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कानून मंत्रालय ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब

Thu, 01 Aug 2013 05:35 AM IST
Ambala
Ambala Updated Thu, 01 Aug 2013 05:35 AM IST
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अंबाला। छावनी के इंदिरा पार्क के साथ सटी सरकार की लीज लैंड सर्वे नंबर 164-सी (4.16 एकड़) और सर्वे नंबर 164 डी (4.25 एकड़) पर कब्जा करने के लिए बड़े स्तर पर किए गए फर्जीवाड़े पर कानून मंत्रालय भी सख्त हो गया है। कानून मंत्रालय के निदेशक ने इस फर्जीवाड़े के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर प्रदेश के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है।
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कानून मंत्रालय को भेजी शिकायत में छावनी के समाज सेवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक एमल शर्मा ने ने आरोप लगाए हैं कि इस फर्जीवाड़े में एक निजी ट्रस्ट के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते जनहित के लिए अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गई इन लीज की जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। इतना ही नहीं इस दौरान जो फर्जीवाड़े का खेल खेला गया, उसमें सभी कायदे और कानून ताक पर रख दिए गए।
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अंबाला कैंट एसीपी करेंगे जांच
शिकायत पर केंद्र सरकार के कानून मंत्रालय के निदेशक ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की जांच कराकर जवाब देने को कहा है। इसी के चलते चीफ सेक्रेेटरी ने भी फर्जीवाड़े का मामला पुलिस महानिदेशक को भेज दिया है। पुलिस महानिदेशक के आदेश पर मामले की जांच कैंट एसीपी करेंगे।
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‘अमर उजाला’ ने किया था फर्जीवाड़े का खुलासा

-अंबाला छावनी में लीज लैंड सर्वे नंबर 164-सी (4.16 एकड़) को अंग्रेजों ने फुटबाल का मैदान ‘राबर्ट पवेलियन’ बनाया था
-अंग्रेजों ने इस मैदान की देखरेख का जिम्मा एक निजी ट्रस्ट को दिया था
-आजादी के बाद ये जमीन सेना के अधीन आ गई और सेना ने ही इस मैदान को संबंधित ट्रस्ट को लीज पर दे दिया
-उस वक्त यह तय किया गया था कि ये जमीन फुटबाल का मैदान ही रहेगा
-बाद में सेना ने जमीन हरियाणा सरकार के हवाले कर दी
-लेकिन कुछ लोगों द्वारा एक नई निजी ‘ट्रस्ट सोसायटी’ बनाई और कागजों में इस जमीन की देखरेख करने वाले ‘ट्रस्ट’ ने इस जमीन को नई बनाई गई ‘ट्रस्ट सोसायटी’ को दान कर दिया

-इन जमीन पर निजी ट्रस्ट सोसायटी पर चहारदीवारी कर अपना कब्जा कर लिया और अंदर अवैध रूप से भवन निर्माण किया
-इसकी जांच सीएम फ्लाइंग स्कवायड दस्ते ने भी की और गड़बड़ियां उजागर हुई
-उधर, कब्जे के लिए सेना के रक्षा संपदा कार्यालय के जीएलआर रिकार्ड में भी हेरफेर करवा दिया गया
-सेना के रिकार्ड में छेड़छाड़ के चलते इस एक ही जमीन के पांच जनरल लैंड रिकार्ड (जीएलआर) की प्रतियां जारी करवा दी गई
-इन सभी रिकार्ड प्रतियों में इस एक ही जमीन को सरकार द्वारा ट्रस्ट को दिए जाने की लीज अवधि अलग-अलग दिखा दी गई, जांच चल रही है
-उधर, इस जमीन पर ट्रस्ट का कब्जा दिखाने के लिए अंबाला छावनी के सब रजिस्ट्रार कार्यालय का एक फर्जी लैंड सर्टिफिकेट भी बनवाया गया
-जांच में जिला राजस्व अधिकारी ने साबित कर दिया है कि ये लैंड सर्टिफिकेट जाली है, अब डीसी ने कार्रवाई के लिए डीसीपी को लिखा है।
-उधर, इस जमीन पर कब्जे से संबंधित हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय निदेशायल के निदेशक के फर्जी आदेश जारी करवाकर नगर परिषद में भिजवा दिए गए
-अंबाला पुलिस की जांच में निदेशायल के ये आदेश भी फर्जी निकले, केस दर्ज हो चुका है
-कैंट के समाज सेवी रिटायर्ड शिक्षक ने इस घपलेबाजी की जनहित याचिका हाईकोर्ट में लगा दी है और सीबीआई जांच की मांग की है

सर्वे नंबर 164-डी का फर्जीवाड़ा

-लीज लैंड सर्वे नंबर 164-डी, सर्वे नंबर 164-सी के साथ स्थित है
-इस जमीन को एक निजी ट्रस्ट को निगम के लीज शाखा के र्क्लक व अफसरों की मिलीभगत से जमीन को 814 रुपये सालाना लीज पर दिया हुआ दिखा दिया गया।
-हरियाणा शिक्षा विभाग के पास चल रही एक जांच में निजी ट्रस्ट ने इस जमीन पर बीडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चलता हुआ दिखा गया है, जबकि ये जमीन पूरी तरह खाली है, स्कूल कई और स्थित है
-निगम में इस जमीन से जुड़े तमाम दस्तावेज गायब हो गए हैं, जांच चल रही है
-शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव ने इस बारे में डीसी से जवाब तलब कर लिया है।
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