{"_id":"5d59ab748ebc3e89ab6b3d0d","slug":"alert-of-flood-ambala-news-rtk5123796188","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारकंडा में पहुंचा 32 हजार क्यूसिक पानी, घरों से लेकर खेतों तक पर छाए आफत के बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मारकंडा में पहुंचा 32 हजार क्यूसिक पानी, घरों से लेकर खेतों तक पर छाए आफत के बादल
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पहाड़ों पर हुई बरसात के चलते मारकंडा और बेगना बरसाती नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लिहाजा इस नदी के आसपास के एरिया में रहने वाले लोगों की सांसे अटक गई हैं। मारकंडा को लेकर विभाग ने हाई अलर्ट कर दिया है। रविवार दोपहर साढ़े चार बजे तक मारकंडा नदी में 55 हजार क्यूसिक पानी आ चुका है जोकि खतरे के निशान से महज दो फीट नीचे है। अलबत्ता कई गांव में पानी घुस गया जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन गांवों में घुसा पानी
मारंकडा नदी का पानी गांव हेमा माजरा, ब्राह्मण माजरा और जफरपुर में घुस गया। गांव जफरपुर के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव जफरपुर में शनिवार रात को मारकंडा नदी का पानी ओवरफ्लो होने के कारण खेतों के रास्ते गांव की गलियों में घुस गया। गांव के रहने वाले सौरभ शर्मा, सुभाष शर्मा और अनिल राणा ने बताया कि मारकंडा नदी पूरे उफान पर है। पानी गांव में घुस जाने से बिजली का खंबा उखड़ कर गिर गया जिस कारण गांव के एक हिस्से में बिजली सप्लाई बाधित हो गई।
फसलें बर्बाद होने की कगार पर
बरसाती पानी खेतों तक पहुंच चुका है। इसी कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। अगर नदी में जल स्तर बढ़ा गया तो नदी के किनारे लगते गांव बिंजलपुर, पप्लौथा, हेमा माजरा, घेलड़ी, तंदवाल व खानपुरा गांव के खेतों में पानी घुस जाने से किसानों की फसले बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर में फंसे श्रद्धालु
मुलाना में झाड़ु माजरा मार्ग पर मारकंडा पुल के पास बने बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में मत्था टेकने आए श्रद्धालु अचानक पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण आश्रम में फंस गए। ग्रामीणों ने मशक्कत कर निकाला। आश्रम व आश्रम के आस पास लगभग चार फीट तक पानी एकत्रित हो गया है ।
खतरे के निशान से केवल दो फीट नीचे
नहरी विभाग एसडीओ मुलाना सुधीर कुमार ने बताया कि मारकंडा नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया है जिसके हाई अलर्ट जारी किया गया है। रविवार दोपहर साढ़े चार बजे तक मारकंडा नदी में 55 हजार क्यूसिक पानी आ चुका है। जिसका जलस्तर लगातार 10.5 फीट है। जोकि खतरे के निशान से दो फुट नीचे है। कालाआम क्षेत्र में मारकंडा नदी का पानी घटना शुरू गया है। यहां भी जल्द ही पानी घटने लगेगा।
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इन गांवों में घुसा पानी
मारंकडा नदी का पानी गांव हेमा माजरा, ब्राह्मण माजरा और जफरपुर में घुस गया। गांव जफरपुर के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव जफरपुर में शनिवार रात को मारकंडा नदी का पानी ओवरफ्लो होने के कारण खेतों के रास्ते गांव की गलियों में घुस गया। गांव के रहने वाले सौरभ शर्मा, सुभाष शर्मा और अनिल राणा ने बताया कि मारकंडा नदी पूरे उफान पर है। पानी गांव में घुस जाने से बिजली का खंबा उखड़ कर गिर गया जिस कारण गांव के एक हिस्से में बिजली सप्लाई बाधित हो गई।
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फसलें बर्बाद होने की कगार पर
बरसाती पानी खेतों तक पहुंच चुका है। इसी कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। अगर नदी में जल स्तर बढ़ा गया तो नदी के किनारे लगते गांव बिंजलपुर, पप्लौथा, हेमा माजरा, घेलड़ी, तंदवाल व खानपुरा गांव के खेतों में पानी घुस जाने से किसानों की फसले बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर में फंसे श्रद्धालु
मुलाना में झाड़ु माजरा मार्ग पर मारकंडा पुल के पास बने बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में मत्था टेकने आए श्रद्धालु अचानक पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण आश्रम में फंस गए। ग्रामीणों ने मशक्कत कर निकाला। आश्रम व आश्रम के आस पास लगभग चार फीट तक पानी एकत्रित हो गया है ।
खतरे के निशान से केवल दो फीट नीचे
नहरी विभाग एसडीओ मुलाना सुधीर कुमार ने बताया कि मारकंडा नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया है जिसके हाई अलर्ट जारी किया गया है। रविवार दोपहर साढ़े चार बजे तक मारकंडा नदी में 55 हजार क्यूसिक पानी आ चुका है। जिसका जलस्तर लगातार 10.5 फीट है। जोकि खतरे के निशान से दो फुट नीचे है। कालाआम क्षेत्र में मारकंडा नदी का पानी घटना शुरू गया है। यहां भी जल्द ही पानी घटने लगेगा।