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बाजारों में रौनक, जमकर होगी खरीददारी
अंबाला ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 09 May 2016 01:26 AM IST
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अक्षय तृतीया
- फोटो : फाइल फोटो
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अक्षय तृतीया को लेकर रविवार को बाजारों में जहां रौनक रही, वहीं सोमवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुटेगी। रविवार शाम छह बजे से तृतीया तिथि शुरू हो गई, जो सोमवार सायं छह बजे तक रहेगी। माना जाता है कि इस स्वयं सिद्ध मुहूर्त में जो भी कार्य किया जाता है, उसका क्षय नहीं होता। इस मौके के लिए खासकर ज्वेलरों ने भी अपनी तैयारी कर ली है और इस दिन सोने के गहनों की जमकर बिक्री होने का अनुमान है।
अक्षय तृतीया को लेकर सोमवार को बाजारों में लोग जमकर खरीदारी करेंगे। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन जो भी शुभ कार्य किया जाए, खरीदारी या दान पुण्य किया जाता है, उसका क्षय नहीं होता। इसी कारण से यह काफी महत्वपूर्ण भी है। इसी को लेकर सोमवार को बाजारों में जमकर खरीदारी होगी। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का कार्यक्रम होगा, जबकि इस दिन हवन यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। खुद कारोबारी मानते हैं कि अक्षय तृतीय पर अच्छा खासा कारोबार होता है और ऐसे में उम्मीद है कि इस दिन लाखों के गहने बिकेंगे।
यह है महत्व
पंडित तिलक राज मैत्रेय के अनुसार अक्षय तृतीया का काफी धार्मिक महत्व है। इस दिन किए गए दान पुण्य, पूजा पाठ का जहां कई गुणा लाभ होता है। वहीं खरीदी गई वस्तु या शुरू किए गए कार्य का क्षय नहीं होता। इस दिन भगवान परशुराम का जन्म, सतयुग का शुभारंभ, वेद व्यास द्वारा भगवान गणेश के साथ महाभारत का लिखना शुरू करना, भगवान कृष्ण द्वारा अपने मित्र सुदामा का स्वागत से जुड़ा है। रविवार सायं छह बजे से सोमवार सायं छह बजे तक अक्षय तृतीया रहेगा।
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अक्षय तृतीया को लेकर सोमवार को बाजारों में लोग जमकर खरीदारी करेंगे। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन जो भी शुभ कार्य किया जाए, खरीदारी या दान पुण्य किया जाता है, उसका क्षय नहीं होता। इसी कारण से यह काफी महत्वपूर्ण भी है। इसी को लेकर सोमवार को बाजारों में जमकर खरीदारी होगी। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का कार्यक्रम होगा, जबकि इस दिन हवन यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। खुद कारोबारी मानते हैं कि अक्षय तृतीय पर अच्छा खासा कारोबार होता है और ऐसे में उम्मीद है कि इस दिन लाखों के गहने बिकेंगे।
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यह है महत्व
पंडित तिलक राज मैत्रेय के अनुसार अक्षय तृतीया का काफी धार्मिक महत्व है। इस दिन किए गए दान पुण्य, पूजा पाठ का जहां कई गुणा लाभ होता है। वहीं खरीदी गई वस्तु या शुरू किए गए कार्य का क्षय नहीं होता। इस दिन भगवान परशुराम का जन्म, सतयुग का शुभारंभ, वेद व्यास द्वारा भगवान गणेश के साथ महाभारत का लिखना शुरू करना, भगवान कृष्ण द्वारा अपने मित्र सुदामा का स्वागत से जुड़ा है। रविवार सायं छह बजे से सोमवार सायं छह बजे तक अक्षय तृतीया रहेगा।
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