हंगामे के बीच प्रशासन ने लिया जमीन पर कब्जा

अंबाला Updated Tue, 26 Nov 2013 04:34 PM IST
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Adiministration Takes over the Encroached land

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अंबाला छावनी राय मार्केट के पीछे धोबी घाट के पास सरकार की करोड़ों रुपये की लीज लैंड सर्वे नंबर 164-डी पर किए गए अवैध कब्जे मामले में जिला प्रशासन ने सोमवार को हंगामे के बीच जमीन का कब्जा ले लिया।
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 सरकार की यह लीज लैंड कुल 4.25 एकड़ है, जिस पर अवैध कब्जे को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है और प्रशासन को इस केस में 24 फरवरी 2014 को जवाब देना है।
यह है मामला
सर्वे नंबर 164-डी सरकार की लीज लैंड है। इसे एक निजी ट्रस्ट को लीज पर दिया गया था। लेकिन लीज रद होने के बावजूद संबंधित ट्रस्ट ने इस जमीन से अपना कब्जा नहीं छोड़ा।

कब्जे की शिकायत को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है। बीते दिन हाईकोर्ट ने डीसी को नोटिस जारी कर 24 फरवरी 2014 को इस लीज लैंड सर्वे नंबर 164-डी का वर्तमान स्टेटस की रिपोर्ट तलब की है। इसी को लेकर डीसी अंबाला ने नगर निगम अफसरों को इस सरकारी लीज लैंड पर कब्जा लेने के आदेश दिए। जिसके चलते इस जमीन पर फेंसिंग लगा दी गई।

इसलिए हुआ हंगामा
लीज लैंड सर्वे नंबर 164-डी के बिल्कुल साथ ही एक और लीज लैंड सर्वे नंबर 164-सी मौजूद है। यह जमीन भी उसी निजी ट्रस्ट के कब्जे में हैं, जो सर्वे नंबर 164-डी की जमीन पर काबिज था। यहां संबंधित ट्रस्ट द्वारा एक प्राइवेट स्कूल चलाया जा रहा है।

जिसका रास्ता सर्वे नंबर 164-डी से ही होकर जा रहा है। अब फेंसिंग के दौरान जब प्रशासन ने पूरी जमीन पर कब्जा लेना चाहता, तो उन्होंने स्कूल के रास्ते में भी फेंसिंग लगानी शुरू कर दी। मगर ट्रस्टी और स्कूल का स्टाफ वहां इकट्ठा हो गया और उन्होंने स्कूल का रास्ता बंद करने का विरोध किया। मौके पर ईओ मनिंद्र व सुपरवाइजर अफसर केहर सिंह कादियान पहुंचे। स्कूल की टीचर्स ने उनके समाने विरोध जताया।

 जिस पर अफसरों ने इस बारे में डीसी से बात करने को कहा। शाम को स्कूल का स्टाफ और ट्रस्ट सदस्य डीसी से मिले और उन्होंने स्कूल का रास्ता छोड़ने जाने की गुहार लगाई।

 डीसी ने फिलहाल मौके देखने की बात कही। उधर, ट्रस्ट सदस्यों ने फरवरी 2011 का हाईकोर्ट का एक आदेश दिखाते हुए कहा कि उन्हे इस कार्रवाई से पहले नोटिस ही नहीं दिया गया।

जमीन से रास्ता देना मुश्किल, मौका देखूंगा: डीसी
डीसी केएम पांडुरंग के अनुसार प्रशासन ने अपनी कार्रवाई पूरी करके ये कदम उठाया है। ट्रस्टी यदि कह रहे हैं कि उन्हे नोटिस नहीं दिया गया तो यह गलत बात है।

हाईकोर्ट के आदेशानुसार पंद्रह दिन का  नोटिस देने को कहा था और पूर्व डीसी समीर पाल सरो ने पूरी कार्रवाई करते हुए 27 अक्तूबर 2011 को संबंधित ट्रस्ट को नोटिस जारी कर इस जमीन पर कब्जा होने से संबंधित दस्तावेज 15 दिन में जमा करवाने के आदेश दिए थे।

लेकिन ट्रस्ट ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए हैं। डीसी केएम पांडुरंग के अनुसार ये मामला हाईकोर्ट में चल रहा है और इस जमीन का स्टेट्स हाईकोर्ट को बताना है। उनके अनुसार पहले ही सर्वे नंबर 164-सी जमीन का केस हाईकोर्ट में पेडिंग है।

इसलिए सर्वे नंबर 164-डी की जमीन पर सरकार अपना कब्जा नहीं छोड़ सकती। उनके अनुसार वैसे तो सर्वे नंबर 164-डी की जमीन से सर्वे नंबर 164-सी में चल रहे स्कूल को रास्ता तो नहीं दिया जा सकता। स्कूल को अपना दूसरा विकल्प ढूंढना होगा। लेकिन फिर भी वह एक बार मौका देखेंगे। यदि सर्वे नंबर 164-डी से फेंसिंग हटवाई गई, तो पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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