंट से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट है न कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली तक, जोकि टीटीई को दिखाई भी गई। इसके बाद टीटीई ने कुछ सुविधा शुल्क मांगा जोकि उन्होंने दे दिया, लेकिन इसके लिए उन्हें न तो टिकट बनाकर दी गई और न ही कोई रसीद। इसकी शिकायत आयुष ने अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक मंदीप सिंह भाटिया सहित वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा से भी की है ताकि संबंधित टीटीई के खिलाफ कार्रवाई हो सके
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मामला संज्ञान में आया है। विभागीय अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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रेलवे तक मामला पहुंचने से महकमे में हड़कंप मच गया है और यात्री की ओर से लगाए आरोपाें की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, बिना टिकट के ही तीन यात्री शताब्दी में बैठकर चंडीगढ़ से अंबाला कैंट पहुंच गए। इस सुविधा के लिए उन्होंने कुछ शुल्क शताब्दी में तैनात टीटीई को दिया। हालांकि इन यात्रियों के पास अंबाला से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट थी, लेकिन पैसे लेने के बाद भी जब टीटीई ने उन्हें कोई रसीद नहीं दी तो उन्होंने इसकी शिकायत मंडल रेल प्रबंधक सहित विभागीय अधिकारी को कर दी। जबकि शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन में बिना टिकट के यात्रियों के सफर करने पर मनाही है। अगर यात्री सफर करता है तो उसे भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाता है और टिकट बनाकर रसीद भी दी जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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शूटिंग कोच ने की शिकायत
चंडीगढ़ में तैनात शूटिंग कोच आयुष ने बताया कि नई दिल्ली में शूटिंग की एक एक विश्वस्तरीय प्रतियोगिता चल रही है, इसलिए वो बच्चों को साथ लेकर ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी से नई दिल्ली जा रहे थे। उनके पास जो टिकट थी, वो पांच यात्रियों की थी, लेकिन इसमें से दो लोगों की टिकट ही कंफर्म थी। जब चंडीगढ़ से शताब्दी में सवार हुए तो उन्होंने टीटीई को बताया कि उनकी अंबाला कैंट से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट है न कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली तक, जोकि टीटीई को दिखाई भी गई। इसके बाद टीटीई ने कुछ सुविधा शुल्क मांगा जोकि उन्होंने दे दिया, लेकिन इसके लिए उन्हें न तो टिकट बनाकर दी गई और न ही कोई रसीद। इसकी शिकायत आयुष ने अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक मंदीप सिंह भाटिया सहित वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा से भी की है ताकि संबंधित टीटीई के खिलाफ कार्रवाई हो सके
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मामला संज्ञान में आया है। विभागीय अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।