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बेटियां को आवाज उठाने की दी सलाह
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सनातन धर्म कॉलेज छावनी में वूमेन सेल द्वारा बेटियां जस्टिस फॉर वुमेन विषय पर कैम्पेन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीजेएम डॉ. सुखदा प्रीतम मुख्यातिथि रही। मुख्यातिथि ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन से की और कहा कि न सिर्फ पिछड़े इलाके बल्कि कई पढ़े लिखे शिक्षित समाज के लोग भी भ्रूण
हत्या, लैंगिक असमानता जैसे जघन्य अपराधों का हिस्सा बनते हैं। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में समान रूप से भागीदारी ले रही हैं, चाहे खेल का क्षेत्र हो, राजनीति हो, घर हो, उद्योग हो या चाहे वो राष्ट्रपति का पद हो। वह हर जगह आसीन होकर देश की सेवा करती हैं। आज भी समाज में कई ऐसे लोग हैं जिनकी विचारधारा है कि बेटियां बोझ होती हैं, बेटियों की शिक्षा पर किया गया।
कॉलेज में न सिर्फ छात्राओं बल्कि महाविद्यालय से बाहर की महिलाओं के लिए भी एक शिकायत बॉक्स की स्थापना की गई। कॉलेज में महिला सशक्तिकरण विषय पर सिग्नेचर कैैम्पेन का भी आयोजन किया गया एवं वॉल पेंटिंग करवाई गई। वुमेन सेल के इस सत्र के सदस्यों द्वारा महिलाओं के उद्धार के लिए काम करते रहने की शपथ ग्रहण की गई। डॉ. आशुतोष अंगिरस, डॉ. नवीन गुलाटी और प्रो. हीना ने वूमेन सेल के पदाधिकारियों की बैच समारोह में बैच लगाए। कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को खुद आत्मनिर्भर बनना होगा तभी उन्हें इस पितृस्तात्मक समाज में उचित सम्मान प्राप्त होगा और छात्राओं से किसी भी घटना के होने पर चुप न रहने और उसके खिलाफ आवाज उठाने की सलाह दी। कॉलेज जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवीन गुलाटी ने महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहने और किसी भी प्रकार से अपने अधिकार और सपनों के साथ समझौता न करने की बात कही।
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हत्या, लैंगिक असमानता जैसे जघन्य अपराधों का हिस्सा बनते हैं। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में समान रूप से भागीदारी ले रही हैं, चाहे खेल का क्षेत्र हो, राजनीति हो, घर हो, उद्योग हो या चाहे वो राष्ट्रपति का पद हो। वह हर जगह आसीन होकर देश की सेवा करती हैं। आज भी समाज में कई ऐसे लोग हैं जिनकी विचारधारा है कि बेटियां बोझ होती हैं, बेटियों की शिक्षा पर किया गया।
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कॉलेज में न सिर्फ छात्राओं बल्कि महाविद्यालय से बाहर की महिलाओं के लिए भी एक शिकायत बॉक्स की स्थापना की गई। कॉलेज में महिला सशक्तिकरण विषय पर सिग्नेचर कैैम्पेन का भी आयोजन किया गया एवं वॉल पेंटिंग करवाई गई। वुमेन सेल के इस सत्र के सदस्यों द्वारा महिलाओं के उद्धार के लिए काम करते रहने की शपथ ग्रहण की गई। डॉ. आशुतोष अंगिरस, डॉ. नवीन गुलाटी और प्रो. हीना ने वूमेन सेल के पदाधिकारियों की बैच समारोह में बैच लगाए। कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को खुद आत्मनिर्भर बनना होगा तभी उन्हें इस पितृस्तात्मक समाज में उचित सम्मान प्राप्त होगा और छात्राओं से किसी भी घटना के होने पर चुप न रहने और उसके खिलाफ आवाज उठाने की सलाह दी। कॉलेज जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवीन गुलाटी ने महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहने और किसी भी प्रकार से अपने अधिकार और सपनों के साथ समझौता न करने की बात कही।
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