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अधिक पूर्णिमा को पूजा-पाठ करने से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं : शांडिल्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:40 AM IST
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All wishes are fulfilled by worshiping on more full moon: Shandilya
अंबाला। छावनी के एकता विहार स्थित श्री शिव कुटीर ट्रस्ट की ओर से श्री शिव कुटीर मंदिर में श्रावण शुक्ल पक्ष अधिक पूर्णिमा पर्व के पावन अवसर पर डॉ. स्वामी महामंडलेश्वर श्री शिव चैतन्य महाराज की अध्यक्षता में पंडित सतीश शांडिल्य ने वैदिक मंत्र से हवन करवाया। पूर्णाहुति के साथ हवन का समापन हुआ।
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पंडित सतीश शांडिल्य ने बताया कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस विशेष दिन पर स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि के दिन दान और सेवा कार्य करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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पूजा के मुख्य यजमान विवेक यादव, पूनम यादव के अलावा श्री शिव कुटीर कार्यकारिणी प्रधान वंत राम धीमान, रामकुमार कलसी,अजय जिंदल,रामेश्वर बंसल सुभाष गुलाटी, वीरेंद्र सखुजा, साक्षी चेतना,आदर्श गगनेजा,आशा सेठी, ऊषा बंसल,नीलम भाटिया, मीनू गोयल,कमलेश सहगल उपस्थित रहे।
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हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण अधिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि एक अगस्त को रात्रि तीन बजकर 51 मिनट से दो अगस्त रात 12 बजे तक होगी। ऐसे में श्रावण अधिक पूर्णिमा व्रत एक अगस्त मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन श्रावण मास का तृतीया मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित ने कहा कि पंचांग में बताया गया है कि श्रावण अधिक पूर्णिमा तिथि के दिन तीन अत्यंत शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस विशेष दिन पर प्रीति योग और आयुष्मान योग बनेगा। इस दिन प्रीति योग रात्रि आठ बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग का शुभारंभ हो जाएगा। वहीं उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शाम चार बजकर दो मिनट तक रहेगा। इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू हो जाएगा।

पूर्णिमा तिथि महत्व
बता दें कि श्रावण मास में पड़ रहे प्रथम पूर्णिमा तिथि के दिन पूर्णिमा व्रत और मंगला गौरी व्रत का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस विशेष दिन माता पार्वती और भगवान शिव की उपासना का सौभाग्य प्राप्त होगा। ऐसे में विशेष दिन पर पूजा-पाठ करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी और उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।
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