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Ambala News: वैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर 22 साल बाद सरकार से मांगा मार्गदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। लगभग 22 साल के बाद नगर परिषद ने अवैध से वैध बनीं 13 कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए निकाय विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।
इस सुविधा के तहत वर्ष 2004 में स्वीकृत कॉलोनियों में आशियाने बनाने का सपना देख रहे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हाउस की बैठक में लाए गए मुद्दे के तहत अब यह प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस प्रक्रिया के सिरे चढ़ने से उन निवासियों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है जो पिछले दो दशकों से सरकारी फाइलों में उलझा हुआ था।
नगर परिषद के अनुसार, छावनी की 13 वैध कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की रजिस्ट्री से जुड़ी इस गंभीर समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत ऐसे सैकड़ों नागरिक हैं, जिन्होंने वर्षों पहले अपने प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था लेकिन तकनीकी कारणों या प्रशासनिक ढिलाई से अब तक उनके नाम रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। यह शुल्क 300 रुपये वर्ग गज के हिसाब से तय किया गया था।
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अंबाला। लगभग 22 साल के बाद नगर परिषद ने अवैध से वैध बनीं 13 कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए निकाय विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।
इस सुविधा के तहत वर्ष 2004 में स्वीकृत कॉलोनियों में आशियाने बनाने का सपना देख रहे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हाउस की बैठक में लाए गए मुद्दे के तहत अब यह प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस प्रक्रिया के सिरे चढ़ने से उन निवासियों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है जो पिछले दो दशकों से सरकारी फाइलों में उलझा हुआ था।
नगर परिषद के अनुसार, छावनी की 13 वैध कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की रजिस्ट्री से जुड़ी इस गंभीर समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत ऐसे सैकड़ों नागरिक हैं, जिन्होंने वर्षों पहले अपने प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था लेकिन तकनीकी कारणों या प्रशासनिक ढिलाई से अब तक उनके नाम रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। यह शुल्क 300 रुपये वर्ग गज के हिसाब से तय किया गया था।
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