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बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम देने वाले प्राचार्य और शिक्षकों की जवाबदेही
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अंबाला। बोर्ड की परीक्षाओं में जिन सरकारी स्कूलों का रिजल्ट तीस प्रतिशत से कम रहा है, उन स्कूलों के प्राचार्य और अध्यापकों की क्लास ली जाएगी। वहीं, सौ प्रतिशत वाले स्कूलों को प्रशंसा पत्र दिए जाएंगे। मंगलवार को उपायुक्त विक्रम सिंह ने कैंप ऑफिस में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में उपायुक्त ने असेस्मेट सेट और एनएएस, प्रोजेक्ट उड़ान, निपुण हरियाणा, ई-अधिगम के बारे में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इन विषयों पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कमरे कंडम हो चुके हैं, वहां नए कमरे बनाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उन्हें दें। उन्होंने जिन स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं, उनका प्रयोग करना सभी अध्यापकों को आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एनएएस रिजल्ट में जिन स्कूलों की परफॉर्मेंस खराब रही है, उसकी ओर विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त विक्रम सिंह ने ई-अधिगम योजना के तहत टैबलेट का कितने बच्चे और अध्यापक प्रयोग कर रहे हैं, इसके बारे में रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिला अग्रणी रहे। इसके लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी और अध्यापक मिलकर काम करें, ताकि बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट और अधिक बेहतर आए। शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बैठक में बताया कि जिले में 771 स्कूल हैं। इनमें 478 प्राइमरी, 138 मिडिल, 155 सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी हैं। स्कूलों में 3586 अध्यापक हैं।
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बैठक में उपायुक्त ने असेस्मेट सेट और एनएएस, प्रोजेक्ट उड़ान, निपुण हरियाणा, ई-अधिगम के बारे में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इन विषयों पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कमरे कंडम हो चुके हैं, वहां नए कमरे बनाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उन्हें दें। उन्होंने जिन स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं, उनका प्रयोग करना सभी अध्यापकों को आना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि एनएएस रिजल्ट में जिन स्कूलों की परफॉर्मेंस खराब रही है, उसकी ओर विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त विक्रम सिंह ने ई-अधिगम योजना के तहत टैबलेट का कितने बच्चे और अध्यापक प्रयोग कर रहे हैं, इसके बारे में रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिला अग्रणी रहे। इसके लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी और अध्यापक मिलकर काम करें, ताकि बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट और अधिक बेहतर आए। शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बैठक में बताया कि जिले में 771 स्कूल हैं। इनमें 478 प्राइमरी, 138 मिडिल, 155 सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी हैं। स्कूलों में 3586 अध्यापक हैं।
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