दादी मैं जा रही हूं, बॉय-बॉय...लिख छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, झकझोक देने वाली है कहानी
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दसवीं कक्षा की छात्रा नंदिनी ने वीरवार को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। 10 साल पहले हादसे में पिता की मौत के बाद मां भी उसे छोड़कर चली गई थी। तभी से नंदिनी परेशान थी। दादी ही उसका और उसके भाई की परवरिश कर रही थी। घटना के समय दादी कांता काम पर गई हुई थी। अंग्रेजी में एक लाइन का सुसाइड नोट लिखा कि दादी मैं जा रही हूं बॉय-बॉय। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया है।
तोपखाना चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजीत राय ने बताया कि सुबह उनके पास दिलीपगढ़ की न्यू बस्ती से किशोरी के आत्महत्या करने की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो नंदिनी फंदे पर लटकी थी। उसने अपनी चुन्नी से फंदा लगाया था। आत्महत्या से पहले उसने घर का दरवाजा बेंच लगाकर बंद किया था।
काफी देर तक जब वह नंदिनी बाहर नहीं निकली तो उसके भाई ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया था। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोला तो देखा कि नंदिनी छत से लटकी है। इसके बाद उसने शोर मचा दिया था।
मां के जाने के बाद परेशान थी छात्रा
दादी के अनुसार करीब दस साल पहले नंदिनी के पिता की हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मां भी उसे और छोटे भाई को छोड़कर चली गई। तभी से नंदिनी परेशान रहती थी। माता-पिता न होने के कारण उसकी मनोस्थिति पर गहरा असर पड़ा था। इसी कारण उसने मौत को गले लगा लिया।
छोटा-मोटा काम कर दादी ही दोनों की परवरिश कर रही थी। नंदिनी दिलीपगढ़ के ही एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। विलाप करती दादी ने बताया कि अब पोता ही उसके परिवार में बचा है। वह भी स्वस्थ नहीं रहता है।
मरने से पहले अंग्रेजी में नंदिनी ने दो लाइन का एक सुसाइड नोट छोड़ा है। उसने लिखा कि दादी मैं जा रही हूं बॉय बॉय। अभी तक की जांच में आत्महत्या की और कोई वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। - अजीत राय, चौकी प्रभारी, तोपखाना बाजार