फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   ACP 1.2 crores grant lapses

एसीपी की 1.20 करोड़ की ग्रांट लैप्स

Fri, 15 Nov 2013 12:02 AM IST
अंबाला
अंबाला Updated Fri, 15 Nov 2013 12:02 AM IST
विज्ञापन
ACP 1.2 crores grant lapses
एडेड स्कूलों के स्टाफ को करीब सोलह साल के संघर्ष के बाद कोर्ट ने शिक्षा विभाग को एसीपी का लाभ देने के आदेश दिए थे। इन्हीं आदेशों के चलते शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में एसीपी की ग्रांट भी भेजी। अंबाला में भी 34 एडेड स्कूलों के स्टाफ के लिए ये ग्रांट कोष कार्यालय के माध्यम से भेजी गई।
विज्ञापन


मगर हैरानी और जिला शिक्षा विभाग के अफसरों लापरवाही की बात यह रही कि जिला शिक्षा विभाग ने ये राशि कोष कार्यालय से समय रहते विद ड्रा ही नहीं किया और ये एसीपी की बकाया राशि वापस चली गई। ये राशि करीब 1.20 करोड़ रुपये की थी।
विज्ञापन


अब एडेड स्कूलों के स्टाफ ने हरियाणा शिक्षा विभाग के आला अफसरों को इस बारे में शिकायत की है।

एसीपी के तहत एडेड स्कूलों के शिक्षकों और स्टाफ को हर दस साल बाद स्पेशल इंक्रीमेंट लगाया जाता है। इस लाभ के लिए एडेड स्कूल के शिक्षकों ने 16 साल तक कोर्ट में लड़ाई लड़ी और अंतत: जीत भी हासिल हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने हरियाणा सरकार के एडेड स्कूलों के स्टाफ को एसीपी का लाभ देने के आदेश दिए। इसी के चलते हरियाणा शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में एसीपी की बकाया राशि जिला शिक्षा विभाग को भेजी और इसे एडिड स्कूलों के स्टाफ में बांटने के निर्देश दिए।

 मगर यहां अंबाला में जिला शिक्षा विभाग ने इस 1.20 करोड़ रुपये की राशि को कोष कार्यालय से जारी ही नहीं करवाया और वह वापस चला गया। इसी बात को लेकर शिक्षकों में अब काफी रोष व्याप्त है।

अंबाला में ही अफसरों ने दिखाई लापरवाही
एडेड स्कूल अध्यापक संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश बंसल, एसएस मान व शिव निवास तिवारी के अनुसार पूरे प्रदेश में लगभग सभी जिलों में जिला शिक्षा विभाग ने अपने अधीनस्थ एडेड स्कूलों के स्टाफ को एसीपी का लाभ दे दिया गया है।

मगर अंबाला ही ऐसा जिला है, जहां शिक्षा विभाग की लापरवाही की वजह से एसीपी की भेजी गई ग्रांट ही लैप्स हो गई। उनके अनुसार यहां शिक्षा विभाग ने इस कदर लापरवाही दिखाई की उसे ट्रेजरी आफिस से विद ड्रा ही नहीं करवाया।

जबकि सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि इस ग्रांट को बांटकर यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट उसे भेजा जाए। लेकिन यहां तो ग्रांट ही वापस चली गई। इसलिए वे लोग अब जल्द ही शिक्षा विभाग के महानिदेशक को मिलेंगे।


सैलरी ग्रांट में भी लेटलतीफी
शिक्षक नेता रमेश बंसल, एसएस मान, व शिव निवासी तिवारी के अनुसार एडेड स्कूलों की सैलरी चार तिमाही के हिसाब से आती है। लेकिन यहां तो अभी तक दूसरी तिमाही की ही सैलरी नहीं आई है। जिस वजह विभिन्न एडिड स्कूलों में स्टाफ को पिछले दो से तीन माह तक वेतन ही नहीं मिला।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed