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प्रिंसिपल जयभगवान की कार डिवाइडर से टकराकर पल्टी, बिना आक्सीजन और ग्लूकोज लगाए कर दिया रेफर, मौत
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अंबाला सिटी। जनसूई सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल जयभगवान वर्मा की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह शुक्रवार दोपहर ढाई बजे स्कूल से छुट्टी के बाद ईस्माइलाबाद के लिए निकले थे। इसी बीच ठोल और ईस्माइलाबाद के बीच अजरावर के पास डिवाइडर से उनकी कार टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे के बाद उनकी कार थोड़ी उछली और खिड़की से निकलकर प्रिंसिपल सड़क पर आ गिरे। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने उन्हें ईस्माईलाबाद के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में भेजा। जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उन्हें न तो आक्सीजन लगाई गई न ग्लूकोज। रेफर होकर वह शहर जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे बताया जाता है कि यहां उनकी सांसें चल रही थी। डॉक्टर ने उन्हें टेटनेस का इंजेक्शन लगाने के बाद जैसे ही दर्द का टीका लगाया उन्होंने दम तोड़ दिया।
2017 से जनसूई में थे कार्यरत
बता दें कि जनसूई अंबाला-कुरुक्षेत्र के बॉर्डर से लगता है। यहां के राजकीय स्कूल में वह 2017 से बतौर प्रिंसिपल कार्यरत थे। इससे पहले कई वर्ष उन्होंने अंबाला छावनी के शाहपुर स्कूल में भी अपनी सेवाएं दी। वह 1993 से शिक्षा विभाग में बतौर इंग्लिश लेक्चरर सेवारत थे।
अस्पताल में बिलखते रहे बेटा-बेटी और पत्नी
जिला नागरिक अस्पताल में सूचना मिलते ही उनका बेटा जोकि बीटेक कर रहा है, बेटी और पत्नी पहुंचे। जैसे ही डाक्टरों ने प्रिंसिपल को मृत घोषित किया अस्पताल में मातम पसर गया। बेटा अभी कालेज से लौटा ही था। उसका रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी अस्पताल में खुद विलाप करते ह्रुए मां को सांत्वना देकर संभालती नजर आई। जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा सहित जनसूई सीनियर सेकेंडरी स्कूल का समस्त स्टाफ भी मौके पर पहुंचा और परिजनों को ढांढस बंधाया।
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प्रिंसिपल जयभगवान को जब यहां लाया गया न तो उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई थी न ग्लूकोज। कान से काफी खून निकल रहा था। एक बाजू टूटी थी और एक कोहनी। यदि ऑक्सीजन लगाई होती तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी।
डॉ. प्रतीक, ट्रामा सेंटर।
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2017 से जनसूई में थे कार्यरत
बता दें कि जनसूई अंबाला-कुरुक्षेत्र के बॉर्डर से लगता है। यहां के राजकीय स्कूल में वह 2017 से बतौर प्रिंसिपल कार्यरत थे। इससे पहले कई वर्ष उन्होंने अंबाला छावनी के शाहपुर स्कूल में भी अपनी सेवाएं दी। वह 1993 से शिक्षा विभाग में बतौर इंग्लिश लेक्चरर सेवारत थे।
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अस्पताल में बिलखते रहे बेटा-बेटी और पत्नी
जिला नागरिक अस्पताल में सूचना मिलते ही उनका बेटा जोकि बीटेक कर रहा है, बेटी और पत्नी पहुंचे। जैसे ही डाक्टरों ने प्रिंसिपल को मृत घोषित किया अस्पताल में मातम पसर गया। बेटा अभी कालेज से लौटा ही था। उसका रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी अस्पताल में खुद विलाप करते ह्रुए मां को सांत्वना देकर संभालती नजर आई। जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा सहित जनसूई सीनियर सेकेंडरी स्कूल का समस्त स्टाफ भी मौके पर पहुंचा और परिजनों को ढांढस बंधाया।
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प्रिंसिपल जयभगवान को जब यहां लाया गया न तो उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई थी न ग्लूकोज। कान से काफी खून निकल रहा था। एक बाजू टूटी थी और एक कोहनी। यदि ऑक्सीजन लगाई होती तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी।
डॉ. प्रतीक, ट्रामा सेंटर।