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Ambala News: 95 वर्षीय मनजीत कौर ने स्कूल में दी परीक्षा
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अंबाला सिटी। कहते हैं कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। ऐसा ही जज्बा रविवार को बुजुर्गों में देखने को मिला। मोहड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में जहां 95 वर्षीय मनजीत कौर ने परीक्षा दी तो इसी केंद्र पर बुजुर्ग पति-पत्नी सबो और बलवीर, रामकली और पाला राम ने भी परीक्षा दी। जो न केवल उनकी शिक्षा के प्रति प्रेम को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। उनकी इस प्रेरणादायक पहल ने सबको यह संदेश दिया कि हर किसी को अपनी क्षमताओं को पहचानने का मौका मिलना चाहिए।
वहीं, जिले में बुजुर्गों ने खुद ही लिखकर परीक्षा दी। परीक्षा देने के बाद स्टाफ सदस्यों ने उनके हौंसला की सराहना की।
हरियाणा राज्य में उल्लास कार्यक्रम के तहत दूसरी बार उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अंबाला के करीब 5 हजार 300 निरक्षर (लर्नर्स) ने परीक्षा दी। इस कार्यक्रम में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को उल्लास एप के माध्यम से पंजीकृत किया गया और उन्हें वालंटियर शिक्षक की ओर से पढ़ाया गया। वाॅलंटियर शिक्षक निरक्षर के ही परिवार से या उसके पड़ोस से ही कोई शिक्षित व्यक्ति या कक्षा आठवीं से ऊपर के छात्र को बनाया गया है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने राजकीय उच्च विद्यालय नंबर-7 का निरीक्षण किया और वहां के निरक्षर और वाॅलंटियर से कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। राज्य स्तरीय निरीक्षक के रूप में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ विपुल भटनागर ने अंबाला जिले के उल्लास समन्वयक कृष्ण पूनिया के साथ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खुड्डा कलां, सुभाष नगर, प्रेम नगर, सेक्टर-9, रतनगढ़ और नसीरपुर स्कूल का निरीक्षण किया।
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छह हजार 200 निरक्षर हुए थे सफल
राजकीय माध्यमिक स्कूल नसीरपुर के निरक्षर ने विपुल भटनागर और जिला समन्वयक कृष्ण पुनिया को हस्तनिर्मित कलाकृतियां भेंट की और उल्लास कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्हें अब शिक्षा हासिल करने का अवसर मिला है, जो हमें बचपन में नहीं मिल पाया था। पहली बार उल्लास कार्यक्रम के तहत बीते 22 सितंबर को परीक्षा हुई थी, जिसमें करीब छह हजार 200 निरक्षर सफल हुए थे। इस बार निरक्षर में और अधिक उत्साह को देखते हुए परीक्षा परिणाम बेहतर आने की उम्मीद है।
150 अंक की ली गई परीक्षा
परीक्षा 150 अंक की रही। जिसमें पढ़ना, लिखना और संख्यात्मक भाग रहे। हर भाग 50 अंक का रहा। उत्तीर्ण होने के लिए हर भाग में 17 अंक लेने जरूरी हैं। यह परीक्षा जिलेभर में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक राजकीय स्कूलों में करवाई गई।
ब्लॉक अनुसार लर्नर्स
अंबाला 1 = 1130
अंबाला 2 = 1440
नारायणगढ़ = 630
साहा = 750
शहजादपुर = 630
बराड़ा = 725
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वहीं, जिले में बुजुर्गों ने खुद ही लिखकर परीक्षा दी। परीक्षा देने के बाद स्टाफ सदस्यों ने उनके हौंसला की सराहना की।
हरियाणा राज्य में उल्लास कार्यक्रम के तहत दूसरी बार उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अंबाला के करीब 5 हजार 300 निरक्षर (लर्नर्स) ने परीक्षा दी। इस कार्यक्रम में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को उल्लास एप के माध्यम से पंजीकृत किया गया और उन्हें वालंटियर शिक्षक की ओर से पढ़ाया गया। वाॅलंटियर शिक्षक निरक्षर के ही परिवार से या उसके पड़ोस से ही कोई शिक्षित व्यक्ति या कक्षा आठवीं से ऊपर के छात्र को बनाया गया है।
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वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने राजकीय उच्च विद्यालय नंबर-7 का निरीक्षण किया और वहां के निरक्षर और वाॅलंटियर से कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। राज्य स्तरीय निरीक्षक के रूप में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ विपुल भटनागर ने अंबाला जिले के उल्लास समन्वयक कृष्ण पूनिया के साथ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खुड्डा कलां, सुभाष नगर, प्रेम नगर, सेक्टर-9, रतनगढ़ और नसीरपुर स्कूल का निरीक्षण किया।
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छह हजार 200 निरक्षर हुए थे सफल
राजकीय माध्यमिक स्कूल नसीरपुर के निरक्षर ने विपुल भटनागर और जिला समन्वयक कृष्ण पुनिया को हस्तनिर्मित कलाकृतियां भेंट की और उल्लास कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्हें अब शिक्षा हासिल करने का अवसर मिला है, जो हमें बचपन में नहीं मिल पाया था। पहली बार उल्लास कार्यक्रम के तहत बीते 22 सितंबर को परीक्षा हुई थी, जिसमें करीब छह हजार 200 निरक्षर सफल हुए थे। इस बार निरक्षर में और अधिक उत्साह को देखते हुए परीक्षा परिणाम बेहतर आने की उम्मीद है।
150 अंक की ली गई परीक्षा
परीक्षा 150 अंक की रही। जिसमें पढ़ना, लिखना और संख्यात्मक भाग रहे। हर भाग 50 अंक का रहा। उत्तीर्ण होने के लिए हर भाग में 17 अंक लेने जरूरी हैं। यह परीक्षा जिलेभर में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक राजकीय स्कूलों में करवाई गई।
ब्लॉक अनुसार लर्नर्स
अंबाला 1 = 1130
अंबाला 2 = 1440
नारायणगढ़ = 630
साहा = 750
शहजादपुर = 630
बराड़ा = 725